देश के अधिकांश हिस्सों में हो रही है भारी बारिश, जानें क्या है इतनी बारिश का कारण
कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इसमें कुछ बारिश प्री-मानसून की भी हो सकती है. चक्रवात के समय ही सभी राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी कर दी गई थी, जिसका सबसे ज्यादा असर गुजरात (Gujarat), महाराष्ट्र (Maharashtra), राजस्थान (Rajasthan), मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh), छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh), हरियाणा (Haryana), पंजाब (Punjab), उत्तरखंड (Uttarakhand) और दिल्ली (Delhi) में हुआ है.
नई दिल्ली: पिछले एक सप्ताह से देश के अधिकांश विशेषकर उत्तर और पश्चिमी हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है. दिल्ली (Delhi) में पिछले 3 दिन से कभी बूंदा-बांदी तो कभी तेज बारिश (Heavy Rain) हो रही है. दक्षिण के भी कुछ राज्यों, केरल (Kerala) और कर्नाटक (Karnataka) में बारिश देखने को मिल रही है. बारिश के चलते तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की गई. लगभग 6 से 8 डिग्री तापमान कम हुआ है. मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मौसम यूं ही बना रहेगा. Delhi Rains: दिल्ली में बारिश ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, 1951 के बाद से मई में सबसे कम अधिकतम तापमान हुआ दर्ज
क्या है इतनी बारिश का कारण
भारत के पश्चिमी तट यानि अरब सागर से उठे चक्रवात 'ताउते' (Cyclone Tauktae) और पश्चिमी विभोक्ष अभी हो रही बारिश का एकमात्र कारण है. हालांकि कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इसमें कुछ बारिश प्री-मानसून की भी हो सकती है. चक्रवात के समय ही सभी राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी कर दी गई थी, जिसका सबसे ज्यादा असर गुजरात (Gujarat), महाराष्ट्र (Maharashtra), राजस्थान (Rajasthan), मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh), छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh), हरियाणा (Haryana), पंजाब (Punjab), उत्तरखंड (Uttarakhand) और दिल्ली (Delhi) में हुआ है. इन सभी राज्यों में भारी बारिश के साथ कहीं कहीं ओले गिरे और तेज हवाएं भी चल रही हैं. राज्यों के कुछ हिस्सों में बिजली भी गुल हुई है. मौसम विभाग ने देश के 23 राज्यों को हाई अलर्ट (High Alert) पर रहने के निर्देश जारी किये है, जिससे समय रहते जान-माल की हानि से बचा जा सके.
दिल्ली में बारिश ने सभी रिकॉर्ड तोड़े
बृहस्पतिवार को सुबह साढ़े आठ बजे तक बीते 24 घंटों में रिकॉर्ड 119.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिसने मई में बारिश के पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया कि 1976 में 24 मई को 60 मिमी. बारिश दर्ज की गई थी और इस बार उससे दोगुनी बारिश दर्ज की गई है.
बंगाल की खाड़ी से भी उठ सकता है नया चक्रवात
मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि बंगाल (Bengal) की खाड़ी से एक नया तूफान उठ सकता है. मौसम विज्ञान विभाग ने कहा कि 22 मई को बंगाल की खाड़ी के पूर्वी मध्य हिस्से पर एक कम दबाव का क्षेत्र बनेगा जो चक्रवाती तूफान में बदल सकता है और 26 मई को ओडिशा-पश्चिम बंगाल के तटों से टकरा सकता है. विभाग ने समंदर के अशांत रहने की चेतावनी दी है. पश्चिम बंगाल के मछुआरों को 23 मई से कुछ दिनों के लिए समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है.
किसानों पर क्या होगा असर
इस समय होने वाली बारिश का किसानों पर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह से असर होगा. मध्य भारत और उत्तर भारत में अभी रबी की फसल काटकर खेत खाली हैं. बारिश की वजह से खेतों में पानी भरने से नमी बढ़ेगी. किसान अभी खेतों की जुताई कर मिट्टी को हवा खाने के लिए छोड़ देंगे, जिससे फसल बुबाई के समय तक मिट्टी में उर्वरकता बढ़ जाती है.
कई राज्यों विशेषकर मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और पंजाब में अभी गेंहू की खरीद चल रही है. बारिश की वजह से खरीदी में रुकावट आ गई है. वहीं कुछ किसानों, जो अपनी फसल बेचने के लिए मंडी ला चुके थे परंतु उचित प्रबंध न होने के कारण खुले में रखे हुए थे. बारिश के कारण मंडी में पानी भरने से उनकी फसल भीग गई. पानी दो-तीन दिन से लगातार बरस रहा है, जिसके चलते उनकी फसल सड़ने लगी है. मध्य प्रदेश के दमोह और राजस्थान के कुछ हिस्सों से ऐसी खबरें आई हैं.
इस साल कब आएगा मानसून
देश में इस साल मानसून समय से दस्तक देगा. मौसम विभाग के मुताबिक, 1 जून के करीब मानसून केरल में आ जाएगा. आईएमडी ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के इस साल सामान्य रहने के आसार हैं. देश में 75 प्रतिशत बारिश दक्षिण-पश्चिम मानसून के कारण होती है. दीर्घावधि के हिसाब से औसत बारिश 98 प्रतिशत तक होगी और इसमें पांच प्रतिशत की कमी/इजाफा हो सकती है.
तूफानों से लड़ने में भारत ने की है प्रगति
आइएमडी के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्रा के अनुसान भारत ने इस क्षेत्र में पिछले एक दशक में काफी प्रगति की है. सटीक पूर्वानुमानों के कारण हमने काफी तबाई होने से रोकी है. डॉ. महापात्रा आगे कहते हैं कि हमारे उपकरण और वैज्ञानिक दुनिया के विकसित देशों के मुकाबले बिल्कुल भी कम नहीं है. कई बार जापान, ऑस्ट्रेलिया, कोरिया से भी अधिक सटीक अनुमान भारतीय मौसम विभाग ने लगाए हैं. इसी का नतीजा है की पिछले साल उड़ीसा मे आए फानी तूफान का असर हमने बहुत कम कर दिया था.
(The above story first appeared on LatestLY on May 21, 2021 04:43 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

