Gujarat Shocker: गुजरात के सूरत में मंदिर में दो छात्राओं ने की आत्महत्या, ChatGPT पर सर्च किया था 'मौत का तरीका'
गुजरात के सूरत में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां दो कॉलेज छात्राओं ने मंदिर के शौचालय में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली. पुलिस जांच में सामने आया है कि छात्राओं ने आत्मघाती कदम उठाने से पहले चैटजीपीटी (ChatGPT) पर मौत के तरीके सर्च किए थे
Gujarat Shocker: गुजरात के सूरत स्थित डिंडोली इलाके से एक स्तब्ध करने वाली खबर सामने आई है. शनिवार, 7 मार्च को आत्मीय संस्कारधाम स्वामीनारायण मंदिर के शौचालय में दो कॉलेज छात्राओं के शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुए. इस घटना ने न केवल स्थानीय समुदाय को झकझोर दिया है, बल्कि युवाओं द्वारा एआई (AI) और इंटरनेट के खतरनाक इस्तेमाल पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
लापता होने के बाद मंदिर में मिले शव
मृतकों की पहचान 18 वर्षीय रोशनी शिरसाठ और 20 वर्षीय ज्योत्स्ना चौधरी के रूप में हुई है, जो बचपन की सहेलियां थीं. जानकारी के अनुसार, दोनों छात्राएं शुक्रवार, 6 मार्च की सुबह कॉलेज जाने के लिए घर से निकली थीं, लेकिन वापस नहीं लौटीं. परिजनों की शिकायत और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस ने उन्हें मंदिर परिसर तक ट्रैक किया. सीसीटीवी फुटेज में दोनों को शौचालय की ओर जाते देखा गया, जिसके बाद अंदर से दरवाजा बंद पाया गया. यह भी पढ़े: Gujarat Shocker: गिर सोमनाथ में BLO ने की आत्महत्या, चुनावी ड्यूटी का बोझ बना कारण; सुसाइड नोट में SIR का जिक्र
AI-इंटरनेट का घातक उपयोग
पुलिस की प्रारंभिक जांच में छात्राओं के स्मार्टफोन से चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) एन.पी. गोहिल ने पुष्टि की कि एक छात्रा ने एआई टूल 'चैटजीपीटी' (ChatGPT) का उपयोग करके "आत्महत्या कैसे करें" जैसे विषयों को सर्च किया था. इसके अलावा, उनके फोन में एक हालिया समाचार की कटिंग भी मिली, जिसमें एक नर्स द्वारा एनेस्थीसिया के जरिए आत्महत्या करने की खबर थी.
पुलिस का मानना है कि इन डिजिटल सर्च और समाचारों ने छात्राओं के लिए एक 'तकनीकी गाइड' का काम किया. फिलहाल दोनों के फोन फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) भेज दिए गए हैं ताकि उनके व्हाट्सएप चैट और विस्तृत सर्च हिस्ट्री निकाली जा सके.
घटनास्थल से बरामद हुई दवाइयां
फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से एनेस्थीसिया दवाओं की चार बोतलें, तीन इस्तेमाल किए गए इंजेक्शन और एक खाली सिरिंज बरामद की है. शुरुआती जांच के अनुसार, छात्राओं ने एनेस्थीसिया की घातक खुराक खुद को इंजेक्ट की थी. पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इन प्रतिबंधित मेडिकल दवाओं को छात्राओं ने कहां से और कैसे हासिल किया. संदेह है कि उन्होंने मेडिकल छात्र होने का झांसा देकर या किसी अन्य अनधिकृत माध्यम से इन्हें खरीदा होगा.
बैकग्राउंड और परिवार का बयान
रोशनी वाडिया विमेंस कॉलेज में बी.कॉम प्रथम वर्ष की छात्रा थी, जबकि ज्योत्स्ना उधना सिटीजन कॉलेज में द्वितीय वर्ष में पढ़ रही थी. परिजनों के अनुसार, दोनों के व्यवहार में तनाव का कोई स्पष्ट लक्षण नहीं था. वे हर दिन की तरह सामान्य रूप से कॉलेज के लिए निकली थीं. डिंडोली पुलिस अब इस दोहरी आत्महत्या के पीछे के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी है.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 08, 2026 12:21 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

