चीन की 'चेन' नाम की महिला को हुई एक ऐसी 'बीमारी', जो अब नहीं सुन पाती है पुरुषों की आवाज
डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार चीन के जियामेन में रहने वाली महिला जिसका नाम चेन है. उसे इस बीमारी का पता तब चला जब एक दिन उसे अपने दोस्त की आवाज अचानक से सुनाई देना बंद हो गई.
चीन की रहने वाली चेन (Chen) नाम की एक महिला एक ऐसी बीमारी से जुझ रही गई. जिसके बारे में आपको सुनकर थोडा सा आश्चर्य होगा. लेकिन यह हकीकत है, दरअसल उसे एक ऐसी बीमारी हुई है. जिस बीमारी के अंतर्गत उसे सिर्फ महिलाओं की आवाज सुनाई देती है. लेकिन पुरुषों की आवाज सुनाई नहीं देती है. विशेषज्ञों के अनुसार यह बीमारी कान की समस्या से जूझ रहे 13 हजार लोगों में एक को होती है. इसे रिवर्स स्लोप हियरिंग लॉस (Reverse-slope hearing loss) कहते हैं. इस बीमारी को होने के पीछे प्रमुख कारणों में से एक तनाव का कारण भी हो सकता है.
डेली मेल के रिपोर्ट के अनुसार चीन के जियामेन में रहने वाली महिला जिसका नाम चेन है. उसे इस बीमारी का पता तब चला जब एक दिन उसे अपने दोस्त की आवाज अचानक से सुनाई देना बंद हो गई. उसके साथ ऐसा होने पर वह कुछ समय के लिए हैरान रह गई. लेकिन थोड़ी देर बाद देखा की उसे महिलाओं की आवाज सुनाई दे रही है. जिसके बाद परिवार वाले महिला को लेकर अस्पताल ले गए. जहां जांच के बाद दुर्लभ बीमारी रिवर्स स्लोप हियरिंग लॉस का पता चला. यह भी पढ़े: खुलासा: इस गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे प्रियंका चोपड़ा के मंगेतर निक जोनस, खुद बताई सच्चाई
क्या है दुर्लभ बीमारी
बता दें कि यह एक तरह से रिवर्स स्लोप हियरिंग लॉस (Reverse-slope hearing loss) कान से जुड़ी बीमारी है जो ज्यादातर पुराने कान के रोगियों में देखी जाती है. ऐसा तब होता जब बीमारी के कारण कम आवृत्ति यानी धीमी आवाज सुनने में दिक्कत आती है. लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि आवाजों को सुनने की क्षमता को एक ग्राफ की मदद से समझा जाता है, इसे ऑडियोग्राम कहा जाता है. यह आमतौर पर बहरेपन के ज्यादातर मामलों में मरीजों को हाई फ्रीक्वेंसी की आवाज सुनने में परेशानी होती है. लेकिन इस स्थिति में ऑडियोग्राम पर बनने वाला ग्राफ हाई पिच की आवाज के साथ नीचे गिरता जाता है. लो फ्रीक्वेंसी ना सुनाई देने के मामले में यह स्लोप ढलने की बजाय ऊपर चढ़ता दिखाई देता है, इसीलिए इसका नाम रिवर्स स्लोप हियरिंग लॉस रखा गया. इससे जूझ रहे मरीज इंसानों की सामान्य आवाज के अलावा लो फ्रीक्वेंसी साउंड भी नहीं सुन पाते. यह भी पढ़े: ब्रेस्ट कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचना है तो आज ही से अपनी इस आदत को कह दीजिए अलविदा
वहीं जांच से जुड़े एक्सपर्ट का कहना है कि सामान्यत: पुरुषों की आवाज लो फ्रीक्वेंसी और महिलाओं की आवाज हाई फ्रीक्वेंसी की होती है. हालांकि इस समस्या से जूझ रहे लोग हाई फ्रीक्वेंसी आवाज वाले पुरुषों की आवाज सुन सकते हैं और लो फ्रीक्वेंसी आवाज वाली महिलाओं की आवाज नहीं सुन सकते.
इन कारणों से होती है यह बीमारी
यह बीमारी तनाव के अलावा कान संबंधी बीमारी मेनियर, जेनेटिक डिसऑर्डर, वायरल इन्फेक्शन, किडनी फेलियर और हायपरटेंशन के कारण हो सकती है. सुनने में समस्या वाले 13 हजार लोगों में से किसी एक व्यक्ति को यह बीमारी होती है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 12, 2019 07:29 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

