चित्रदुर्ग: कर्नाटक (Karnataka) के चित्रदुर्ग जिले (Chitradurga District) से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां होलालकेरे कस्बे (Holalkere Town) में 23 वर्षीय आयुर्वेद छात्रा (Student of Ayurveda College) ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या (Suicide) कर ली. मृतका की पहचान लिखिता (Likhitha) के रूप में हुई है, जो मल्लादिहल्ली (Malladihalli) स्थित एक आयुर्वेद कॉलेज की छात्रा थी. पुलिस के अनुसार, लिखिता अपने प्रोफेसर के साथ नाम जोड़े जाने की झूठी अफवाहों और उसके कारण होने वाली बदनामी से मानसिक रूप से बेहद परेशान थी. यह भी पढ़ें: Karnataka Shocker: कर्नाटक में दर्दनाक घटना, शादी के 2 महीने बाद प्रेमी के साथ भागी पत्नी; सदमे में पति और बिचौलिए ने की आत्महत्या
सुसाइड नोट में प्रताड़ना का खुलासा
पुलिस को लिखिता के पास से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। सूत्रों के अनुसार, इस नोट में लिखिता ने प्रोफेसर डॉ. राजू, उनकी पत्नी निशा और कॉलेज के कुछ साथी छात्रों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है. लिखिता ने आरोप लगाया है कि इन लोगों द्वारा फैलाई गई झूठी अफवाहों और प्रताड़ना के कारण उसकी छवि खराब हुई, जिससे तंग आकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाया.
पुलिस की कार्रवाई और एफआईआर
होलालकेरे पुलिस ने मृतका के परिजनों की शिकायत और सुसाइड नोट के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस ने प्रोफेसर डॉ. राजू, उनकी पत्नी और नोट में नामजद छात्रों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना के पीछे की परिस्थितियों और प्रताड़ना के दावों की गहन जांच की जा रही है. यह भी पढ़ें: Karnataka Shocker: चिक्कमगलुरु में नागालैंड की युवती का संदिग्ध परिस्थितियों में निधन; डायरी से खुला 'प्यार के नाम पर उत्पीड़न' का राज
छात्रों में बढ़ती आत्महत्या की प्रवृत्ति
कर्नाटक में पिछले कुछ महीनों में छात्रों द्वारा आत्महत्या के कई मामले सामने आए हैं, जो चिंता का विषय बने हुए हैं:
- 1 अप्रैल: अत्तवर में एक मेडिकल छात्र ने अपार्टमेंट की 12वीं मंजिल से कूदकर जान दे दी.
- 26 फरवरी: तुरुवेकेरे में 19 वर्षीय डिप्लोमा छात्र धनुष का शव एक जलाशय के पास मिला, जो मानसिक तनाव से जूझ रहा था.
- 22 फरवरी: बेंगलुरु के संजय नगर में 22 वर्षीय छात्र हेमंत ने अपनी मां से हुए विवाद के बाद घर में फांसी लगा ली थी.
गौरतलब है कि शिक्षा संस्थानों में बढ़ते मानसिक दबाव, मानहानि और आपसी विवादों के कारण युवाओं द्वारा उठाए जा रहे ये कदम गंभीर सवाल खड़े करते हैं. लिखिता के मामले में पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अफवाहें फैलाने के पीछे किसका हाथ था और क्या कॉलेज प्रशासन को इस प्रताड़ना की जानकारी थी. फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है.












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