इस्राएल ने ईरान की राजधानी तेहरान पर बम बरसाए हैं. एक धमाका ईरान के सर्वोच्च नेता खमेनेई के दफ्तर के पास हुआ.शनिवार को इस्राएल ने ईरान की राजधानी तेहरान पर हमला किया, जिसकी पहली झलक शहर के केंद्र में उठते धुएं के रूप में दिखाई दी. रिपोर्ट्स के मुताबिक पहला विस्फोट ईरान के सर्वोच्च नेता अयतोल्ला अली खमेनेई के दफ्तर के पास हुआ. यह स्पष्ट नहीं हो सका कि 86 वर्षीय खमेनेई उस समय अपने दफ्तर में मौजूद थे या नहीं. वह पिछले कई दिनों से सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं, जबकि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव लगातार सुर्खियों में है.
इस हमले की पृष्ठभूमि में यह भी तथ्य है कि अमेरिका ने हाल ही में क्षेत्र में बड़ी संख्या में लड़ाकू विमान और युद्धपोत तैनात किए हैं. यह दबाव ईरान को उसके परमाणु कार्यक्रम पर किसी समझौते की ओर धकेलने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है. इस सैन्य अभियान से परिचित एक अमेरिकी अधिकारी और एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि इस ऑपरेशन में अमेरिका भी शामिल है. हालांकि, उनकी भूमिका किस हद तक रही, यह स्पष्ट नहीं है. दोनों ने संवेदनशील सैन्य कार्रवाई से जुड़ी जानकारी साझा करने के कारण नाम गोपनीय रखने की शर्त पर बात की.
शांतिवार्ता के बीच हमले
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करना चाहते हैं. इसलिए दोनों देशों के बीच शांतिवार्ता भी जारी है. ट्रंप इसे अवसर के रूप में देख रहे थे क्योंकि ईरान घरेलू असंतोष और देशभर में हुए प्रदर्शन के चलते आंतरिक दबाव का सामना कर रहा है. ईरान ने युद्ध से बचने की इच्छा जताई थी, लेकिन उसने यह भी दोहराया कि उसे यूरेनियम समृद्ध करने का अधिकार है और वह लंबी दूरी की मिसाइलों तथा हमास और हिजबुल्लाह जैसे समूहों को दिए जाने वाले समर्थन जैसे मुद्दों पर चर्चा नहीं करना चाहता.
हमले के बाद यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो पाया कि ईरान प्रत्यक्ष प्रतिक्रिया देगा या नहीं. हालांकि ईरान पहले ही चेतावनी दे चुका है कि किसी भी हमले की स्थिति में क्षेत्रभर में फैले अमेरिकी सैन्य ठिकाने और कर्मचारी उसकी प्रतिक्रिया का लक्ष्य हो सकते हैं.
इस्राएल के रक्षा मंत्री इस्राएल काट्ज़ ने इस कार्रवाई को "खतरों को हटाने के लिए की गई कार्रवाई” बताया, लेकिन उन्होंने इसके बारे में विस्तार से कुछ नहीं कहा.
कई जगह धमाके
तेहरान से मिली जानकारी के अनुसार, प्रत्यक्षदर्शियों ने खमेनेई के दफ्तर के पास पहला धमाका सुना. ईरानी सरकारी टेलीविजन ने भी विस्फोट की पुष्टि की, लेकिन इसका कारण बताने से परहेज किया. इसी समय इस्राएल में साइरन बजने लगे और देश ने अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया. इजरायली सैन्य अधिकारियों ने कहा कि यह "प्रोएक्टिव अलर्ट” था, ताकि संभावित मिसाइल हमले की स्थिति में जनता तैयार रह सके.
तेहरान में पहले हमले के बाद कई और धमाके हुए. अभी तक प्रशासन ने किसी भी तरह के हताहतों या नुकसान के बारे में जानकारी साझा नहीं की है. दूसरी ओर, ईरान ने अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया और मोबाइल फोन सेवाएं भी कट गईं. पायलटों को चेतावनी जारी कर दी गई थी, क्योंकि शहर में लगातार धमाकों की आवाजें गूंज रही थीं.
रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम के दौरान हालात बेहद तनावपूर्ण बने रहे. क्षेत्र में युद्ध की आशंका पहले से मौजूद थी और यह हमला उन खतरों को और अधिक गहरा कर सकता है.












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