Meghalaya Coal Mine Blast: मेघालय कोयला खदान विस्फोट मामले में हाईकोर्ट का सख्त रुख, 18 मौतों के बाद खदान मालिकों की तत्काल गिरफ्तारी के आदेश
मेघालय कोयला खदान विस्फोट (Photo Credits: File Image)

Meghalaya Coal Mine Blast: मेघालय (Meghalaya) के ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले (East Jaintia Hills District) में एक कथित अवैध कोयला खदान (Illegal Coal Mines) में हुए भीषण विस्फोट (Blast) ने राज्य को दहला दिया है. इस हादसे में अब तक 18 मजदूरों की मौत (18 Workers Died) की पुष्टि हो चुकी है. मेघालय उच्च न्यायालय (Meghalaya High Court) ने इस घटना का स्वतः संज्ञान लेते हुए प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई है और खदान मालिकों व ऑपरेटरों (Mine Owners And Operators) की तत्काल गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं.  यह भी पढ़ें: Meghalaya Coal Mine Blast: मेघालय में बड़ा हादसा, कोयला खदान में भीषण धमाके से 10 मजदूरों की मौत, कई घायल; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

 

हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणी: प्रशासनिक विफलता पर उठाए सवाल

जस्टिस एच.एस. थांगख्यू (H.S. Thangkhiew) और जस्टिस डब्ल्यू. डेंगदोह (W. Diengdoh) की खंडपीठ ने थंगस्कू क्षेत्र में हुए इस विस्फोट पर गहरी चिंता व्यक्त की. अदालत ने कहा कि इसी साल 14 जनवरी को एक घातक घटना होने के बावजूद अवैध खनन का जारी रहना गंभीर प्रशासनिक चूक की ओर इशारा करता है.

अदालत ने सख्त लहजे में कहा कि प्रतिबंधों और अदालती निर्देशों के बावजूद ऐसी गतिविधियां रुक नहीं रही हैं, जो सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन है.

कलेक्टर और एसपी को व्यक्तिगत रूप से तलब किया

उच्च न्यायालय ने ईस्ट जयंतिया हिल्स के उपायुक्त (DC) और पुलिस अधीक्षक (SP) को 9 फरवरी को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है। अधिकारियों को निम्नलिखित कार्यों के लिए निर्देशित किया गया है:

  • गिरफ्तारी और जब्ती: खदान मालिकों और इसमें शामिल सभी लोगों की पहचान कर उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाए। साथ ही खनन से जुड़े सभी उपकरण और दस्तावेज जब्त किए जाएं.
  • व्यापक रिपोर्ट: अब तक की गई कार्रवाई का पूरा विवरण और भविष्य में अवैध खनन रोकने के उपायों पर विस्तृत रिपोर्ट सौंपें.
  • चिकित्सा सहायता: घायल हुए लोगों और प्रभावित परिवारों को तत्काल चिकित्सा और हर संभव सहायता प्रदान करना सुनिश्चित करें.

राज्य सरकार का रुख: 'जवाबदेही तय की जाएगी'

मुख्यमंत्री ने इस घटना पर दुख जताते हुए मामले की व्यापक जांच के आदेश दिए हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक सुरक्षा के मामले में कोई उदारता नहीं बरती जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा, 'मेघालय सरकार ने घटना की पूरी जांच के निर्देश दिए हैं। जवाबदेही तय की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी.'

क्यों खतरनाक है 'रैट-होल' माइनिंग?

मेघालय में कोयला खनन के लिए अक्सर 'रैट-होल' (Rat-Hole) तकनीक का उपयोग किया जाता है, जो कि अवैध और बेहद खतरनाक है. संकरी सुरंगों के कारण इसमें हमेशा गैस रिसाव या विस्फोट का खतरा बना रहता है. साल 2014 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) द्वारा इस पर प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद, दुर्गम इलाकों में अवैध खनन की खबरें समय-समय पर सामने आती रही हैं, जो मजदूरों की जान के लिए खतरा बनी हुई हैं.