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VIDEO: उत्तर प्रदेश पीसीएस अधिकारी Alankar Agnihotri कौन हैं? स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विवाद के बीच बरेली सिटी मजिस्ट्रेट के पद से क्यों दिया इस्तीफा?

अलंकार अग्निहोत्री कानपुर नगर के रहने वाले हैं और IIT-BHU के पूर्व छात्र (B.Tech और LLB) हैं. सिविल सेवा में आने से पहले उन्होंने लगभग 10 साल तक अमेरिका और भारत के आईटी सेक्टर में काम किया था. साल 2019 में उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में 15वीं रैंक हासिल कर यूपी पीसीएस में जगह बनाई थी

VIDEO: उत्तर प्रदेश पीसीएस अधिकारी Alankar Agnihotri कौन हैं? स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विवाद के बीच बरेली सिटी मजिस्ट्रेट के पद से क्यों दिया इस्तीफा?
Alankar Agnihotri (Photo Credits: X/@ians_india)

Who Is UP PCS Officer Alankar Agnihotri? उत्तर प्रदेश के बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे ने प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है. 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर इस्तीफा देने वाले अग्निहोत्री ने सरकार की नीतियों और धार्मिक गुरुओं के अपमान को अपनी नाराजगी का कारण बताया था. हालांकि, ताजा अपडेट के अनुसार, उत्तर प्रदेश सरकार ने उनका इस्तीफा स्वीकार करने के बजाय उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.

अग्निहोत्री के खिलाफ सरकार की बड़ी कार्रवाई

 

राज्य सरकार ने अलंकार अग्निहोत्री को प्रथम दृष्टया 'कदाचार' का दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया है. सरकारी आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान वे शामली जिलाधिकारी कार्यालय से संबद्ध रहेंगे. बरेली मंडल के कमिश्नर को इस पूरे मामले की जांच के लिए जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है. सरकार का तर्क है कि अधिकारी ने सेवा नियमों का उल्लंघन किया है.

इस्तीफे के पीछे के दो मुख्य कारण

अलंकार अग्निहोत्री ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को भेजे अपने 5 पन्नों के त्यागपत्र में मुख्य रूप से दो मुद्दों को उठाया था:

  • UGC नियम 2026 का विरोध: उन्होंने यूजीसी के नए समानता नियमों को 'काला कानून' करार दिया. उनका आरोप है कि ये नियम सामान्य वर्ग के छात्रों के खिलाफ भेदभावपूर्ण हैं और इससे शैक्षणिक माहौल खराब होगा.

  • शंकराचार्य विवाद: अग्निहोत्री ने प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों के साथ हुई कथित बदसलूकी पर गहरा दुख व्यक्त किया. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने संन्यासियों की 'शिखा' (चोटी) पकड़कर उन्हें अपमानित किया, जो सनातन परंपराओं पर हमला है.

'बंधक' बनाने का आरोप

इस्तीफे के बाद कल रात एक और ड्रामा देखने को मिला जब अग्निहोत्री ने बरेली जिलाधिकारी (DM) अविनाश सिंह पर उन्हें 45 मिनट तक आवास में 'बंधक' बनाने का आरोप लगाया. अग्निहोत्री का दावा है कि उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की गई. दूसरी ओर, डीएम अविनाश सिंह ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि बैठक वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हुई थी और केवल इस्तीफे के कारणों पर चर्चा की गई थी.

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 राजनीतिक प्रतिक्रिया और सामाजिक समर्थन

इस घटनाक्रम के बाद बरेली में ब्राह्मण संगठनों ने लामबंद होना शुरू कर दिया है. विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने इसे प्रशासनिक दबाव और अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला बताया है. वहीं, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अग्निहोत्री से फोन पर बात कर उनके फैसले का समर्थन किया और उन्हें धर्म के क्षेत्र में बड़ा पद देने का प्रस्ताव भी दिया है.

कौन हैं अलंकार अग्निहोत्री?

अलंकार अग्निहोत्री कानपुर नगर के रहने वाले हैं और IIT-BHU के पूर्व छात्र (B.Tech और LLB) हैं. सिविल सेवा में आने से पहले उन्होंने लगभग 10 साल तक अमेरिका और भारत के आईटी सेक्टर में काम किया था. साल 2019 में उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में 15वीं रैंक हासिल कर यूपी पीसीएस में जगह बनाई थी. वे अपनी बेबाक कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 27, 2026 09:39 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).