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Silver Prices Today: चांदी की कीमतों में मामूली गिरावट, जानें 16 मार्च को दिल्ली, मुंबई और चेन्नई समेत बड़े शहरों के ताजा रेट

भारतीय सर्राफा बाजार में सोमवार, 16 मार्च को चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती के कारण घरेलू बाजार में चांदी का भाव 2,74,900 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गया है.

Silver Prices Today: चांदी की कीमतों में मामूली गिरावट, जानें 16 मार्च को दिल्ली, मुंबई और चेन्नई समेत बड़े शहरों के ताजा रेट

Silver Prices Today: भारतीय सर्राफा बाजार में सोमवार, 16 मार्च 2026 को "सफेद धातु" यानी चांदी की कीमतों में मामूली गिरावट दर्ज की गई है. अंतरराष्ट्रीय बुलियन मार्केट में बिकवाली के दबाव और अमेरिकी डॉलर की मजबूती के कारण घरेलू स्तर पर चांदी की कीमतों में यह नरमी देखी जा रही है. गुडरिटर्न्स (GoodReturns) के आंकड़ों के अनुसार, आज देश में चांदी का खुदरा भाव लगभग 2,74,900 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गया है.

प्रमुख शहरों में आज का चांदी का भाव

भारत के अलग-अलग राज्यों में स्थानीय करों और परिवहन लागत के कारण कीमतों में अंतर पाया जाता है. दक्षिण भारतीय शहरों में मांग अधिक होने के कारण वहां कीमतें उत्तर भारत के मुकाबले थोड़ी ज्यादा बनी हुई हैं.  यह भी पढ़े:  Gold Rate Today, March 14, 2026: दिल्ली, मुंबई, चेन्नई समेत अन्य शहरों में आज 22 और 24K सोने का क्या है भाव? जानें ताज़ा अपडेट

शहर आज का चांदी का भाव (प्रति किलोग्राम)
दिल्ली INR 2,74,900
मुंबई INR 2,74,900
चेन्नई INR 2,79,900
हैदराबाद INR 2,79,900
बेंगलुरु INR 2,74,900
कोलकाता INR 2,74,900
अहमदाबाद INR 2,74,900
केरल INR 2,79,900

अंतरराष्ट्रीय कारक: डॉलर की मजबूती और फेड का रुख

आज की कीमतों में सुधार का मुख्य कारण अमेरिकी डॉलर का पिछले तीन महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंचना है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की हाजिर कीमत लगभग 4.4 प्रतिशत गिरकर 80.47 डॉलर प्रति औंस के करीब आ गई है. मध्य पूर्व में तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं, जिससे महंगाई का दबाव बढ़ा है. इसके चलते निवेशकों को उम्मीद है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व फिलहाल ब्याज दरों में कटौती नहीं करेगा, जिससे चांदी जैसे कम ब्याज वाले एसेट्स की चमक थोड़ी फीकी पड़ी है.

औद्योगिक मांग और 'ग्रीन टेक' का असर

सोने के विपरीत, चांदी की कीमतें काफी हद तक इसकी औद्योगिक उपयोगिता पर निर्भर करती हैं. 2026 में वैश्विक चांदी की खपत का लगभग 60 प्रतिशत 'ग्रीन टेक्नोलॉजी' से जुड़ा है. इसमें सोलर फोटोवोल्टिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन (EVs) और एआई (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए डेटा केंद्रों का निर्माण शामिल है. विशेषज्ञों का मानना है कि चीन में प्रोसेसिंग पर प्रतिबंधों के कारण बाजार में चांदी की आपूर्ति की कमी बनी हुई है, जो लंबी अवधि में कीमतों को सहारा दे सकती है.

मार्च महीने का ट्रेंड: क्या यह निवेश का सही समय है?

जनवरी में चांदी की कीमतों ने कुछ शहरों में 4 लाख रुपये के स्तर को छू लिया था, लेकिन मार्च में इसमें एक बड़ा सुधार (Correction) देखा गया है. 1 मार्च से अब तक चांदी करीब 6.81 प्रतिशत तक गिर चुकी है. बाजार विश्लेषकों का कहना है कि यह एक "हेल्दी करेक्शन" है. खुदरा निवेशकों के लिए 'बाय-ऑन-डिप्स' (गिरावट पर खरीदारी) की रणनीति बेहतर हो सकती है, क्योंकि साल के अंत तक चांदी के दोबारा 3.2 लाख से 3.5 लाख रुपये के स्तर तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 16, 2026 09:57 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).