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FD New Rules: एफडी नियमों में बड़ा बदलाव, आपको भी हो सकता है ये नुकसान, जानें पूरी डिटेल

FD को लेकर आपको रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के नए नियम के बारे में जान लेना चाहिए. अगर आप इन नियमों को नहीं जानते हैं तो आपको आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है.

FD New Rules: एफडी नियमों में बड़ा बदलाव, आपको भी हो सकता है ये नुकसान, जानें पूरी डिटेल
(Photo Credit : Pixabay)

RBI changes FD Rules, 7 मार्च: अगर आप भी अपना पैसा फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) करते हैं, तो आपको रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के ये नए नियम (FD New Rules) के बारे में जान लेना चाहिए. अगर आप इन नियमों को नहीं जानते हैं तो आपको आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है. पिछले कुछ दिनों में कई सरकारी और गैर-सरकारी बैंकों ने FD पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है. EPF Interest Rate: होली से पहले बड़ा झटका, करोड़ों नौकरीपेशा लोगों के लिए ईपीएफ ब्याज घटी, 40 साल बाद हुई 8.1%

अब मैच्योरिटी पूरी (Fixed Deposit Matures) होने के बाद अगर आप अपने पैसे पर दावा नहीं करते हैं तो आपको उस पर कम ब्याज (Interest Rate on FD) मिलेगा. यह ब्याज बचत खाते पर मिलने वाले ब्याज के बराबर होगा. वर्तमान में, बैंक आमतौर पर 5 से 10 साल की लंबी अवधि के साथ FD पर 5% से अधिक ब्याज देते हैं, जबकि बचत खातों पर ब्याज दर करीब 3 फीसदी से 4 फीसदी के बीच है. लेकिन अब अगर मैच्योरिटी पर पैसा नहीं निकाला गया तो उस पर FD का ब्याज नहीं मिलेगा. ये नए नियम सभी वाणिज्यिक बैंकों, लघु वित्त बैंकों, सहकारी बैंकों, स्थानीय क्षेत्रीय बैंकों में जमा राशि पर लागू होंगे. इसलिए बेहतर होगा कि आप मैच्योरिटी पूरा होने के तुरंत बाद अपना पैसा निकाल लें.

आरबीआई के यह नए नियम सभी कमर्शियल बैंकों, स्मॉल फाइनेंस बैंक, सहकारी बैंक, स्थानीय क्षेत्रीय बैंकों में जमा पर लागू होंगे. आमतौर पर बैंक 5 से 10 साल की लंबी अवधि वाले FD पर 5 प्रतिशत से ज्यादा ब्याज दे रहा है. वहीं सेकिवंग अकाउंट के ब्याज की बात करें तो इस पर 3 से 4 फीसदी मिलता है.

क्या होता है FD

फिक्स्ड डिपॉजिट, बैंक और एनबीएफसी (नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियां) द्वारा प्रदान किया जाने वाला एक साधन है, जिसके माध्यम से आप एक निश्चित ब्याज़ दर पर, सुरक्षित रूप से, एक निर्धारित डिपॉजिट राशि को बढ़ा सकते हैं.

ब्याज़ दर बाजार के उतार-चढ़ाव से प्रभावित नहीं होती है और लॉक-इन अवधि के बाद मेच्योरिटी पर आपको गारंटीड रिटर्न मिलते हैं. आप आवधिक आधार पर या मेच्योरिटी पर अपना ब्याज़ प्राप्त करने का विकल्प चुन सकते हैं.  आमतौर पर FD में पैसा मेच्योरिटी से पहले निकाला नहीं जा सकता है, लेकिन आप कुछ दंड शुल्क का भुगतान करने के बाद इसे तोड़ भी सकते हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 12, 2022 05:18 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).