Prateek Yadav-Aparna Divorce: अखिलेश यादव के सौतेले भाई प्रतीक यादव ने अपर्णा से किया तलाक का ऐलान, जानें उनके बारे में
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Prateek Yadav-Aparna Divorce:  उत्तर प्रदेश के सबसे चर्चित राजनीतिक परिवार 'यादव परिवार' से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. समाजवादी पार्टी के संरक्षक दिवंगत मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव ने अपनी पत्नी और भाजपा नेता अपर्णा यादव से अलग होने का ऐलान किया है. सोमवार, 19 जनवरी 2026 को प्रतीक यादव ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर एक भावुक और तीखी पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने इस रिश्ते को खत्म करने की बात कही है. इस खुलासे ने उत्तर प्रदेश के राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है.

इंस्टाग्राम पोस्ट में लगाए गंभीर आरोप

प्रतीक यादव ने सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट में काफी कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया है. उन्होंने लिखा, "मैं इस स्वार्थी महिला को जल्द से जल्द तलाक देने जा रहा हूं. उसने मेरे पारिवारिक रिश्तों को बर्बाद कर दिया. वह केवल मशहूर और प्रभावशाली बनना चाहती है. यह भी पढ़े: UP Elections: मुलायम यादव की बहू अपर्णा और पत्नी साधना ने नहीं डाला वोट, जानें वजह

प्रतीक ने आगे अपनी मानसिक स्थिति का जिक्र करते हुए लिखा कि वह वर्तमान में काफी चुनौतीपूर्ण समय से गुजर रहे हैं और उन्हें अपनी पत्नी से कोई सहयोग नहीं मिल रहा है. हालांकि, अपर्णा यादव की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

कौन हैं प्रतीक यादव?

प्रतीक यादव मुलायम सिंह यादव और उनकी दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के पुत्र हैं. अपने बड़े भाई अखिलेश यादव के विपरीत, प्रतीक ने कभी भी सक्रिय राजनीति में कदम नहीं रखा. उन्होंने अपनी पहचान एक सफल व्यवसायी के रूप में बनाई है.

  • शिक्षा: प्रतीक ने ब्रिटेन की लीड्स यूनिवर्सिटी (Leeds University) से उच्च शिक्षा प्राप्त की है.

  • व्यवसाय: वह लखनऊ में एक प्रीमियम जिम चैन के मालिक हैं और रियल एस्टेट सेक्टर में बड़े निवेशक माने जाते हैं.

  • जीवनशैली: प्रतीक अपनी लग्जरी लाइफस्टाइल और फिटनेस के प्रति जुनून के लिए जाने जाते हैं. 2017 में उनकी 5 करोड़ रुपये की लैम्बोर्गिनी कार काफी चर्चा में रही थी.

अपर्णा यादव का राजनीतिक सफर

अपर्णा यादव ने 2011 में प्रतीक यादव से शादी की थी. वह 2017 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर लखनऊ कैंट से विधानसभा चुनाव लड़ चुकी हैं. हालांकि, 2022 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया था. वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं.

 

पारिवारिक और कानूनी स्थिति

यादव परिवार में पिछले कुछ वर्षों से राजनीतिक विचारधाराओं को लेकर मतभेद की खबरें आती रही हैं, लेकिन यह पहली बार है जब परिवार के किसी सदस्य ने सार्वजनिक मंच पर व्यक्तिगत संबंधों में दरार की बात स्वीकार की है. हालांकि प्रतीक की पोस्ट में कानूनी कार्यवाही का जिक्र है, लेकिन अभी तक किसी भी पक्ष ने औपचारिक रूप से कोर्ट में तलाक की अर्जी दाखिल करने की पुष्टि नहीं की है.