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Uttar Padesh: समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव का बड़ा बयान, कहा- फॉर्म-7 से सपा के वोट काटने की कोशिश, यूपी-बंगाल में चुनाव प्रभावित करने की साजिश

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि बिहार और पश्चिम बंगाल के संदर्भ में भी इसी तरह के आरोप लगाए गए हैं. उन्होंने कहा कि हाल के उपचुनावों में जो स्थिति देखने को मिली है, उससे ऐसा प्रतीत होता है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर चिंतन की जरूरत है.

Uttar Padesh: समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव का बड़ा बयान, कहा- फॉर्म-7 से सपा के वोट काटने की कोशिश, यूपी-बंगाल में चुनाव प्रभावित करने की साजिश
Akhilesh Yadav

लखनऊ, 8 फरवरी: उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत से पहले समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पार्टी मुख्यालय में सपा विधायकों की बैठक की. इस दौरान उन्होंने विधायकों को सत्र के दौरान सरकार को घेरने की रणनीति बताई. बैठक में संगठनात्मक मुद्दों के साथ-साथ चुनावी प्रक्रिया और कथित गड़बड़ियों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया. Akhilesh Yadav on UP Budget: यह बजट नहीं 'बड़ा ढोल' है; UP सरकार के बजट पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव का तंज

बैठक के बाद अखिलेश यादव ने कहा कि पिछली प्रेस कॉन्फ्रेंस में सपा ने फॉर्म-7 को लेकर गंभीर सवाल उठाए थे. उनका आरोप है कि सरकार ने कुछ पेशेवर एजेंसियों को हायर किया है, जिनके लोग दिल्ली, लखनऊ समेत देश के विभिन्न स्थानों पर बैठकर मतदाता सूची का पूरा डेटा विश्लेषण कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि ये एजेंसियां मतदाता सूची के आधार पर उन बूथों की पहचान कर रही हैं, जहां समाजवादी पार्टी चुनाव जीतती रही है. इसके बाद उन्हीं बूथों से संबंधित मतदाताओं के नाम हटाने के लिए बड़े पैमाने पर फॉर्म-7 भरकर प्रिंट कर भेजे जा रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि इसको लेकर कई जगहों पर हंगामा भी हुआ है.

सपा प्रमुख ने कहा कि इस संबंध में उन्हें कई जानकारियां मीडिया, यूट्यूब चैनलों और जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों के माध्यम से मिली हैं. उन्होंने पत्रकारों और डिजिटल मीडिया से जुड़े लोगों का आभार जताते हुए कहा कि कई पत्रकारों ने जिम्मेदारी निभाते हुए मौके पर जाकर यह जानकारी जनता तक पहुंचाने का काम किया कि चुनाव प्रक्रिया में किस तरह की गड़बड़ियां हो रही हैं. ग्राउंड पर जाकर यह खुलासा किया कि भाजपा चुनाव आयोग के साथ मिलकर गड़बड़ी कर रही है.

उन्होंने आगे कहा कि यह सिलसिला नया नहीं है. बिहार में एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के माध्यम से चुनाव जीता गया. एसआईआर ने माहौल बिगाड़ने, दबाव बनाने और वोटरों को प्रभावित करने में बड़ी भूमिका निभाई.

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि बिहार और पश्चिम बंगाल के संदर्भ में भी इसी तरह के आरोप लगाए गए हैं. उन्होंने कहा कि हाल के उपचुनावों में जो स्थिति देखने को मिली है, उससे ऐसा प्रतीत होता है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर चिंतन की जरूरत है.

उन्होंने आगे कहा कि बंगाल सरकार और वहां की मुख्यमंत्री लगातार यह कह रही हैं कि चुनाव आयोग अब भाजपा का आयोग बन गया है. पश्चिम बंगाल में भी यही कोशिश की जा रही है. प्रदेश के मुख्यमंत्री और सरकार को सुप्रीम कोर्ट तक जाना पड़ा कि चुनाव आयोग किस तरह भेदभाव कर रहा है और भाजपा का सहयोगी दल बन गया है.

अखिलेश यादव ने आगे कहा कि हम मांग करते हैं कि फॉर्म-7 के इस योजनाबद्ध दुरुपयोग पर तत्काल रोक लगाई जाए, दोषियों पर कार्रवाई हो और चुनाव आयोग अपनी निष्पक्षता साबित करे. अन्यथा यह लोकतंत्र पर सीधा हमला है.

(The above story first appeared on LatestLY on Feb 08, 2026 07:19 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).