Union Budget 2026: भारत बनेगा ग्लोबल 'मेडिकल टूरिज्म हब', वित्त मंत्री  निर्मला सीतारमण ने 5 रीजनल हब स्थापित करने का किया ऐलान
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India to Become Global Medical Tourism Hub: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज (1 फरवरी, 2026) संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट (Union Budget 2026) पेश करते हुए स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक नई और महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की. वित्त मंत्री ने कहा कि भारत को दुनिया के 'मेडिकल टूरिज्म हब' के रूप में स्थापित करने के लिए केंद्र सरकार राज्यों के सहयोग से देश में 5 विशेष रीजनल हब (क्षेत्रीय केंद्र) बनाएगी. इस पहल का उद्देश्य विदेशी मरीजों को भारत में विश्वस्तरीय और सस्ती चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है.

राज्यों के सहयोग से विकसित होंगे हब

वित्त मंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि यह योजना पूरी तरह से राज्यों की भागीदारी पर आधारित होगी. केंद्र सरकार उन राज्यों को वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान करेगी जो अपने यहाँ मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करना चाहते हैं. इन 5 क्षेत्रीय केंद्रों में आधुनिक सर्जरी, उन्नत उपचार और पारंपरिक आयुष (AYUSH) चिकित्सा पद्धतियों का समावेश होगा. यह भी पढ़े:  Budget 2026: बजट में निर्मला सीतारमण का ऐलान, देश में 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनेंगे, मुंबई-पुणे से दिल्ली-वाराणसी तक जुड़ेगा नेटवर्क

मेडिकल टूरिज्म में भारत की बढ़ती ताकत

भारत वर्तमान में किफायती और उच्च गुणवत्ता वाले उपचार के लिए दुनिया भर के मरीजों की पहली पसंद बनता जा रहा है. बजट में प्रस्तावित इन 5 हब के माध्यम से सरकार निम्नलिखित लक्ष्यों को प्राप्त करना चाहती है:

  • वीजा प्रक्रियाओं में सरलता: 'मेडिकल वीजा' की प्रक्रिया को और अधिक सुगम बनाना.

  • विदेशी मुद्रा का प्रवाह: अंतरराष्ट्रीय मरीजों की संख्या बढ़ने से पर्यटन और सेवा क्षेत्र के जरिए विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूती मिलेगी.

  • रोजगार के अवसर: स्वास्थ्य सेवा, आतिथ्य (Hospitality) और अनुवाद सेवाओं जैसे क्षेत्रों में लाखों नए रोजगार सृजित होंगे.

बुनियादी ढांचे और डिजिटल हेल्थ पर जोर

इन क्षेत्रीय केंद्रों को डिजिटल स्वास्थ्य मिशन (Digital Health Mission) से जोड़ा जाएगा ताकि विदेशी मरीज भारत आने से पहले ही अपनी मेडिकल रिपोर्ट्स और परामर्श ऑनलाइन साझा कर सकें. इसके अलावा, इन हब्स को प्रमुख हवाई अड्डों से जोड़ने के लिए विशेष परिवहन व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जाएगा.

बजट का व्यापक प्रभाव

जानकारों का मानना है कि यह घोषणा न केवल स्वास्थ्य क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी, बल्कि यह भारत के 'सेवा निर्यात' (Service Export) के ग्राफ को भी ऊपर बढ़ाएगी. वर्तमान में भारत दक्षिण-पूर्व एशिया और मध्य-पूर्व के देशों के लिए चिकित्सा का प्रमुख केंद्र है, लेकिन इस नई योजना के बाद पश्चिमी देशों के मरीजों को भी आकर्षित करने का रोडमैप तैयार किया गया है.