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Shani Jayanti 2019: इस दिन मनाया जाएगा शनि देव का जन्मोत्सव, जानें पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि को शनि देव के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है. इसे 'शनि जयंती' भी कहा जाता हैं. इस साल 3 जून 2019 को सोमवार के दिन शनि जयंती मनाई जाएगी. सोमवार के दिन अमावस्या तिथि आने से इस दिन सोमवती अमावस्या भी मनाई जाएगी....

Shani Jayanti 2019: इस दिन मनाया जाएगा शनि देव का जन्मोत्सव, जानें पूजा विधि और शुभ मुहूर्त
शनि जयंती 2019: (Photo Credits: Facebook)

ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि को शनि देव के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है. इसे 'शनि जयंती' भी कहा जाता हैं. इस साल 3 जून 2019 को सोमवार के दिन शनि जयंती मनाई जाएगी. सोमवार के दिन अमावस्या तिथि आने से इस दिन सोमवती अमावस्या भी मनाई जाएगी. साथ ही इस दिन वट सावित्री का व्रत भी है. इसलिए 3 जून का दिन इस बार हिन्दुओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. शास्त्रों के अनुसार ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि पर सूर्य और छाया के पुत्र शनि का जन्म हुआ था. यमराज और यमुना शनिदेव के भाई-बहन हैं. शनि जयंती पर शनि की विशेष पूजा करनी चाहिए. सूर्य और चंद्रमा जब वृषभ राशि में होते है, तब शनि जयंती आती है. इस तिथि पर शनि हमेशा वक्र ही रहते हैं.

शनि जयंती के दिन शनिदेव का व्रत और पूजा करने से शनि के प्रकोप से बचा जा सकता है. अगर पहले से ही कोई शनि के प्रकोप को झेल रहा है तो शनि देव को प्रसन्न करने के लिए ये दिन खास हैं. शनि की साढ़े साती, ढैय्या या शनि की महादशा से परेशान लोगो के लिए यह दिन विशेष फल देने वाला होता है. आइए आपको बताते हैं शनिदेव की पूजा और उसके महत्व के बारे में..

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महत्व: 3 जून को मनाई जाने वाली शनि जयंती पर लोग भगवान शनि को प्रसन्न करने के उपाय करते हैं. इस दिन अमावस्या होने से व्रत भी किया जाता है. शनि मंदिरों में भारी भीड़ देखने को मिलती है. जिन लोगों की कुंडली में शनि संबंधी दोष चल रहा हो उन्हें इस दिन व्रत, पूजा-पाठ, शास्त्र के अनुसार उपाय आदि अवश्य करने चाहिए. ऐसा करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं और कुंडली में शनि दोषों को शांत करते हैं.

शनि जयंती पर करें ये काम: 

पीपल के पेड़ के नीचे शनिदेव की मूर्ति के पास तेल चढ़ाएं.

चीटियों को काला तिल और गुड़ खिलाएं.

चमड़े के जूते चप्पल गरीबों में दान करें.

पीपल के पेड़ में केसर, चन्दन, फूल आदि अपिर्त करके तेल का दीपक जलाएं.

यदि नीलम धारण किया हुआ है तो इसे शनि जयंती पर उतार दें.

इन मंत्रों का करें जाप: 

सूर्यपुत्रो दीर्घदेहो विशालाक्षः शिवप्रियः

मंदचार प्रसन्नात्मा पीड़ां हरतु में शनिः

नीलांजन समाभासं रवि पुत्रां यमाग्रजं

छाया मार्तण्डसंभूतं तं नामामि शनैश्चरम्।।

ॐ प्राँ प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः ॥

ओम शं शनैश्चराय नमः

ध्वजिनी धामिनी चैव कंकाली कलहप्रिया

कण्टकी कलही चाथ तुरंगी महिषी अजा।।

शं शनैश्चराय नमः 

ओम शं शनैश्चराय नमः।

कोणस्थ पिंगलो बभ्रु कृष्णौ रौद्रान्तको यमः।

सौरि शनैश्चरा मंद पिप्पलादेन संस्थितः।।

ओम शं शनैश्चराय नमः।

शुभ  मुहूर्त 2019: 

शनि जयंती तिथि - 3 जून 2019

अमावस्या तिथि आरंभ - 4 बजकर 39 मिनट (2 जून 2019)

अमावस्या तिथि समाप्त - 3 बजकर 31 मिनट (3 जून 2019)

शनिदेव बहुत ही न्यायप्रिय देवता है, यदि आप किसी से धोखा-धड़ी नहीं करते, किसी के साथ अन्याय नहीं करते, किसी पर कोई जुल्म अत्याचार नहीं करते, यानी आप किसी भी बुरे कामों में संलिप्त नहीं हैं तब आपको शनि से घबराने की कोई जरुरत नहीं है. क्योंकि शनिदेव अच्छे लोगों को कोई कष्ट नहीं देते.

(The above story first appeared on LatestLY on May 26, 2019 01:29 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).