Alankar Agnihotri’s Resignation Row: उत्तर प्रदेश के बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात पीसीएस (PCS) अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे के बाद प्रदेश में राजनीतिक तापमान बढ़ गया है. सोमवार को गणतंत्र दिवस के मौके पर इस्तीफा देने वाले अग्निहोत्री को राज्य सरकार ने 'कदाचार और अनुशासनहीनता' के आरोप में निलंबित कर दिया है. वहीं, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लेकर योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है और इसे सरकारी तंत्र में बढ़ते वैचारिक असंतोष का संकेत बताया है
सरकार की कार्रवाई
उत्तर प्रदेश के नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग ने अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे को सेवा नियमों का उल्लंघन मानते हुए स्वीकार नहीं किया है. सरकार ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और इस दौरान उन्हें शामली जिलाधिकारी कार्यालय से संबद्ध (Attach) किया गया है. बरेली के मंडलायुक्त को इस मामले की विभागीय जांच सौंप दी गई है. सरकारी सूत्रों का कहना है कि किसी भी लोक सेवक का सार्वजनिक रूप से सरकार के खिलाफ पोस्टरबाजी करना अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है. यह भी पढ़े: VIDEO: उत्तर प्रदेश पीसीएस अधिकारी Alankar Agnihotri कौन हैं? स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विवाद के बीच बरेली सिटी मजिस्ट्रेट के पद से क्यों दिया इस्तीफा?
विपक्ष ने बनाया चुनावी मुद्दा
अग्निहोत्री के इस्तीफे ने विपक्ष को सरकार के खिलाफ एक बड़ा हथियार दे दिया है. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने आरोप लगाया है कि बीजेपी राज में अधिकारियों पर अपनी अंतरात्मा के खिलाफ काम करने का दबाव बनाया जा रहा है. विपक्ष ने इसे 'ब्राह्मण विरोधी' विचारधारा बताते हुए मांग की है कि अधिकारी द्वारा उठाए गए मुद्दों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.
सामाजिक संगठनों की लामबंदी
अधिकारी के समर्थन में बरेली और आसपास के इलाकों में ब्राह्मण संगठन सड़कों पर उतर आए हैं. 'यूजीसी हटाओ, देश बचाओ' जैसे नारों के साथ प्रदर्शन किए जा रहे हैं. संगठनों का कहना है कि एक उच्च शिक्षित अधिकारी (IIT-BHU स्नातक) का अपना करियर दांव पर लगाकर इस्तीफा देना यह दर्शाता है कि प्रशासनिक व्यवस्था के अंदर सबकुछ ठीक नहीं है.













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