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कर्नाटक का सियासी संकट: सुप्रीम कोर्ट ने राज्य विधानसभा अध्यक्ष से पूछा, इस्तीफे क्यों नहीं किए स्वीकार

सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को कर्नाटक के विधानसभा अध्यक्ष से पूछा कि वह जनता दल-सेकुलर (जद-एस) और कांग्रेस की गठबंधन वाली सरकार के बागी विधायकों द्वारा छह जुलाई को दिए गए इस्तीफे स्वीकार करने या न करने के लिए किस कारण रुक गए.

कर्नाटक का सियासी संकट: सुप्रीम कोर्ट ने राज्य विधानसभा अध्यक्ष से पूछा, इस्तीफे क्यों नहीं किए स्वीकार
सुप्रीम कोर्ट (Photo Credit- IANS)

नई दिल्ली: सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court)  ने मंगलवार को कर्नाटक के विधानसभा (Karnataka Assembly Speaker) अध्यक्ष से पूछा कि वह जनता दल-सेकुलर (जद-एस) और कांग्रेस की गठबंधन वाली सरकार के बागी विधायकों द्वारा छह जुलाई को दिए गए इस्तीफे (Resignation) स्वीकार करने या न करने के लिए किस कारण रुक गए.  मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने विधानसभा अध्यक्ष के.आर. रमेश कुमार का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी से स्पष्ट जवाब मांगा है.

मुख्य न्यायाधीश गोगोई ने पूछा, "आप तब तक शांत रहे जब तक विधायकों ने अपना इस्तीफा सर्वोच्च न्यायालय भेज दिया.. क्यों?" इसके जवाब में सिंघवी ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ने उस घटना के बारे में विस्तार से बताते हुए सर्वोच्च न्यायालय में एक हलफनामा दाखिल किया है.

मुख्य न्यायाधीश ने पलटवार करते हुए उनसे पूछा कि विधायक जब अपना इस्तीफा लेकर अध्यक्ष के पास गए तो उन्होंने निर्णय क्यों नहीं लिया, जिसके जवाब में सिंघवी ने कहा कि यह एक लिखित संवाद है और उस दिन अध्यक्ष वहां मौजूद नहीं थे. अदालत ने कहा, "लेकिन यह निर्णय उन्हें छह जुलाई को बताया गया था." यह भी पढ़ें: कर्नाटक का सियासी संकट: कांग्रेस-जेडीएस के बागी विधायकों पर मंगलवार को होगी SC में सुनवाई, बीजेपी बहुमत परीक्षण की मांग पर कायम

सिंघवी ने कहा कि विधायकों ने पहले 11 जुलाई को अध्यक्ष से व्यक्तिगत मुलाकात की, नियम के मुताबिक उन्हें अध्यक्ष के सामने व्यक्तिगत रूप से पेश होना था. उन्होंने कहा, "विधायकों द्वारा दिए गए सामान्य इस्तीफे की पहली शर्त है कि उसे स्पीकर के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश होना होगा।"

अदालत ने कहा कि प्रावधान में पत्र द्वारा इस्तीफा देने पर नजरंदाज नहीं किया जा सकता, लेकिन विधायकों ने अगर अध्यक्ष से 11 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से बात की है तो भी उन्हें विधायकों के इस्तीफे पर तत्काल निर्णय लेना है. अदालत ने कहा, "यह 11 जुलाई को क्यों नहीं हुआ?" मुख्य न्यायाधीश ने कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष के लिए कहा कि "आप अदालत की न्यायिक शक्तियों पर सवाल नहीं उठा सकते."

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 16, 2019 08:52 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).