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UP Electricity Tariff Hike: उत्तर प्रदेश में महंगाई से परेशान आम लोगों को बड़ा झटका, बिजली हुई महंगी; 10 फीसदी फ्यूल सरचार्ज बढ़ा

उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को भीषण गर्मी के बीच एक बड़ा आर्थिक झटका लगने वाला है. उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने बिजली बिलों में 10 प्रतिशत तक का ईंधन अधिभार (फ्यूल सरचार्ज) शुल्क लागू करने का फैसला किया है. यह बढ़ा हुआ अतिरिक्त शुल्क जून महीने के बिजली बिल के साथ जोड़कर वसूला जाएगा.

UP Electricity Tariff Hike: उत्तर प्रदेश में महंगाई से परेशान आम लोगों को बड़ा झटका, बिजली हुई महंगी; 10 फीसदी फ्यूल सरचार्ज बढ़ा
Electricity | Representative Image (Photo Credit: Pixabay)

UP Electricity Tariff Hike:  उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को भीषण गर्मी के बीच एक बड़ा आर्थिक झटका लगने वाला है. उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने बिजली बिलों में 10 प्रतिशत तक का ईंधन अधिभार (फ्यूल सरचार्ज) शुल्क लागू करने का फैसला किया है. यह बढ़ा हुआ अतिरिक्त शुल्क जून महीने के बिजली बिल के साथ जोड़कर वसूला जाएगा. यानी उपभोक्ताओं को अपने नियमित बिजली बिल के अलावा हर 100 रुपये पर 10 रुपये अतिरिक्त चुकाने होंगे. इस फैसले का सीधा असर प्रदेश के लाखों घरेलू, व्यावसायिक और ग्रामीण उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा.

उपभोक्ता परिषद ने किया विरोध

बिजली दरों में इस बढ़ोतरी का चौतरफा विरोध शुरू हो गया है. उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने इस फैसले को पूरी तरह गलत बताया है. परिषद का तर्क है कि जब बिजली कंपनियों पर उपभोक्ताओं का ही पहले से करोड़ों रुपये का सरप्लस (अतिरिक्त पैसा) बकाया है, तो ऐसे में जनता पर नया आर्थिक बोझ डालना न्यायसंगत नहीं है. उपभोक्ता परिषद ने घोषणा की है कि वे इस अनावश्यक वसूली के खिलाफ विद्युत नियामक आयोग में अपनी आपत्ति दर्ज कराएंगे.  यह भी पढ़े: CNG Price Hike: मुंबईवासियों को महंगाई का एक और झटका! पेट्रोल-डीजल के बाद सीएनजी हुई ₹2 प्रति किलो महंगी, जानें नई दरें

बिजली कटौती पर मथुरा में फूटा जनता का गुस्सा

यह बढ़ोतरी ऐसे समय में की गई है जब उत्तर प्रदेश के कई हिस्से तीव्र गर्मी और अनियमित बिजली कटौती से जूझ रहे हैं. मथुरा के राधापुरम बिजली घर पर 24 घंटे तक बिजली गायब रहने से स्थानीय निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा. आक्रोशित लोगों ने सब-स्टेशन पर पहुंचकर भारी हंगामा किया और सड़क जाम कर दी. प्रदेश के अन्य जिलों जैसे कानपुर, उन्नाव और नोएडा से भी केबल कटने और ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण घंटों बिजली गुल रहने की शिकायतें आ रही हैं.

ऊर्जा मंत्री ने विपक्ष के आरोपों को नकारा

बिजली संकट और कटौती को लेकर विपक्ष लगातार योगी सरकार पर हमलावर है. इस बीच, सूबे के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने राज्य में किसी भी तरह के बिजली संकट के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है. ऊर्जा मंत्री ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान समस्याएं पिछली सरकार द्वारा छोड़ी गई जर्जर विरासत का नतीजा हैं. उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय के पुराने ढीले तार और कमजोर खंभों की वजह से स्थानीय स्तर पर फॉल्ट होते हैं, जिन्हें हमारी टीमें तुरंत ठीक कर रही हैं.

बिजली आपूर्ति का नया रिकॉर्ड और आगामी योजनाएं

ऊर्जा मंत्री ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि सपा सरकार के दौरान राज्य में केवल 13,000 मेगावाट बिजली की सप्लाई होती थी, जबकि आज हमारी सरकार 32,000 मेगावाट की ऐतिहासिक मांग को सफलतापूर्वक पूरा कर रही है. उन्होंने पूर्व सरकार पर क्षेत्रीय पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि वे सिर्फ इटावा और मैनपुरी को बिजली देकर खुश हो जाते थे, जबकि आज बिना किसी भेदभाव के पूरे प्रदेश को रिकॉर्ड बिजली दी जा रही है.

भविष्य की योजनाओं का जिक्र करते हुए ऊर्जा मंत्री ने बताया कि राज्य में बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए 4,500 मेगावाट नई थर्मल ऊर्जा जोड़ी गई है. जल्द ही घाटमपुर की 600 मेगावाट की यूनिट शुरू होगी और मेजा में 2,400 मेगावाट की नई परियोजना को भी मंजूरी मिल चुकी है. उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए 1912 हेल्पलाइन की क्षमता को भी बढ़ाया जा रहा है.

(The above story first appeared on LatestLY on May 30, 2026 11:52 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).