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Angarki Chaturthi 2026: महाराष्ट्र के जालना में अंगारकी चतुर्थी पर राजुरेश्वर मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, 251 किलोग्राम केसर आमों से की गई सजावट; देखें VIDEO

महाराष्ट्र के जालना जिले में स्थित सुप्रसिद्ध श्री क्षेत्र राजुरेश्वर गणपति मंदिर में आज अंगारकी चतुर्थी का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है. इस विशेष अवसर पर भगवान गणेश की मूर्ति और गर्भगृह को 251 किलो 'केसर' आमों से सजाया गया है.

Angarki Chaturthi 2026: महाराष्ट्र के जालना में अंगारकी चतुर्थी पर राजुरेश्वर मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब,  251 किलोग्राम केसर आमों से की गई सजावट; देखें VIDEO
(Photo Credits ANI)

 Angarki Chaturthi: महाराष्ट्र के जालना जिले में स्थित सुप्रसिद्ध श्री क्षेत्र राजुरेश्वर गणपति मंदिर (Rajureshwar Ganapati Temple) में आज अंगारकी चतुर्थी का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है. इस विशेष अवसर पर भगवान गणेश की मूर्ति और गर्भगृह को 251 किलो 'केसर' आमों से सजाया गया है. मंदिर के इस मनोरम दृश्य और भक्तों की भारी भीड़ का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें श्रद्धालु भक्ति के सागर में डूबे नजर आ रहे हैं.

आस्था और आमों का अनूठा संगम

ज्येष्ठ मास की इस अंगारकी चतुर्थी पर मंदिर प्रशासन द्वारा की गई यह विशेष सजावट आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. केसर आमों की भीनी खुशबू और गणपति बप्पा के दिव्य रूप ने मंदिर परिसर को एक अलग ही ऊर्जा से भर दिया है. मान्यता है कि अंगारकी चतुर्थी के दिन गणपति दर्शन से पूरे वर्ष की चतुर्थी का फल प्राप्त होता है, यही कारण है कि आज तड़के से ही मंदिर के बाहर भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई हैं.

अंगारकी चतुर्थी पर राजुरेश्वर मंदिर में उमड़ा आस्था का सैला

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

X पर वायरल हुए वीडियो में देखा जा सकता है कि मंदिर परिसर में 'गणपति बप्पा मोरया' के जयघोष गूंज रहे हैं. वीडियो में आमों से की गई भव्य सजावट और श्रद्धालुओं का उत्साह साफ दिखाई दे रहा है. कई यूजर्स ने इस वीडियो को साझा करते हुए इसे आस्था और प्रकृति का सुंदर मेल बताया है. प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन में कोई असुविधा न हो.

राजुरेश्वर मंदिर का धार्मिक महत्व

जालना के भोकरदन तालुका में स्थित राजुरेश्वर गणपति मंदिर को महाराष्ट्र के ढाई शक्तिपीठों में से एक 'पूर्ण शक्तिपीठ' माना जाता है. गणेश पुराण के अनुसार, यह स्थान गणपति का 'नाभि स्थान' है. ऐतिहासिक रूप से भी इस मंदिर का गहरा महत्व है, जिससे मराठा काल और उससे पहले के कई संदर्भ जुड़े हुए हैं. हर महीने की संकष्टी चतुर्थी पर यहाँ हजारों लोग आते हैं, लेकिन अंगारकी चतुर्थी पर यह संख्या लाखों में पहुँच जाती है.

भक्तों के लिए विशेष व्यवस्था

मंदिर संस्थान की ओर से आए हुए भक्तों के लिए महाप्रसाद और पानी की व्यवस्था की गई है. स्थानीय पुलिस और स्वयंसेवकों की टीम यातायात और दर्शन कतारों को सुचारू रूप से चलाने में जुटी है. शाम को चंद्रोदय के समय विशेष पूजा और आरती का आयोजन किया जाएगा, जिसके बाद भक्त अपना उपवास खोलेंगे. मंदिर की इस अनोखी सजावट को देखने के लिए जालना के अलावा पड़ोसी जिलों जैसे औरंगाबाद (छत्रपति संभाजीनगर) और बुलढाणा से भी बड़ी संख्या में लोग पहुँच रहे हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on May 05, 2026 09:47 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).