Karnataka Mobile Ban: कर्नाटक में 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के फोन पर लग सकता है बैन, तैयारी में सिद्धारमैया सरकार
कर्नाटक सरकार 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रही है. आईटी मंत्री प्रियांक खड़गे ने मानसिक स्वास्थ्य और साइबर सुरक्षा का हवाला देते हुए इस बड़े नीतिगत बदलाव के संकेत दिए हैं.
Karnataka Mobile Ban: कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार राज्य में 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए मोबाइल फोन के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की योजना बना रही है. शनिवार, 21 फरवरी को विधानमंडल सत्र के दौरान सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और जैव प्रौद्योगिकी मंत्री प्रियांक खड़गे ने इस संबंध में जानकारी दी. सरकार का मानना है कि सोशल मीडिया की लत, साइबर बुलिंग और अवैध ड्रग नेटवर्क से नाबालिगों को बचाने के लिए यह सख्त कदम उठाना अनिवार्य हो गया है.
जानें क्यों लगाना चाहती है बैन
सरकार का यह प्रस्ताव बाल अधिकार कार्यकर्ताओं और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के साथ हुई लंबी चर्चा के बाद सामने आया है. विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि किशोरों में 'डिजिटल निर्भरता' तेजी से बढ़ रही है. अत्यधिक स्क्रीन टाइम के कारण बच्चों में नींद की कमी, एंग्जायटी (चिंता) और शैक्षणिक प्रदर्शन में गिरावट जैसे गंभीर लक्षण देखे जा रहे हैं. यह भी पढ़े: Mobile Ban in Classroom: स्कूलों में मोबाइल फोन बैन, नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई; दक्षिण कोरियाई सरकार का बड़ा फैसला
मंत्री प्रियांक खड़गे ने स्पष्ट किया कि स्मार्टफोन तक अनियंत्रित पहुंच के कारण नाबालिगों का मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है. इसके अलावा, अपराधी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग करके मासूम बच्चों को वित्तीय धोखाधड़ी और सिंथेटिक ड्रग्स के जाल में फंसा रहे हैं.
सरकार का अध्ययन
अगर यह कानून लागू होता है, तो कर्नाटक भारत का पहला ऐसा राज्य होगा जो बच्चों के लिए मोबाइल के उपयोग को कानूनी रूप से प्रतिबंधित करेगा. राज्य सरकार इस दिशा में ऑस्ट्रेलिया के हालिया कानूनों और कुछ यूरोपीय देशों की 'फोन-मुक्त' नीतियों का अध्ययन कर रही है. सरकार का लक्ष्य एक ऐसा ढांचा तैयार करना है जो बच्चों की शिक्षा को प्रभावित किए बिना उनकी डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित कर सके.
सरकार की चुनौतियां और अगला कदम
हालांकि इस प्रस्ताव को अभिभावक-शिक्षक संघों का समर्थन मिल रहा है, लेकिन इसे लागू करना एक बड़ी चुनौती है. सरकार इस बात पर बहस कर रही है कि क्या यह प्रतिबंध केवल स्कूल परिसर तक सीमित होना चाहिए या इसे सोशल मीडिया अकाउंट रखने की उम्र तक विस्तारित किया जाना चाहिए.
प्रियांक खड़गे ने कहा, "हम तकनीक के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन हमें अपने बच्चों को डिजिटल दुनिया के शिकारी पहलुओं से बचाना होगा." सरकार जल्द ही तकनीकी कंपनियों और कानूनी विशेषज्ञों के साथ बैठकें करेगी ताकि एक ठोस कानूनी मसौदा तैयार किया जा सके.
डिजिटल डिटॉक्स की जरूरत
कर्नाटक के कई निजी और सरकारी स्कूलों में पहले से ही मोबाइल फोन पर आंशिक प्रतिबंध है. लेकिन प्रस्तावित कानून इसे एक व्यापक कानूनी जनादेश प्रदान करेगा. राज्य की बाल कल्याण समिति ने भी इस कदम का स्वागत किया है और कहा है कि महामारी के बाद के युग में बच्चों के स्वस्थ सामाजिक विकास के लिए 'डिजिटल डिटॉक्स' अत्यंत आवश्यक है.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 22, 2026 12:17 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

