भारतीय रेलवे का बड़ा फैसला: 1 मार्च से बंद हो जाएगा UTS ऐप, अब 'RailOne' सुपर ऐप से बुक होंगी जनरल टिकटें
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: File Image)

नई दिल्ली, 8 फरवरी 2026: भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने डिजिटल ट्रांजिशन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए घोषणा की है कि 1 मार्च 2026 से 'अनारक्षित टिकटिंग प्रणाली' (Unreserved Ticketing System) (UTS) मोबाइल एप्लिकेशन (Mobile Application) को आधिकारिक तौर पर बंद कर दिया जाएगा. अब यात्रियों को जनरल और प्लेटफॉर्म टिकट बुक करने के लिए रेलवे के नए "सुपर ऐप" RailOne पर शिफ्ट होना होगा. रेलवे का लक्ष्य अपनी सभी अलग-अलग डिजिटल सेवाओं (Digital Services) को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाकर यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाना है. यह भी पढ़ें: मुंबई लोकल ट्रेन का अब RailOne ऐप से टिकट बुकिंग पर 3% छूट, पश्चिम रेलवे ने शुरू की डिजिटल टिकटिंग सुविधा; 14 जनवरी से लागू

एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म की ओर बढ़ते कदम

पिछले साल के अंत में लॉन्च किया गया RailOne ऐप पुराने UTS और IRCTC रेल कनेक्ट जैसे स्टैंडअलोन ऐप्स की जगह लेगा. रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक (सूचना और प्रचार) दिलीप कुमार ने बताया कि यह बदलाव यात्रियों को अधिक सुविधाजनक इंटरफेस प्रदान करने के लिए किया गया है.

अच्छी बात यह है कि यात्रियों को नए लॉगिन विवरण बनाने की आवश्यकता नहीं होगी. RailOne मौजूदा UTS और RailConnect क्रेडेंशियल्स का समर्थन करता है, जिससे पुराने यूजर्स आसानी से अपना डेटा माइग्रेट कर सकते हैं.

डिजिटल बुकिंग पर 3% की छूट का लाभ

नए प्लेटफॉर्म को बढ़ावा देने के लिए रेल मंत्रालय ने अनारक्षित टिकट बुकिंग पर वित्तीय प्रोत्साहन की घोषणा की है.

  • डिस्काउंट: RailOne के माध्यम से UPI, डेबिट/क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग से भुगतान करने पर यात्रियों को 3% की छूट मिलेगी.
  • समयसीमा: यह योजना 14 जनवरी 2026 से 14 जुलाई 2026 तक यानी छह महीने के लिए लागू है.
  • R-Wallet बोनस: जो यात्री R-Wallet का उपयोग करते हैं, उन्हें मिलने वाला 3% बोनस पहले की तरह जारी रहेगा.

RailOne: यात्रियों के लिए 'वन-स्टॉप' समाधान

RailOne केवल टिकट बुकिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह यात्रियों के लिए एक व्यापक डिजिटल हब के रूप में कार्य करता है. इस ऐप के जरिए यात्री निम्नलिखित सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं:

  • PNR और लाइव स्टेटस: पीएनआर स्टेटस और ट्रेन की लाइव लोकेशन ट्रैक करना.
  • कोच और प्लेटफॉर्म पोजीशन: ट्रेन के डिब्बे की स्थिति और प्लेटफॉर्म नंबर की रीयल-टाइम जानकारी.
  • ई-कैटरिंग: 'फूड ऑन ट्रैक' के जरिए सीधे अपनी सीट पर भोजन मंगवाना.
  • शिकायत निवारण: 'रेल मदद' पोर्टल के माध्यम से फीडबैक देना या शिकायत दर्ज करना.

पृष्ठभूमि: UTS ऐप का सफर

दिसंबर 2014 में शुरू हुए UTS ऐप ने रेलवे स्टेशनों पर टिकट काउंटरों की लंबी कतारों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. अब, RailOne के माध्यम से रेलवे एक अधिक स्थिर और उच्च क्षमता वाला डिजिटल ढांचा तैयार कर रहा है, जो देश भर के करोड़ों दैनिक यात्रियों की जरूरतों को एक साथ पूरा कर सके.