What Is Pariksha Pe Charcha: परीक्षा पे चर्चा क्या है? परीक्षा के तनाव को दूर करने का अनोखा मंच, जानिए उद्देश्य, इतिहास और महत्व
Pariksha Pe Charcha

What Is Pariksha Pe Charcha: परीक्षा पे चर्चा भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य छात्रों को परीक्षा के तनाव से मुक्त करना और उन्हें सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है. यह एक इंटरएक्टिव कार्यक्रम है, जिसमें देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सीधे छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से संवाद करते हैं. बोर्ड परीक्षाओं का नाम सुनते ही लाखों छात्रों के मन में तनाव, डर और दबाव की भावना पैदा हो जाती है. अंकों की होड़, माता-पिता की अपेक्षाएं और करियर को लेकर असमंजस कई बार छात्रों को मानसिक रूप से कमजोर कर देता है. इसी चुनौती को समझते हुए केंद्र सरकार ने परीक्षा पे चर्चा की शुरुआत की. यह एक ऐसा राष्ट्रीय मंच है, जहां परीक्षा को डर नहीं बल्कि सीखने और आत्मविश्वास बढ़ाने का जरिया बनाने पर जोर दिया जाता है. Pariksha Pe Charcha 2026: पीएम मोदी से सवाल पूछने का मौका, परीक्षा पे चर्चा के लिए MyGov.in पर रजिस्ट्रेशन शुरू, जानें कौन कर सकता है आवेदन और क्या है अंतिम तारीख

परीक्षा पे चर्चा के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सीधे छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से संवाद करते हैं.  इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि छात्रों को मानसिक रूप से मजबूत बनाना, तनाव से निपटने के तरीके बताना और जीवन में संतुलन बनाए रखने की सीख देना है. हर साल बोर्ड परीक्षाओं से पहले आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम आज लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुका है, जो उन्हें यह भरोसा दिलाता है कि परीक्षा जीवन का अंत नहीं, बल्कि एक पड़ाव मात्र है.

परीक्षा पे चर्चा की शुरुआत कब हुई?

परीक्षा पे चर्चा की शुरुआत साल 2018 में हुई थी. इस कार्यक्रम को खास तौर पर बोर्ड परीक्षाओं से पहले आयोजित किया जाता है, ताकि छात्र मानसिक दबाव को कम कर सकें और परीक्षा को बोझ नहीं बल्कि एक अवसर के रूप में देखें. यह कार्यक्रम शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत आयोजित किया जाता है और हर साल इसका दायरा बढ़ता जा रहा है.

परीक्षा पे चर्चा का उद्देश्य क्या है?

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को यह समझाना है कि परीक्षा ही जीवन का सब कुछ नहीं होती. असफलता से डरने की जरूरत नहीं, आत्मविश्वास, समय प्रबंधन और अनुशासन सबसे बड़ी कुंजी हैं. प्रधानमंत्री छात्रों को सरल भाषा में बताते हैं कि कैसे तनाव, डर और अपेक्षाओं के दबाव से बाहर निकलकर बेहतर प्रदर्शन किया जा सकता है.

कार्यक्रम में क्या होता है?

परीक्षा पे चर्चा के दौरान देशभर से चुने गए छात्र प्रधानमंत्री से सीधे सवाल पूछते हैं. ये सवाल आमतौर पर परीक्षा का डर, पढ़ाई में एकाग्रता, समय प्रबंधन, करियर की चिंता, माता-पिता की अपेक्षाएं जैसे विषयों पर आधारित होते हैं. प्रधानमंत्री अपने अनुभवों और उदाहरणों के जरिए छात्रों को व्यावहारिक सलाह देते हैं, जिससे वे खुद को अकेला महसूस न करें.

छात्रों के साथ शिक्षक और अभिभावक भी शामिल

यह कार्यक्रम सिर्फ छात्रों तक सीमित नहीं है. इसमें शिक्षक और अभिभावक भी भाग लेते हैं. उन्हें यह समझाया जाता है कि बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें और उनकी क्षमताओं को पहचानकर सहयोगी भूमिका निभाएं.

डिजिटल और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से प्रसारण

परीक्षा पे चर्चा का सीधा प्रसारण टीवी चैनलों, रेडियो, YouTube और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किया जाता है, जिससे देश-विदेश के करोड़ों छात्र इसे देख और सुन सकें. कई बार इसमें विदेशों में रहने वाले भारतीय छात्र भी ऑनलाइन माध्यम से शामिल होते हैं.

छात्रों के लिए क्यों है खास?

आज के समय में परीक्षा के दबाव के कारण छात्रों में तनाव, चिंता और अवसाद जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं. परीक्षा पे चर्चा छात्रों को यह भरोसा दिलाता है कि वे अकेले नहीं हैं. सवाल पूछना कमजोरी नहीं है. सीखने की प्रक्रिया परीक्षा से कहीं बड़ी है. परीक्षा पे चर्चा केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने की एक राष्ट्रीय पहल है. यह शिक्षा को अंकों की दौड़ से निकालकर जीवन कौशल से जोड़ने का प्रयास है. यही वजह है कि हर साल लाखों छात्र इस कार्यक्रम का बेसब्री से इंतजार करते हैं.