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क्या है ‘जूम चैलेंज’? केंद्र सरकार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्लेटफार्म बनाने के लिए देगी 1 करोड़ रुपये

भारत सरकार ने स्वदेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्लेटफ़ॉर्म का निर्माण करने की जोरशोर से तैयारी कर रही है. दरअसल कुछ समय पहले ही सरकार ने पॉपुलर जूम (Zoom) ऐप को सुरक्षित नहीं बताते हुए आधिकारिक कार्यों में इसका इस्तेमाल नहीं करने के लिए कहा था.

क्या है ‘जूम चैलेंज’? केंद्र सरकार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्लेटफार्म बनाने के लिए देगी 1 करोड़ रुपये
सोशल मीडिया (Photo Credits: IANS)

नई दिल्ली: भारत सरकार ने स्वदेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्लेटफ़ॉर्म का निर्माण करने की जोरशोर से तैयारी कर रही है. दरअसल कुछ समय पहले ही सरकार ने पॉपुलर जूम (Zoom) ऐप को सुरक्षित नहीं बताते हुए आधिकारिक कार्यों में इसका इस्तेमाल नहीं करने के लिए कहा था. जिसके बाद से केंद्र सरकार स्थानीय विशेषज्ञता को बढ़ावा देने, गोपनीयता और डेटा हैंडलिंग के लिए अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने के मकसद से इंडियन स्टार्टअप कंपनियों से खुद का विडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्लैटफॉर्म तैयार करवाना चाहती है.

मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स ऐंड इन्फॉर्मेशन टेक्नॉलजी (MeitY) इंडियन स्टार्टअप कंपनियों से चाहती है कि ऐसा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्लेटफ़ॉर्म बनाया जाए जो सभी विडियो रेजॉलूशंस, ऑडियो क्वॉलिटी के साथ ही हर स्मार्टफोन में काम करें. साथ ही प्लैटफॉर्म पर कई लोग एक साथ हाई और लो दोनों नेटवर्क में जुड़ सके. इसके लिए रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख 30 अप्रैल है. जिसमें से टॉप 10 को चुना जाएगा, प्राथमिक तौर पर प्लैटफॉर्म बनाने के लिए 5-5 लाख रुपये दिए जाएंगे. Zoom App की मदद से रीति-रिवाज के साथ जयपुर में हुई शादी, 3 देशों से शामिल हुए मेहमान

इसके बाद अलग-अलग स्तर पर 20 लाख और अंत में बचे तीन में से सबसे अच्छा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्लेटफ़ॉर्म बनाने वाले को 1 करोड़ रुपये दिए जाएंगे. साथ ही MeitY हर साल प्लेटफ़ॉर्म की देखरेख के लिए 10 लाख रुपये देगी.

उधर, विवादों में घिरी वीडियो कांफ्रेंसिंग सुविधा प्रदाता कंपनी जूम ने कहा कि वह केंद्रीय गृह मंत्रालय से बातचीत कर रही है और वह मंत्रालय को सभी आवश्यक सूचनाएं मुहैया कराएगी. जूम अपनी ओर से भी कंपनी डेटा को हैक होने से बचाने और किसी व्यक्ति द्वारा वीडियो कांफ्रेंसिंग कॉल में जबरन घुसपैठ करने यानी ‘‘जूमबॉम्बिंग’’ को रोकने के लिए कड़े कदम उठा रही है.

कोरोना वायरस महामारी पर काबू के लिए केंद्र सरकार द्वारा घोषित देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान घर से काम करने वाले लोगों और अधिकारियों के लिए जूम एक लोकप्रिय ऐप बन गया. बीते गुरुवार को सरकार ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि ज़ूम एक सुरक्षित मंच नहीं है. यह निर्देश उन लोगों की सुरक्षा के लिए जारी किए गए हैं जो अब भी व्यक्तिगत मकसदों के लिए इस मंच का उपयोग करते हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 20, 2020 09:31 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).