सुबोध कुमार जायसवाल ने संभाली CBI की कमान, तेलगी घोटाले और मालेगांव विस्फोट की जांच में निभाई थी अहम भूमिका
महाराष्ट्र के पूर्व पुलिस प्रमुख सुबोध कुमार जायसवाल को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) का नया प्रमुख बनाया गया है. वह अगले 2 वर्ष तक इस पद पर रहेंगे. केन्द्रीय मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने आज उनके नाम की घोषणा कर दी.
नई दिल्ली: महाराष्ट्र के पूर्व पुलिस प्रमुख सुबोध कुमार जायसवाल (Subodh Kumar Jaiswal) ने बुधवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) चीफ पद का कार्यभार संभाला. वह अगले 2 वर्ष तक इस पद पर रहेंगे. केन्द्रीय मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने उनके नाम की घोषणा की थी. सुबोध कुमार जायसवाल 1985 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और महाराष्ट्र काडर से आते हैं. वह वर्तमान में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के प्रमुख के तौर पर कार्यरत थे. जायसवाल कैबिनेट सचिवालय में अतिरिक्त सचिव भी रह चुके हैं. परमबीर सिंह से पहले DG सुबोध जायसवाल ने पुलिस ट्रांसफर में भ्रष्टाचार पर सीएम को सौंपी थी रिपोर्ट: देवेंद्र फड़नवीस
महाराष्ट्र पुलिस महानिदेशक के पद पर कर चुके हैं काम
सुबोध जायसवाल को फरवरी 2019 में महाराष्ट्र का पुलिस महानिदेशक नियुक्त किया गया था. उन्हें मुंबई के पुलिस आयुक्त से इस पद पर पदोन्नत किया गया था. उन्हें दिसंबर 2020 में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल का प्रमुख बनाया गया था. जासूसों के मास्टर कहे जाने वाले जायसवाल ने भारत की विदेश जासूसी सेवा ‘रिसर्च एंड एनालिसिस विंग’(रॉ) में भी 9 सालों तक अपनी सेवाएं दी हैं.
IPS Subodh Kumar Jaiswal takes charge as the Director of Central Bureau of Investigation (CBI).
He has been appointed as Director for a period of 2 years.
— ANI (@ANI) May 26, 2021
तेलगी घोटाले में अपनी जांच के बाद सुर्खियों में आए थे सुबोध
अपनी सेवा के दौरान जायसवाल कई करोड़ों के जाली स्टांप पेपर घोटाले के लिए बने विशेष जांच दल के प्रमुख भी रहे. एंटी टेरेरिस्ट स्क्वाड में वह डीआईजी रह चुके हैं. 2006 के मालेगांव विस्फोट मामले की भी जांच जायसवाल ने की थी.
इस प्रक्रिया के तहत हुआ चयन
उल्लेखनीय है कि सीबीआई के निदेशक का चयन प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायाधीश और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष की सहमति या बहुमत से होता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति वी.रमना और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष अधीर रंजन चौधरी के सामने अंतिम रूप से तीन नाम थे, जिनमें से दो नाम खारिज हो गए और सुबोध कुमार जायसवाल के नाम पर सबकी सहमति बनी. उनके द्वारा लिए गए निर्णय को मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति अंतिम रूप देती है. आज कैबिनेट की बैठक के बाद सरकारी नोटिफिकेशन के माध्यम से इसकी घोषणा की गई.
(The above story first appeared on LatestLY on May 26, 2021 02:24 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

