देश

Union Budget 2026: विपक्ष का सरकार पर करारा हमला, बजट को बताया 'जुमलाबाजी' और 'छलावा'

Description: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट 2026 पर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. कांग्रेस, सपा, टीएमसी और बसपा के नेताओं ने इसे 'जुमलाबाजी' और 'निराशाजनक' करार देते हुए कहा कि इसमें आम आदमी और किसानों के लिए कुछ नहीं है.

Union Budget 2026: विपक्ष का सरकार पर करारा हमला, बजट को बताया 'जुमलाबाजी' और 'छलावा'
(Photo Credits ANI)

Union Budget 2026:  वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा आज संसद में पेश किए गए वित्त वर्ष 2026-27 के बजट पर राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है. विपक्षी दलों ने इस बजट को पूरी तरह से दिशाहीन और आम जनता की उम्मीदों के खिलाफ बताया है. कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और टीएमसी समेत प्रमुख विपक्षी दलों का आरोप है कि पिछले 11 वर्षों की तरह इस बार भी सरकार ने केवल वादों की झड़ी लगाई है, जबकि जमीन पर महंगाई और बेरोजगारी जैसी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं.

कांग्रेस: '11 साल से उम्मीदें तोड़ रही है सरकार'

कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने बजट की आलोचना करते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने पिछले 11 साल में देश की तमाम उम्मीदों को लगातार तोड़ा है. उन्होंने कहा कि बजट ऐसा होना चाहिए जो आम आदमी की जेब मजबूत करे, लेकिन हर साल यह गरीब की जेब ढीली कर देता है. प्रतापगढ़ी ने मनरेगा के बजट में कटौती और मजदूरों की स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की. यह भी पढ़े: Union Budget 2026: भारत बनेगा ग्लोबल ‘मेडिकल टूरिज्म हब’, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 5 रीजनल हब स्थापित करने का किया ऐलान

वहीं, सांसद गुरजीत सिंह औजाला ने पंजाब का मुद्दा उठाते हुए कहा कि राज्य पर कर्ज का भारी बोझ है, लेकिन कर्ज माफी का कोई प्रावधान नहीं दिखा. उन्होंने बॉर्डर सुरक्षा और युवाओं के रोजगार पर ठोस कदम न उठाए जाने पर नाराजगी जताई.

टीएमसी: 'बुलेट ट्रेन जैसे पुराने जुमलों की पुनरावृत्ति'

टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने बजट को 'जुमला' बताते हुए कहा कि देश सालों से 2 करोड़ नौकरियों और काला धन वापस आने का इंतजार कर रहा है. उन्होंने तंज किया कि बुलेट ट्रेन की तरह यह बजट भी केवल सपनों का सौदागर है. टीएमसी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों की वित्तीय मांगों को इस बार भी नजरअंदाज किया गया है.

अन्य नेताओं की प्रतिक्रियाएं

  • शिवसेना (UBT): संजय राउत ने कहा कि महाराष्ट्र से भारी टैक्स वसूला जाता है, लेकिन बदले में राज्य को कुछ नहीं मिलता. यह बजट केवल 'दो राज्यों' (बिहार और आंध्र प्रदेश) को खुश करने के लिए लग रहा है.

  • वामपंथी दल: सीताराम येचुरी ने कहा कि सार्वजनिक व्यय में कमी और निजीकरण को बढ़ावा देना देश की आर्थिक संप्रभुता के लिए खतरा है.

सत्ता पक्ष का बचाव

विपक्ष के हमलों के बीच सत्ता पक्ष ने इस बजट को 'ऐतिहासिक' और 'समावेशी' बताया है. सत्ता पक्ष का कहना है कि यह बजट 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की नींव रखेगा और इसमें हर वर्ग का ध्यान रखा गया है.

(The above story first appeared on LatestLY on Feb 01, 2026 01:03 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).