महाराष्ट्र और हरियाणा के बाद अब यहां होगी पीएम मोदी और राहुल गांधी की टक्कर, साथ में होंगे कई बड़े दिग्गज
महाराष्ट्र और हरियाणा में नई सरकार के गठन के लिए 21 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव संपन्न हो गए. दोनों राज्यों में मतदान के बाद आए एक्जिट पोल में बीजेपी को प्रचंड जीत मिलने का अनुमान जताया गया है.
नई दिल्ली: महाराष्ट्र और हरियाणा में नई सरकार के गठन के लिए 21 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव संपन्न हो गए. दोनों राज्यों में मतदान के बाद आए एक्जिट पोल में बीजेपी को प्रचंड जीत मिलने का अनुमान जताया गया है. जबकि देश की सबसे पुरानी पार्टी और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस को भारी नुकसान होने का पूर्वानुमान किया गया है. हालांकि चुनाव आयोग द्वारा असल नतीजे 24 अक्टूबर को जारी किए जाएंगे. इस बीच आपकों बता दें कि दोनों दलों का अगला सामना झारखंड विधानसभा चुनाव (Jharkhand Assembly Elections 2019) में होने वाला है. चुनाव आयोग कुछ ही दिनों में तारीखों की घोषणा कर सकता है.
बीजेपी ने पहले ही कहा था कि महाराष्ट्र और हरियाणा में चुनाव नतीजों का इंतजार किए बगैर झारखंड में प्रचार अभियान शुरू कर दिया जाएगा. इसी क्रम में बीजेपी बीते अगस्त में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओम माथुर को झारखंड विधानसभा चुनाव का प्रभारी घोषित कर चुकी है. झारखंड में बीजेपी मिशन 65 प्लस का लक्ष्य लेकर चल रही है. हालांकि कांग्रेस की ओर से अब तक कोई मजबूत रणनीति का खुलासा नहीं किया गया है. हालांकि प्रचार अभियान में पीएम मोदी और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का शामिल होना तय है.
इस बीच अधिकांश राज्यों की तरह यहां भी कांग्रेस में आतंरिक कलह की खबर है. हालांकि कांग्रेस ने संगठन में फूट की सभी खबरों को खारिज कर दिया है. झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष मानस सिन्हा कहा था कि कांग्रेस पार्टी में कहीं कोई विवाद नहीं चल रहा है. पूरी कांग्रेस एक सूत्र में बंधी हैं.
हाल ही में चुनाव से जुड़े जरूरी मसलों पर चर्चा के लिए चुनाव आयोग की टीम ने विभिन्न पार्टियों के नेताओं से मुलाकात की. साथ ही 24 जिलों के राज्य निर्वाचन अधिकारियों, डीजीपी, मुख्य सचिव, उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों के साथ भी बैठक की गई. राज्य की वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल पांच जनवरी को समाप्त होने वाला है. ऐसे में कयास लगाए जा रहे है कि जल्द ही चुनाव आयोग राज्य में चुनाव की तारीखों की घोषणा कर सकता है.
बीजेपी के अलावा अन्य सभी दलों ने हरियाणा और महाराष्ट्र की तरह ही झारखंड में भी एक चरण में चुनाव कराने की मांग की. दरअसल राज्य के संवेदनशील हालात को देखते हुए पिछली बार पांच चरणों में चुनाव हुए थे. इस बार भी बीजेपी यहीं मांग कर रही है.
उल्लेखनीय है कि झारखंड में 2014 के विधानसभा चुनाव में मिली जीत के बाद 28 दिसंबर को रघुबर दास के नेतृत्व में बीजेपी की सरकार बनी थी. इस प्रकार दिसंबर में झारखंड विधानसभा का कार्यकाल खत्म होने से पहले ही चुनाव कार्यक्रम घोषित हो जाएंगे.
इससे पहले साल 2014 में हुए विधानसभा चुनाव में कुल 81 में से बीजेपी ने 43 सीटें जीतकर सत्ता की कमान हासिल की थी. वहीं 19 सीटों के साथ हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) दूसरे नंबर की पार्टी बनी थी. जबकि बाबूलाल मरांडी की पार्टी झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) के आठ सदस्य चुने गए. जबकि कांग्रेस के खाते में छह सीटें आई.
(एजेंसी इनपुट के साथ)
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 22, 2019 12:38 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

