Mumbai Local: मुंबई लोकल में बिना टिकट यात्रा करने वालों को पड़ी महंगी, CR और वेस्टर्न रेलवे ने 2025-26 में वसूले ₹262 करोड़ जुर्माना
(Photo Credits ANI)

 Mumbai Local: मुंबई उपनगरीय रेल नेटवर्क पर बिना टिकट और अनियमित यात्रा करने वाले यात्रियों के खिलाफ रेलवे ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है. वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान मध्य (Central Railway) और पश्चिम रेलवे (Western Railway) ने संयुक्त रूप से जुर्माना शुल्क के रूप में ₹262 करोड़ की भारी भरकम राशि वसूल की है. चौंकाने वाली बात यह है कि तेजी से लोकप्रिय हो रही एसी लोकल ट्रेनों में भी बिना वैध टिकट यात्रा करने वालों से ₹7 करोड़ वसूले गए हैं.

पश्चिम रेलवे की वसूली में 42% का उछाल

पश्चिम रेलवे (WR) ने टिकट चेकिंग अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 के बीच लगभग 30 लाख उल्लंघन के मामले पकड़े गए. इससे रेलवे को ₹191 करोड़ से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है. पिछले वर्ष की तुलना में यह वसूली 42 प्रतिशत अधिक है, जो रेलवे की सख्त निगरानी और सघन चेकिंग अभियान को दर्शाता है. यह भी पढ़े: Viral Video: बिना टिकट यात्रा कर रहे यात्री को घसीटता और धक्का देता दिखा TTE, छिड़ी ऑनलाइन बहस

मध्य रेलवे के आंकड़ों पर एक नजर

मध्य रेलवे (CR) भी पीछे नहीं रहा है. वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान मध्य रेलवे ने अनियमित यात्रा के कुल 16.16 लाख मामले दर्ज किए. इन मामलों से जुर्माने के तौर पर ₹71.31 करोड़ की राशि सरकारी खजाने में जमा हुई है. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि स्टेशनों पर अचानक की जाने वाली चेकिंग और लंबी दूरी की ट्रेनों के साथ-साथ उपनगरीय नेटवर्क पर निगरानी बढ़ने से यह संभव हो पाया है.

एसी लोकल यात्रियों पर भी गिरी गाज

मुंबई में गर्मी बढ़ने के साथ एसी लोकल की मांग बढ़ी है, लेकिन इसके साथ ही बिना टिकट यात्रा करने वालों की संख्या में भी इजाफा हुआ है. पिछले एक साल में केवल एसी लोकल से ही ₹7 करोड़ का जुर्माना वसूला गया है. कई यात्री साधारण पास या टिकट होने के बावजूद एसी कोच में यात्रा करते पकड़े गए, जो रेलवे नियमों के विरुद्ध है.

रेलवे की अपील

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे हमेशा वैध टिकट लेकर ही यात्रा करें. जुर्माना बढ़ाने का उद्देश्य राजस्व कमाना नहीं, बल्कि उन ईमानदार यात्रियों के अधिकारों की रक्षा करना है जो टिकट खरीदकर यात्रा करते हैं. रेलवे आने वाले दिनों में डिजिटल टिकटिंग और एआई-आधारित निगरानी को और मजबूत करने की योजना बना रहा है ताकि बिना टिकट यात्रा पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके.