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Maharana Pratap Punyatithi 2025 Messages: महाराणा प्रताप पुण्यतिथि पर इन हिंदी Quotes, SMS, HD Images को भेजकर करें उन्हें नमन

कहा जाता है कि अपने राज्य की राजधानी चावंड में धनुष की डोर खींचने के दौरान उनकी आंत में गहरी चोट लग गई थी, जिसके कारण 57 वर्ष की आयु में 29 जनवरी 1597 को उनकी मृत्यु हो गई. जब उनके मृत्यु की कबर अकबर को मिली तो उसे यकीन नहीं हुआ और उसकी आंखों से भी आंसू छलक पड़े थे. महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि पर आप इन हिंदी मैजेसे, कोट्स, एसएमएस, एचडी इमेजेस को अपनों संग शेयर कर उन्हें नमन कर सकते हैं.

Maharana Pratap Punyatithi 2025 Messages: महाराणा प्रताप पुण्यतिथि पर इन हिंदी Quotes, SMS, HD Images को भेजकर करें उन्हें नमन
महाराणा प्रताप पुण्यतिथि 2025 (Photo Credits: File Image)

Maharana Pratap Punyatithi 2025 Messages in Hindi: शौर्य, साहस और बहादुरी के प्रतीक महाराणा प्रताप सिंह का व्यक्तित्व इतना महान था कि उनका नाम भारत के इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों में दर्ज है. उनकी बहादुरी, वीरता, साहस और युद्ध-कौशल को देख उनके शत्रु भी कायल थे. मुगल शासक अकबर 30 सालों तक निरंतर कोशिशों के बावजूद महाराणा प्रताप को ना मार सका और ना ही बंदी बना सका था. महाराणा प्रताप 7 फीट 5 इंच लंबे थे और उनका वजन 110 किलो हुआ करता था. युद्ध के मैदान में वो 81 किलो के भारी भरकम भाले और छाती पर 73 किलो का कवच धारण करके दुश्मनों से लोहा लेने के लिए उतरते थे. महाराणा प्रताप अपने घोड़े चेतक को अपनी जान से ज्यादा प्यार करते थे और उसकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वो युद्ध क्षेत्र में चेतक पर हाथी का मुखौटा लगाते थे. 19 जनवरी 2025 को महाराणा प्रताप की 428वीं पुण्यतिथि मनाई जा रही है.

कहा जाता है कि अपने राज्य की राजधानी चांवड़ में धनुष की डोर खींचने के दौरान उनकी आंत में गहरी चोट लग गई थी, जिसके कारण 57 वर्ष की आयु में 29 जनवरी 1597 को उनकी मृत्यु हो गई. जब उनके मृत्यु की कबर अकबर को मिली तो उसे यकीन नहीं हुआ और उसकी आंखों से भी आंसू छलक पड़े थे. महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि पर आप इन हिंदी मैसेजेस, कोट्स, एसएमएस, एचडी इमेजेस को अपनों संग शेयर कर उन्हें नमन कर सकते हैं.

1- राष्ट्र और धर्म की रक्षा हेतु,
अपना जीवन अर्पण करने वाले,
वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि पर,
उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि...
महाराणा प्रताप को शत-शत नमन

महाराणा प्रताप पुण्यतिथि 2025 (Photo Credits: File Image)

2- वीरों के साथ ही वीर रहते हैं,
राणा के घोड़े को चेतक कहते हैं,
आज उस वीर योद्धा की पुण्यतिथि है,
जिसे हम महाराणा प्रताप कहते हैं.
महाराणा प्रताप को शत-शत नमन

महाराणा प्रताप पुण्यतिथि 2025 (Photo Credits: File Image)

3- सूरज का तेज भी फीका पड़ता था,
जब राणा तू अपना मस्तक ऊंचा करता था,
थी राणा तुझमें कोई बात निराली,
इसलिए अकबर भी तुझसे डरता था.
महाराणा प्रताप को शत-शत नमन

महाराणा प्रताप पुण्यतिथि 2025 (Photo Credits: File Image)

4- साहस का प्रतीक नीले घोड़े पर सवार,
वीरता का प्रतीक मेवाड़ी सरदार,
हिंदुओं की शान है आज भी,
जिनका नाम है महाराणा प्रताप.
महाराणा प्रताप को शत-शत नमन

महाराणा प्रताप पुण्यतिथि 2025 (Photo Credits: File Image)

5- शौर्य की एक नई परिभाषा लिखी थी,
बुलंदी की एक नई गाथा लिखी थी,
मरे हुए भारत में जिसने नई जान फूंकी थी,
उस महाराणा प्रताप को विनम्र श्रद्धांजलि.

महाराणा प्रताप को शत-शत नमन

महाराणा प्रताप पुण्यतिथि 2025 (Photo Credits: File Image)

महाराणा प्रताप का मुगलों के खिलाफ सबड़े बड़ा युद्ध हल्दीघाटी का था, जहां उन्होंने 18 जून 1576 में अपने 20 हजार सैनिकों को लेकर अकबर के 85 हजार सैनिकों से सामना किया था. इस युद्ध में महज 3 घंटे में उन्होंने अकबर की विशाल सेना के 50 हजार सैनिकों को मार गिराया था. इस युद्ध में न तो अकबर की जीत हुई थी और न ही महाराणा प्रताप हारे थे. महाराणा प्रताप की कुल 14 पत्नियां थीं, उनकी पहली पत्नी का नाम महारानी अजबदे कुंवर था, जो अपनी सुंदरता और बुद्धिमता के लिए पूरे मेवाड़ में प्रसिद्ध थीं. महाराणा प्रताप की 14 पत्नियों से उन्हें 17 बेटे और 5 बेटियां हुई थीं.

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 18, 2025 03:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).