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Ladki Bahin Yojana: 'लाडकी बहिन योजना' से महिलाओं को वसूली का डर, 4 हजार ने योजना से अपना आवेदन पीछे लिया

जहां इस बात को लेकर चर्चा चल रही है कि लड़की बहिन योजना जारी रहेगी या बंद हो जाएगी, वहीं अब राज्य में चार हजार से ज्यादा महिलाओं ने इस योजना (Women’sWithdrawn Applications ladki bahin yojana) के तहत मिलने वाले लाभ से अपना आवेदन पीछे ले लिया है.

Ladki Bahin Yojana: 'लाडकी बहिन योजना' से महिलाओं को वसूली का डर, 4 हजार ने योजना से अपना आवेदन पीछे लिया
(Photo Credits: File Image)

Ladki Bahin Yojana: जहां इस बात को लेकर चर्चा चल रही है कि लड़की बहिन योजना जारी रहेगी या बंद हो जाएगी, वहीं अब राज्य में चार हजार से ज्यादा महिलाओं ने इस योजना (Women’sWithdrawn Applications ladki bahin yojana) के तहत मिलने वाले लाभ से अपना आवेदन पीछे ले लिया है. ज्यादातर महिलाओं ने अपनी ख़ुशी से आवेदन पीछे लेने की बात तो ठीक है, लेकिन सरकार ने जो वसूली की संभावना जताई है.

उसका डर भी महिलाओं के मन में है.बेशक, राज्य सरकार ने योजना के तहत दिये गये पैसे को लाभार्थियों से वसूलने का कोई इरादा स्पष्ट रूप से व्यक्त नहीं किया है.महिला एवं बाल विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मीडिया से बात करते हुए कहते हैं कि इस योजना के लाभार्थियों के आवेदन के सत्यापन के बाद, दंड के साथ लाभ राशि की वसूली के डर से यह आवेदन पीछे लिए जा रहे है. अधिकारी का कहना है कि सरकार ऐसा नहीं सोचती. अधिकारी ने कहा, हालांकि, उनके द्वारा अर्जित राशि 'प्रत्यक्ष हस्तांतरण योजना' से जुड़े खातों से वसूल की जाएगी.ये भी पढ़े:Mukhyamantri Majhi Ladki Bahin Yojana: माझी लाडकी बहीण योजना के तहत लाभार्थियों को कब मिलेगी जनवरी महीने की किस्त, अदिति तटकरे ने बताई तारीख

आवेदन सत्यापन और नॉर्म्स

राज्य सरकार का महिला एवं बाल विभाग अब लड़की बहिन योजना के लाभार्थियों के चयन और संख्या निर्धारित करने के लिए मानदंड लागू करके आवेदनों की स्क्रीनिंग करेगा. यह प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है.सत्यापन से पहले ही कई महिलाओं ने इस योजना के लिए अपना आवेदन वापस लेना शुरू कर दिया है.विभाग के वरिष्ठ अधिकारी बता रहे हैं कि स्थानीय स्तर के सरकारी दफ्तरों में 'इस योजना से अपना नाम हटाने' की मांग को लेकर आवेदन दाखिल होने लगे हैं. ऐसी जानकारी विभाग के सीनियर अधिकारी दे रहे है.

पैसा वापस लेने का विचार नहीं

राज्य की महिला एवं बाल कल्याण मंत्री अदिति तटकरे ने जानकारी देते हुए कहा कि राज्य सरकार का लाभार्थी महिलाओं को दिए गए पैसे वापस लेने का कोई इरादा नहीं है.लेकिन लड़की बहिन योजना के लाभ के लिए प्राप्त आवेदनों का सत्यापन करके यह सुनिश्चित करने पर ध्यान दिया जाएगा कि केवल जरूरतमंद और पात्र महिलाओं को ही योजना का लाभ मिले.उन्होंने यह भी कहा कि बाकी महिलाओं को इसका लाभ नहीं दिया जाएगा. इस योजना के लाभार्थियों का सत्यापन होने से पहले ही, राज्य भर में एक हजार से अधिक महिलाओं ने स्वेच्छा से 'योजना नहीं चाहिए' कहकर अपना अपना आवेदन दिया है.

पिछले वर्ष तत्कालीन सीएम एकनाथ शिंदे ने शुरू की थी योजना

एकनाथ शिंदे जब मुख्यमंत्री थे तब तत्कालीन राज्य सरकार ने यह योजना शुरू की थी. जब योजना शुरू की गई तो सरकार ने बिना आवेदन के सत्यापन, कोई मानदंड तय किए बिना महिलाओं को सीधा लाभ दिया. इससे सरकारी खजाने पर भारी बोझ पड़ा. ऐसा होते हुए भी विधानसभा चुनाव 2024 में राज्य सरकार को इस योजना का काफी लाभ मिला. जिसके कारण महायुती एक बार फिर सत्ता में आई.अब सत्ता में आने के बाद देवेन्द्र फड़णवीस के नेतृत्व वाली सरकार लड़की बहिन योजना के लाभार्थियों का दोबारा सत्यापन करने जा रही है.इससे राज्य में करीब चार लाख महिलाओं के आवेदन खारिज होने की संभावना है. इसलिए कुल आवेदनों में से चार लाख बहनों के नामांकित होने की संभावना है.

महिलाओं ने लड़की बहिन योजना के आवेदन वापस लेने शुरू कर दिए हैं. बताया गया है कि राज्य सरकार द्वारा कथित तौर पर किए गए आवेदन सत्यापन और वसूली के डर से अब तक 4000 महिलाओं ने अपने आवेदन वापस ले लिए हैं.

 

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 18, 2025 01:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).