UP Smart Meter: UPPCL का बड़ा फैसला, स्मार्ट मीटर बदलने की प्रक्रिया पर लगी रोक, तकनीकी कमेटी की रिपोर्ट का इंतजार
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के घरों में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों पर फिलहाल रोक लगा दी गई है. उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने उपभोक्ताओं के लगातार विरोध प्रदर्शनों और मीटरों की कार्यप्रणाली को लेकर उठाई जा रही गंभीर आपत्तियों के मद्देनजर यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है.
UP Smart Meter: लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के घरों में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों पर फिलहाल रोक लगा दी गई है. उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने उपभोक्ताओं के लगातार विरोध प्रदर्शनों और मीटरों की कार्यप्रणाली को लेकर उठाई जा रही गंभीर आपत्तियों के मद्देनजर यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. अब इस पूरे मामले पर एक विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके आधार पर स्मार्ट मीटर परियोजना के भविष्य पर अंतिम फैसला लिया जाएगा. यह कदम राज्य में बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, जो लंबे समय से स्मार्ट मीटरों में गड़बड़ी और अत्यधिक बिलिंग की शिकायतें कर रहे थे.
विरोध प्रदर्शनों का दबाव और उपभोक्ताओं की शिकायतें
स्मार्ट मीटर लगाने की शुरुआत से ही प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में उपभोक्ताओं द्वारा इसका विरोध किया जा रहा था। उपभोक्ताओं का आरोप था कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उनके बिजली बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है और मीटर तेजी से रीडिंग दर्ज कर रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर उपभोक्ताओं ने मीटरों में तकनीकी खराबी और गलत रीडिंग का दावा करते हुए प्रदर्शन किए थे। इन शिकायतों में मुख्य रूप से मीटरों का तेज चलना, अचानक बंद हो जाना और रीडिंग में विसंगतियां शामिल थीं। बिजली उपभोक्ता परिषद् सहित विभिन्न उपभोक्ता संगठनों ने भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था और सरकार से इस परियोजना की समीक्षा की मांग की थी. यह भी पढ़े: UP में बिजली नहीं होगी महंगी, स्लैब परिवर्तन का प्रस्ताव योगी सरकार ने किया खारिज
UPPCL का फैसला और तकनीकी जांच का आदेश
उपभोक्ताओं के बढ़ते दबाव और शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए UPPCL प्रबंधन ने स्मार्ट मीटरों की स्थापना प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रोकने का निर्णय लिया है। कॉर्पोरेशन के अधिकारियों के अनुसार, अब एक विशेषज्ञ समिति द्वारा स्मार्ट मीटरों की तकनीकी जांच की जाएगी। यह समिति मीटरों की कार्यप्रणाली, उनकी सटीकता और उपभोक्ताओं द्वारा उठाई गई सभी आपत्तियों का गहन विश्लेषण करेगी। इस तकनीकी रिपोर्ट में मीटरों की गुणवत्ता, इंस्टॉलेशन प्रक्रिया और बिलिंग प्रणाली से संबंधित सभी पहलुओं की जांच की जाएगी. रिपोर्ट आने के बाद ही UPPCL आगे की रणनीति तय करेगा कि क्या इन मीटरों को जारी रखा जाए, उनमें सुधार किया जाए या पूरी परियोजना पर पुनर्विचार किया जाए.
आगे की राह और संभावित प्रभाव
स्मार्ट मीटर परियोजना पर लगी इस रोक से राज्य में बिजली वितरण प्रणाली पर अल्पकालिक प्रभाव पड़ सकता है, क्योंकि यह परियोजना बिजली चोरी रोकने और बिलिंग दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। हालांकि, उपभोक्ताओं के विश्वास को बनाए रखने और उनकी शिकायतों का समाधान करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है.
तकनीकी रिपोर्ट के निष्कर्षों पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। यदि रिपोर्ट में मीटरों में गंभीर खामियां पाई जाती हैं, तो UPPCL को एक बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, यदि मीटरों को तकनीकी रूप से सही पाया जाता है, तो उपभोक्ताओं को संतुष्ट करने के लिए पारदर्शी प्रक्रिया और जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता होगी। यह फैसला दर्शाता है कि सरकार और बिजली विभाग उपभोक्ताओं की चिंताओं को गंभीरता से ले रहे हैं और किसी भी परियोजना को लागू करने से पहले उसकी व्यवहार्यता और स्वीकार्यता सुनिश्चित करना चाहते हैं.
उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटरों पर लगी यह रोक एक महत्वपूर्ण मोड़ है। यह उपभोक्ताओं की आवाज को सुनने और उनकी समस्याओं का समाधान करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है. अब सभी की निगाहें तकनीकी रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस परियोजना के भविष्य का निर्धारण करेगी. UPPCL के इस फैसले से उम्मीद है कि बिजली वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और उपभोक्ता संतुष्टि को प्राथमिकता दी जाएगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 19, 2026 12:52 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

