Pariksha Pe Charcha 2026: पीएम मोदी 9 फरवरी को सुबह 10 बजे फिर विद्यार्थियों से करेंगे संवाद, यूट्यूब चैनल और दूरदर्शन पर होगा लाइव प्रसारण
Pariksha Pe Charcha

नई दिल्ली, 8 फरवरी: परीक्षा पे चर्चा 2026 का दूसरा सत्र 9 फरवरी 2026 को सुबह 10 बजे लाइव प्रसारण के माध्यम से आयोजित किया जाएगा. यह वार्षिक कार्यक्रम प्रधानमंत्री के आधिकारिक यूट्यूब चैनल और दूरदर्शन पर लाइव दिखाया जाएगा, और इसे शिक्षा मंत्रालय की ओर से संचालित किया जा रहा है ताकि हर छात्र आसानी से इसमें शामिल हो सके. What Is Pariksha Pe Charcha: परीक्षा पे चर्चा क्या है? परीक्षा के तनाव को दूर करने का अनोखा मंच, जानिए उद्देश्य, इतिहास और महत्व

वहीं, दूसरे सत्र में भारत के छात्रों को एक साथ लाया गया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु, छत्तीसगढ़, गुजरात और असम के छात्रों से बातचीत की. इस सत्र में छात्रों की विभिन्न आवाजें सुनी गईं, अनुभव साझा किए गए, और परीक्षा की तैयारी में आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच बनाए रखने के लिए जरूरी सलाह दी गई.

इसके साथ ही प्रधानमंत्री बोर्ड परीक्षाओं में बैठने वाले छात्रों के साथ परीक्षा की तैयारी और दूसरी चुनौतियों से कैसे लड़ें, इससे जुड़ी सलाह देंगे. इस बार 'परीक्षा पे चर्चा' के 9वें एडिशन में 4.5 करोड़ से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हुए हैं. पहला एपिसोड 6 फरवरी को टेलीकास्ट हुआ था. इस सत्र में प्रधानमंत्री ने विद्यार्थियों के कई सवालों के जवाब दिए थे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक मिनट 19 सेकेंड का वीडियो साझा किया है, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी विद्यार्थियों से बात करते हुए दिखाई दे रहे हैं. इस वीडियो में पीएम विद्यार्थियों से भी सवाल कर रहे हैं, जिसका विद्यार्थी तेजी से जवाब दे रहे हैं.

वीडियो में बताया गया है कि इस बार परीक्षा पर चर्चा को नए रूप में लाया जा रहा है, जिसमें नई जगहों पर नए विद्यार्थियों से बात हो रही है. वीडियो में पीएम मोदी ने बताया, "मुझे बहुत सारे विद्यार्थियों ने सुझाव दिया था कि देश के विभिन्न स्थानों पर भी परीक्षा पर चर्चा होनी चाहिए, जिसको देखते हुए इसे शुरू किया गया है."

वहीं 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम साल 2018 में शुरू हुआ था. वर्ष 2023 में लगभग 38.8 लाख बच्चों ने ‘परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम में भाग लेने के लिए पंजीकरण कराया और यह 2024 में यह आंकड़ा बढ़कर 2.26 करोड़ हो गया था. 2025 में यह आंकड़ा 3.53 करोड़ तक पहुंच गया और ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड' बन गया. वहीं, नौवें संस्करण ने 4.5 करोड़ से अधिक पंजीकरण के साथ पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया.