देश

Sudden Death Risk And COVID Vaccine: कोरोना वैक्सीन से हो रही अचानक मौत? संसद में पेश हुई ICMR रिसर्च में बड़ा खुलासा

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने बताया कि ICMR की स्टडी से स्पष्ट हुआ है कि कोरोना वैक्सीन से युवाओं और वयस्कों की अचानक मौत का खतरा नहीं बढ़ा है, बल्कि इसकी संभावना कम होती है.

Sudden Death Risk And COVID Vaccine: कोरोना वैक्सीन से हो रही अचानक मौत? संसद में पेश हुई ICMR रिसर्च में बड़ा खुलासा

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने राज्यसभा में बताया कि इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) की स्टडी के अनुसार, कोरोना वैक्सीन लगवाने से युवाओं और वयस्कों में अचानक मौत का खतरा नहीं बढ़ता. वास्तव में, शोध में पाया गया है कि वैक्सीन लेने से ऐसी मौतों की संभावना कम हो जाती है. यह रिसर्च 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 47 अस्पतालों में की गई, जिसमें 729 अचानक हुई मौतों और 2916 हार्ट अटैक के मामलों का विश्लेषण किया गया.

रिसर्च के मुख्य निष्कर्ष 

वैक्सीनेशन का सकारात्मक प्रभाव

कोरोना वैक्सीन की कम से कम एक या दो डोज लेने से बिना किसी स्पष्ट कारण के अचानक मौत की संभावना काफी हद तक कम होती है.

अचानक मौतों के कारण 

शोध में पाया गया कि कोविड-19 अस्पताल में भर्ती रहना, परिवार में अचानक मृत्यु का इतिहास, अत्यधिक शराब का सेवन, नशीली दवाओं का उपयोग, और अत्यधिक शारीरिक गतिविधियां (जैसे जिम में वर्कआउट) ऐसी मौतों के जोखिम को बढ़ाने वाले कारक हैं.

AEFI निगरानी प्रणाली 

वैक्सीनेशन के बाद साइड इफेक्ट्स पर नजर रखने के लिए 'एडवर्स इवेंट फॉलोविंग इम्यूनाइजेशन' (AEFI) प्रणाली लागू की गई है. टीकाकरण के बाद व्यक्ति को 30 मिनट तक निगरानी में रखा जाता है, और एनाफिलेक्सिस किट उपलब्ध कराई जाती है.

सुप्रीम कोर्ट और कोविड वैक्सीन विवाद 

कोविड वैक्सीन के साइड इफेक्ट का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था. हालांकि, अदालत ने इन याचिकाओं को "सनसनी फैलाने वाला" करार देते हुए खारिज कर दिया. इस दौरान ब्रिटिश कंपनी एस्ट्राजेनेका ने माना कि उनकी वैक्सीन से दुर्लभ मामलों में ब्लड क्लॉट्स जैसी समस्याएं हो सकती हैं.

भारत में कोविशील्ड का प्रदर्शन 

भारत में कोविशील्ड वैक्सीन के साइड इफेक्ट का कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है. सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने इसके सुरक्षित होने का दावा किया है.

सरकार का संदेश 

स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि वैक्सीनेशन से डरने की जरूरत नहीं है. सरकार जागरूकता फैलाने के लिए सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों का इस्तेमाल कर रही है. ICMR की इस स्टडी ने लोगों में फैली भ्रांतियों को दूर कर एक बार फिर यह साबित किया है कि कोविड वैक्सीन न केवल सुरक्षित है, बल्कि जीवन बचाने में मददगार भी है.

कोविड-19 वैक्सीन को लेकर फैली गलतफहमियों के बावजूद, ICMR की रिसर्च ने यह स्पष्ट किया है कि यह वैक्सीन सुरक्षित और प्रभावी है. इसलिए, स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार वैक्सीनेशन कराने में कोई संकोच नहीं करना चाहिए.

(The above story first appeared on LatestLY on Dec 11, 2024 08:42 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).