देश

महाराष्ट्र सरकार ने कर्मचारियों को दी 30 मिनट देर से ऑफिस पहुंचने की छूट, प्राइवेट सेक्टर के लिए भी हो सकता है बदलाव

महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने विधानसभा में घोषणा की कि अब सरकारी कर्मचारी अपने काम की शुरुआत 30 मिनट देर से कर सकते हैं.

महाराष्ट्र सरकार ने कर्मचारियों को दी 30 मिनट देर से ऑफिस पहुंचने की छूट, प्राइवेट सेक्टर के लिए भी हो सकता है बदलाव
Mumbai Local (Photo Credits: ANI)

मुंबई की लोकल ट्रेनें, जो शहर की लाइफलाइन मानी जाती हैं, आज भीड़ और हादसों के कारण लगातार सुर्खियों में रहती हैं. इसी गंभीर समस्या को ध्यान में रखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. अब राज्य सरकार के कर्मचारी ऑफिस 30 मिनट देर से पहुंच सकेंगे ताकि पिक ऑवर्स (Peak Hours) में ट्रेनों की भीड़ को कम किया जा सके. महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने विधानसभा में घोषणा की कि अब सरकारी कर्मचारी अपने काम की शुरुआत 30 मिनट देर से कर सकते हैं. हालांकि, इसके बदले उन्हें 30 मिनट देर तक काम करना होगा ताकि काम के कुल घंटे पूरे किए जा सकें. यह छूट केवल आराम के लिए नहीं, बल्कि भीड़ प्रबंधन के एक रणनीतिक प्रयास के तहत दी गई है.

BJP विधायक अतुल भातखलकर ने लोकल ट्रेनों में बढ़ते हादसों का मुद्दा विधानसभा में उठाया था. इसके जवाब में मंत्री सरनाइक ने माना कि अत्यधिक भीड़ के कारण दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए ये कदम उठाया गया है, जिससे यात्री समय को थोड़ा फैलाया जा सके और प्लेटफॉर्म तथा ट्रेनों पर दबाव कम हो सके.

Maharashtra: 'चाहो तो हमारे साथ आ जाओ...2029 तक विपक्ष में नहीं जाएंगे', उद्धव ठाकरे को CM फडणवीस का खुला ऑफर.

प्राइवेट सेक्टर के लिए भी राहत के संकेत

परिवहन मंत्री ने यह भी बताया कि एक टास्क फोर्स बनाई जा रही है जो यह मूल्यांकन करेगी कि क्या इसी तरह की लचीली टाइमिंग प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के लिए भी लागू की जा सकती है. यदि ऐसा होता है, तो यह मुंबई में कार्यरत लाखों कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है.

वैकल्पिक ट्रांसपोर्ट की ओर बढ़ावा

सरकार ने मुंबई मेट्रो और अन्य सार्वजनिक परिवहन विकल्पों को अपनाने के लिए भी लोगों को प्रोत्साहित करने की योजना बनाई है. उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे जल्द ही एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाने वाले हैं, जिसमें यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए और कदमों की समीक्षा की जाएगी, खासतौर पर चलती ट्रेनों में चढ़ने-उतरने जैसे खतरनाक मामलों पर.

सरनाइक ने साफ किया कि यह कोई अस्थायी उपाय नहीं है, बल्कि मुंबई के करोड़ों यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई एक दीर्घकालिक रणनीति है. यदि यह प्रयोग सफल होता है, तो आने वाले समय में मुंबई की यात्रा कहीं अधिक सुरक्षित और सहज हो सकती है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 17, 2025 11:28 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).