IAF Pilot Anuj Vashisht Funeral: असम के कार्बी आंगलोंग में सुखोई-30 MKI लड़ाकू विमान हादसे में शहीद हुए स्क्वाड्रन लीडर अनुज वशिष्ठ शनिवार, 7 मार्च 2026 को पंचतत्व में विलीन हो गए. हरियाणा के रोहतक जिले में स्थित उनके पैतृक गांव काकराणा में पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया. इस दुखद घड़ी में सबसे मार्मिक दृश्य तब देखने को मिला जब शहीद अनुज की मंगेतर, जो खुद भारतीय वायुसेना में एक पायलट हैं, ने नम आंखों से अपने साथी को विदा किया. उनके इस भावुक क्षण का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
वर्दी में दी मंगेतर को विदाई
शहीद अनुज वशिष्ठ की शादी के लिए घर में तैयारियां चल रही थीं और कुछ ही दिनों में शहनाइयां गूंजने वाली थीं. लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था. जिस मंगेतर को दुल्हन के लिबास में सजना था, वह शनिवार को अपनी वायुसेना की वर्दी में शहीद अनुज के अंतिम दर्शन करने पहुंचीं. तिरंगे में लिपटे अपने होने वाले जीवनसाथी को देखकर वह अपने आंसू नहीं रोक सकीं. इस दृश्य ने वहां मौजूद हर व्यक्ति और सोशल मीडिया पर वीडियो देखने वाले करोड़ों लोगों की आंखें नम कर दीं. यह भी पढ़े: IAF Pilot Anuj Vashisht Funeral: Su-30 MKI विमान दुर्घटना में शहीद हुए स्क्वाड्रन लीडर अनुज वशिष्ठ, मंगेतर व साथी पायलट ने नम आंखों से दी अंतिम विदाई; VIDEO
विमान दुर्घटना में शहीद हुए अनुज वशिष्ठ
She was supposed to receive him in a wedding sherwani in next few days..
But
Squadron Leader Anuj Vashisht came home wrapped in #tiranga..
MATA RANI gives strength to his parents, brother, fiancee, friends to bear this irreparable loss.#FreedomisnotFree a few pay #CostofWar. pic.twitter.com/dwVdff3E0t
— Vikas Manhas (@37VManhas) March 8, 2026
असम में हुआ हादसा
स्क्वाड्रन लीडर अनुज वशिष्ठ और उनके सह-पायलट फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुर्वेश दुर्गकर 5 मार्च 2026 को असम के जोरहाट एयरबेस से एक नियमित प्रशिक्षण मिशन पर थे. उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद, शाम लगभग 7:42 बजे विमान का रडार से संपर्क टूट गया. गहन तलाशी के बाद विमान का मलबा एयरबेस से 60 किलोमीटर दूर पहाड़ी इलाके में मिला. इस हादसे में दोनों जांबाज अधिकारियों ने अपनी जान गंवा दी. वायुसेना ने दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए 'कोर्ट ऑफ इंक्वायरी' के आदेश दिए हैं.
सैन्य परंपरा वाले परिवार से था नाता
अनुज वशिष्ठ एक ऐसे परिवार से आते थे जिसकी रगों में देशसेवा का जज्बा था. उनके पिता, आनंद कुमार, भारतीय सेना से सेवानिवृत्त सूबेदार हैं. पिता से प्रेरित होकर ही अनुज ने साल 2015 में वायुसेना ज्वाइन की थी. उनके छोटे भाई मनुज, जो ब्रिटेन (UK) में कार्यरत हैं, भाई की शहादत की खबर सुनकर तुरंत भारत पहुंचे और अंतिम संस्कार की रस्मों में शामिल हुए.
'शहीद अनुज अमर रहे' के नारों से गूंजा गांव
अंतिम यात्रा के दौरान हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उमड़ पड़े. 'शहीद अनुज वशिष्ठ अमर रहे' और 'भारत माता की जय' के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस क्षति पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्र इस कठिन समय में शोक संतप्त परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा है. अनुज की शहादत और उनकी मंगेतर का साहस देश के सैन्य परिवारों द्वारा दिए जाने वाले बलिदान का एक जीवंत उदाहरण बन गया है.













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