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Shree Yantra Benefits: क्या है श्रीयंत्र एवं इसका महात्म्य? जानें यह कैसे मुक्ति दिलाता है आर्थिक संकटों एवं दरिद्रता से और किन बातों से रहें सावधान?

हिंदू धर्म शास्त्रों में महालक्ष्मी-यंत्र को अत्यधिक प्रभावशाली एवं शुभ यंत्रों में से एक माना गया है, जिसे लक्ष्मी का प्रतीक भी बताया जाता है. इस यंत्र का संबंध धन और समृद्धि की देवी लक्ष्मी से है. शुक्रवार के दिन इस यंत्र की स्थापना करने एवं नियमित पूजा करने से धन, प्रसिद्धि एव सफलता के मार्ग खुलते हैं.

Shree Yantra Benefits: क्या है श्रीयंत्र एवं इसका महात्म्य? जानें यह कैसे मुक्ति दिलाता है आर्थिक संकटों एवं दरिद्रता से और किन बातों से रहें सावधान?
देवी लक्ष्मी, (File Photo)

Shree Yantra Benefits: हिंदू धर्म शास्त्रों में महालक्ष्मी-यंत्र (Maha Lakshmi Yantra) को अत्यधिक प्रभावशाली एवं शुभ यंत्रों में से एक माना गया है, जिसे लक्ष्मी का प्रतीक भी बताया जाता है. इस यंत्र का संबंध धन और समृद्धि की देवी लक्ष्मी (Mata Lakshmi) से है. शुक्रवार के दिन इस यंत्र की स्थापना करने एवं नियमित पूजा करने से धन, प्रसिद्धि एवं सफलता के मार्ग खुलते हैं. ज्योतिषियों का मानना है कि यदि शुद्ध, सच्चे मन और आत्मा से इस यंत्र की पूजा की जाये तो सांसारिक खजाने से आपका भंडार भर सकता है. आइये जानें शुभ और लाभ के प्रतीक श्रीयंत्र (Shree Yantra) के संदर्भ में ज्योतिष शास्त्र क्या कहता है.

क्या है लक्ष्मी यंत्र?

लक्ष्मी यंत्र एक विशेष प्रकार की रेखांकित ज्यामितीय आकृति है, जो मन्त्रों का भौतिक स्वरूप होता है. किसी विशेष मंत्र या शक्ति को अगर स्वरूप में ढालते हैं तो इस यंत्र का निर्माण होता है. इस यंत्र में आकृति, रेखाओं और बिंदुओं का विशेष प्रयोग होता है. एक भी रेखा, आकृति अथवा बिंदु के गलत तरीके से चिह्नित किये जाने से अर्थ का अनर्थ हो सकता है, इसलिए श्रीयंत्र किसी प्रतिष्ठित स्थान से ही खरीदे जाने चाहिए. अमूमन श्रीयंत्र दो तरह के होते हैं, 1- रेखाओं एवं आकृतियों वाला यंत्र, 2- अंकों वाला यंत्र. अंकों वाले यंत्र की तुलना में आकृति वाले यन्त्र ज्यादा प्रभावशाली होते हैं.

श्रीयंत्र का महात्म्य?

सर्वविदित है कि सुख एवं समृद्धि पूर्ण जीवन के लिए लोग माँ लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करते हैं. लेकिन बहुत कम लोग ही जानते हैं कि मां लक्ष्मी कैसे प्रसन्न होती हैं और कब उनकी कृपा प्राप्त होती है. यहां ज्योतिषाचार्य श्रीयंत्र के शास्त्रार्थ विधि से उपयोग करने के उपाय बता रहे हैं, ताकि जीवन में सुख-शांति एवं ऐश्वर्य की प्राप्ति हो. यह भी पढ़ें: बुधवार को करें बुद्धि के देवता श्री गणेश जी को प्रसन्न! आपके खुशहाल जीवन से जुड़ेंगी ये आठ खुशियां!

ऐसे करें श्रीयंत्र का प्रयोग?

जो लोग श्रीयंत्र की पूजा मात्र धन के लिए करते हैं, उन्हें जानना चाहिए कि श्रीयंत्र केवल धन की प्राप्ति का माध्यम ही नहीं है बल्कि इसकी विधिवत पूजा एवं रखरखाव से मानसिक शांति एवं सुकून भी मिलता है. यंत्र का इस्तेमाल इस तरह से करें.

जहां आप पढ़ते हैं अथवा जो आपका कार्य स्थल है, उस स्थान विशेष पर उर्ध्वमुखी यंत्र स्थापित करें. इसके अलावा श्रीयंत्र को कैश बॉक्स, आलमारी, पूजा स्थल, लॉकर या खजानेव के कमरे में भी रखा जाता है. कोशिश करें कि रंगीन चित्र वाले श्रीयंत्र का ही इस्तेमाल करें. श्रीयंत्र को इस तरह से स्थापित करें कि ये आपकी आंखों के सामने प्रत्यक्ष नजर आये. यंत्र की ओर पीठ हरगिज नहीं करें. जिस जगह भी श्रीयंत्र रखें, वहां किंचित गंदगी नहीं होनी चाहिए. इससे आपको सुफल की प्राप्ति मिलने की संभावना खत्म हो जाती है.

श्रीयंत्र के लाभ

श्रीयंत्र को धन लाभ का सबसे सशक्त एवं प्रभावशाली यंत्र माना गया है. इस यंत्र के उपयोग से धन प्राप्ति के साथ-साथ शक्ति एवं अपूर्व सिद्धी की भी प्राप्ति होती है. इससे सम्पन्नता, समृद्धि एवं एकाग्रता प्राप्त होती है, साथ ही दरिद्रता दूर होती है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 09, 2021 01:25 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).