IRCTC Fake News Clarification: क्या अब दोस्तों और रिश्तेदारों के लिए नहीं कर सकेंगे ट्रेन टिकट बुक? आईआरसीटीसी ने बताया क्या है नियम
दावा किया जा रहा था कि अगर आप अपनी IRCTC (Indian Railway Catering and Tourism Corporation) आईडी से किसी दूसरे सरनेम वाली शख्स का टिकट बुक करते हैं तो आप जेल जा सकते हैं. जुर्माना भी देना पड़ सकता है.
IRCTC Fake News Clarification: सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा था कि IRCTC से अलग सरनेम वाले लोगों के लिए टिकट बुकिंग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. दावा किया जा रहा था कि अगर आप अपनी IRCTC (Indian Railway Catering and Tourism Corporation) आईडी से किसी दूसरे सरनेम वाली शख्स का टिकट बुक करते हैं तो आप जेल जा सकते हैं. जुर्माना भी देना पड़ सकता है. दावे के अनुसार पर्सनल आईडी से कोई शख्स सिर्फ अपना टिकट बुक कर सकता है. इसके अलावा पर्सनल आईडी से अपने ब्लड रिलेशन और सेम सरनेम वाले लोगों का भी टिकट बुक किया जा सकता है. IRCTC Ties With Swiggy : अब रेल यात्री स्विगी से भी कर सकेंगे खाना ऑर्डर.
खबर में कहा जा रहा था कि अपनी ID से किसी दूसरे का जैसे दोस्त या किसी रिश्तेदातर का टिकट बुक करना अपराध है. इसको लेकर आपके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है. इस अपराध के लिए 3 साल की सजा या 10 हजार रुपए का जुर्माना हो सकता है. सजा के साथ जुर्माना भी हो सकता है.
सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही खबरों पर अब IRCTC ने स्पष्टीकरण दिया है. IRCTC ने इस तरह की तमाम खबरों को फेक बताते हुए एक पोस्ट में लिखा, 'अलग सरनेम के कारण ई-टिकट बुकिंग पर प्रतिबंध के बारे में सोशल मीडिया पर प्रसारित खबर झूठी और भ्रामक है.'
IRCTC ने पोस्ट कर समझाया नियम
The news in circulation on social media about restriction in booking of e-tickets due to different surname is false and misleading. pic.twitter.com/xu3Q7uEWbX
— IRCTC (@IRCTCofficial) June 25, 2024
IRCTC ने बताया, 'अलग सरनेम के कारण ई-टिकट बुकिंग पर प्रतिबंध के बारे में सोशल मीडिया पर प्रसारित खबर झूठी और भ्रामक है. संबंधित लोगों को ऐसी झूठी खबरें फैलाने से रोका जाना चाहिए. यह स्पष्ट किया जाता है कि IRCTC साइट से कोई भी व्यक्ति अपने मित्रों, परिवार और रिश्तेदारों के लिए व्यक्तिगत यूजर आईडी पर टिकट बुक कर सकता है.
आधार-प्रमाणित उपयोगकर्ताओं के मामले में प्रति माह 12 टिकटों की बुकिंग की जा सकती है, जो कि टिकट पर सवार यात्रियों में से एक का भी आधार प्रमाणीकृत होने पर प्रति माह 24 टिकटों तक हो सकती है. IRCTC ने स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत यूजर आईडी पर बुक किए गए टिकट वाणिज्यिक बिक्री के लिए नहीं हैं और ऐसा करना रेलवे अधिनियम 1989 की धारा 143 के तहत अपराध है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 25, 2024 06:06 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

