Tulip Garden: पर्यटकों के लिए खुशखबरी, श्रीनगर में 16 मार्च से खुलेगा एशिया का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन; पहले दिन बड़ी संख्या में पर्यटकों की भीड़ उमड़ने की उम्मीद
(Photo Credits @IndianExpress)

Shrinagar Tulip Garden: कश्मीर घाटी में वसंत के आगमन के साथ ही विश्व प्रसिद्ध इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्यूलिप गार्डन को 16 मार्च 2026 से जनता के लिए खोलने का निर्णय लिया गया है. एशिया के सबसे बड़े ट्यूलिप गार्डन के रूप में पहचाने जाने वाले इस बगीचे का खुलना घाटी में वार्षिक पर्यटन सीजन की औपचारिक शुरुआत माना जाता है. डल झील के किनारे स्थित यह गार्डन अपनी खूबसूरती से देश-दुनिया के सैलानियों को आकर्षित करने के लिए पूरी तरह तैयार है.

ज़बरवान की पहाड़ियों के बीच फूलों का संसार

श्रीनगर के ज़बरवान पर्वत श्रृंखला की तलहटी में फैला यह गार्डन लगभग 30 हेक्टेयर क्षेत्र में विस्तृत है. सीढ़ीदार ढलानों पर बना यह बगीचा न केवल ट्यूलिप के लिए बल्कि अपनी अनूठी वास्तुकला के लिए भी जाना जाता है. बागवानी विभाग के अनुसार, इस साल लाखों की संख्या में ट्यूलिप के फूल खिलने की उम्मीद है, जो पर्यटकों के लिए एक यादगार अनुभव साबित होगा.  यह भी पढ़े:  Ayodhya Tourism Boom: अयोध्या ने तोड़े सारे रिकॉर्ड! ताज महल को भी छोड़ा पीछे, राम मंदिर के चलते पर्यटकों की संख्या में जबरदस्त उछाल

नई किस्में और विशेष तैयारियां

पर्यटन विभाग ने इस सीजन के लिए गार्डन में कई नई प्रजातियों के ट्यूलिप लगाए हैं. गार्डन में अलग-अलग रंगों और आकारों के फूलों की क्यारियां सजाई गई हैं. इसके अलावा पर्यटकों की सुविधा के लिए गार्डन के भीतर रास्तों का नवीनीकरण और बैठने की उचित व्यवस्था की गई है. विभाग को उम्मीद है कि इस साल पर्यटकों की संख्या पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ सकती है.

कश्मीर के पर्यटन क्षेत्र के लिए महत्व

ट्यूलिप गार्डन का खुलना कश्मीर की अर्थव्यवस्था और पर्यटन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. शीतकाल के बाद जब घाटी में बर्फ पिघलती है, तब यह गार्डन सबसे पहले पर्यटकों का स्वागत करता है. इसके खुलने से स्थानीय होटल व्यवसायियों, टैक्सी चालकों और हस्तशिल्प व्यापारियों के व्यापार में तेजी आती है. डल झील के पास स्थित होने के कारण पर्यटक शिकारा सवारी के साथ-साथ इस बाग का भी आनंद ले पाते हैं.

आगंतुकों के लिए गाइडलाइन

प्रशासन ने गार्डन आने वाले पर्यटकों के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा भी प्रदान की है ताकि मुख्य द्वार पर भीड़ को नियंत्रित किया जा सके. सैलानियों को सलाह दी गई है कि वे गार्डन की सुंदरता बनाए रखने के लिए नियमों का पालन करें और फूलों को नुकसान न पहुँचाएं.