Aryan Verma Arrested for Impersonation: शाहजहांपुर कैंट में फर्जी सेना ब्रिगेडियर गिरफ्तार, सेना ने स्टिंग ऑपरेशन कर जालसाज नीट एस्पिरेंट को दबोचा
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर छावनी (कैंट) में भारतीय सेना ने एक बड़े स्टिंग ऑपरेशन के तहत खुद को सेना का ब्रिगेडियर बताने वाले 21 वर्षीय युवक आर्यन वर्मा को गिरफ्तार किया है. आरोपी लग्जरी गाड़ी और निजी बाउंसरों के साथ फर्जी सैन्य अधिकारी बनकर घूम रहा था.
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शाहजहांपुर, 13 जून: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के शाहजहांपुर छावनी (कैंट) (Shahjahanpur Cantonment) इलाके में भारतीय सेना (Indian Army) ने एक अनोखे और बड़े स्टिंग ऑपरेशन (Sting Operation) को अंजाम देते हुए खुद को सेना का ब्रिगेडियर बताने वाले एक 21 वर्षीय युवक को रंगे हाथों दबोचा है. गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान नई दिल्ली के रहने वाले आर्यन वर्मा (Aryan Verma) के रूप में हुई है, जो कि एक नीट (NEET) एस्पिरेंट है. वह पिछले कई महीनों से सेना के ब्रिगेडियर की पूरी औपचारिक वर्दी पहनकर आसपास के कई जिलों में घूम रहा था और खुद को उच्च श्रेणी का सैन्य अधिकारी बताकर रौब झाड़ रहा था. शुक्रवार, 12 जून की सुबह सेना के जवानों ने कैंट स्थित शहीद संग्रहालय (शहीद म्यूजियम) में जाल बिछाकर उसे हिरासत में ले लिया. यह भी पढ़ें: शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा ऐलान: Cockroach जनता पार्टी आज जारी करेगी एजुकेशन मैनिफेस्टो, मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तेज
सेना का वह स्टिंग ऑपरेशन, जिसमें फंसा फर्जी ब्रिगेडियर
सैन्य अधिकारियों को अप्रैल 2026 में खुफिया जानकारी मिली थी कि एक बेहद कम उम्र का युवक ब्रिगेडियर की वर्दी पहनकर सार्वजनिक स्थानों पर घूम रहा है और सैन्य प्रतीकों का दुरुपयोग कर रहा है. शुरुआती दौर में उसकी सटीक लोकेशन न मिल पाने के कारण सेना ने उसे पकड़ने के लिए एक नियंत्रित योजना तैयार की.
रणनीति के तहत, सेना के अधिकारियों ने आम नागरिक बनकर आर्यन वर्मा से संपर्क किया. उन्होंने आगामी प्रतियोगी भर्ती परीक्षाओं की तैयारी कर रहे स्थानीय युवाओं को प्रेरित करने के लिए उसे 'मोटीवेशनल स्पीच' (प्रेरक व्याख्यान) देने के लिए आमंत्रित किया. खुद को बड़ा अधिकारी दिखाने की चाह में आर्यन ने इस निमंत्रण को तुरंत स्वीकार कर लिया और शुक्रवार सुबह कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गया.
शाहजहांपुर में सेना का फर्जी अधिकारी गिरफ्तार
Army impostor arrested in #Shahjahanpur after a meticulously planned operation by Station HQ Shahjahanpur and local Ex-Servicemen.The 21-year-old suspect was allegedly posing as a #Brigadier, travelling with fake military insignia, forged ID cards and associates posing as… pic.twitter.com/2I9xQ88wjx
— Shivani Sharma (@shivanipost) June 12, 2026
स्टार लगी टाटा हैरियर कार और फर्जी एनएसजी कमांडो
शुक्रवार सुबह आर्यन वर्मा जैसे ही कार्यक्रम के निर्धारित स्थल (शहीद संग्रहालय) पर पहुंचा, वहां पहले से ही तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उसे घेर लिया. वह एक टाटा हैरियर एसयूवी (SUV) कार से आया था, जिस पर वरिष्ठ सैन्य कमांडरों के लिए आरक्षित सेना का आधिकारिक झंडा और 'वन-स्टार' वीआईपी प्लेट लगी हुई थी.
जांच में यह भी सामने आया कि आर्यन अकेले काम नहीं कर रहा था, बल्कि अपनी पहचान को असली दिखाने के लिए उसने प्रतिदिन ₹2,000 के भुगतान पर दो निजी बाउंसर भी किराए पर ले रखे थे. उसने लोगों और सेना के जवानों को यह झांसा दिया कि वे नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) के ब्लैक कैट कमांडो हैं, जो उसे केंद्र सरकार की ओर से मिली विशेष सुरक्षा कवर के तहत तैनात किए गए हैं.
बरामद हुए कई फर्जी दस्तावेज और हथियार
आरोपी को हिरासत में लेने के बाद जब उसकी गाड़ी और व्यक्तिगत सामान की तलाशी ली गई, तो सेना की टीमें भी हैरान रह गईं. उसके पास से कई अनाधिकृत और जाली सामान बरामद किए गए हैं:
- आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल कॉलेज (AFMC) के डीन की फर्जी मुहर और हस्ताक्षर लगा एक जाली पहचान पत्र.
- सेना की आधिकारिक रेजिमेंटल केन (छड़ी).
- एक हूबहू असली दिखने वाली नकली पिस्टल (एयर पिस्टल).
- उसके निजी ड्राइवर के पास से बरामद हुआ एक फर्जी सरकारी पहचान पत्र.
नीट परीक्षा में फेल होने के बाद बुना फर्जीवाड़ा
पकड़े गए दस्तावेजों और शुरुआती पूछताछ के अनुसार, 21 वर्षीय आर्यन वर्मा मूल रूप से शाहजहांपुर के रोजा क्षेत्र का रहने वाला है और दिल्ली में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) की तैयारी कर रहा था. कई बार इस कठिन परीक्षा में असफल होने के बाद उसने अपनी राह बदल ली.
उसने इस साल जनवरी में अपने परिवार और स्थानीय लोगों को झूठ बोला था कि उसका चयन सीधे सेना के "RN ब्रिगेड" में ब्रिगेडियर के पद पर हो गया है और उसकी पोस्टिंग चंडीगढ़ के कमांड हॉस्पिटल में हुई है. आरोपी के पिता राज्य के उद्यान विभाग में एक अधिकारी (हॉर्टिकल्चर इंस्पेक्टर) हैं, जबकि उसकी मां एक स्कूल शिक्षिका हैं.
सेना की इंटेलिजेंस विंग कर रही पूछताछ
फिलहाल, बरेली बेस से आई सेना की खुफिया इकाई (Army Intelligence) ने मामले की कमान संभाल ली है और आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है. अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि उसने इतनी उच्च श्रेणी की सैन्य वर्दी कहां से सिली, जाली मुहरें कैसे बनवाईं और इस फर्जीवाड़े के पीछे उसका मुख्य मकसद क्या था.
शाहजहांपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) सौरभ दीक्षित ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी फिलहाल सेना की हिरासत में है. जैसे ही सेना अपनी प्रारंभिक कोर्ट ऑफ इंक्वायरी (Inquiry) पूरी कर उसकी कस्टडी स्थानीय पुलिस को सौंपेगी, पुलिस तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज कर इस पूरे मामले की गहन कानूनी जांच शुरू कर देगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 13, 2026 02:59 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

