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TCS में इंक्रीमेंट के बाद घट गई टेक प्रोफेशनल्स की इन-हैंड सैलरी? सोशल मीडिया पर भड़के कर्मचारी, मैनेजमेंट पर उठाए सवाल

देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में इस साल का अप्रेजल (Appraisal) सीजन विवादों में घिर गया है. कई कर्मचारियों ने सोशल मीडिया पर दावा किया है कि सालाना इंक्रीमेंट लेटर मिलने के बावजूद उनकी टेक-होम (इन-हैंड) सैलरी पिछले साल के मुकाबले घट गई है.

TCS में इंक्रीमेंट के बाद घट गई टेक प्रोफेशनल्स की इन-हैंड सैलरी? सोशल मीडिया पर भड़के कर्मचारी, मैनेजमेंट पर उठाए सवाल
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: File Image)

मुंबई, 19 मई: भारत की अग्रणी सूचना प्रौद्योगिकी (IT) सेवा प्रदाता कंपनी 'टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज' (TCS) में इस साल का अप्रेजल (मूल्यांकन) चक्र सोशल मीडिया पर एक बड़े विवाद का कारण बन गया है. कंपनी के कई तकनीकी कर्मचारियों (Techies) ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर दावा किया है कि सालाना इंक्रीमेंट लेटर (Annual Increment Letter) मिलने के बावजूद उनकी वास्तविक इन-हैंड सैलरी (Take-Home Salary) बढ़ने के बजाय घट गई है. इस विरोधाभासी वेतन संशोधन (Salary Revision) ने आईटी प्रोफेशनल्स के बीच एक नई बहस छेड़ दी है, जिसमें बड़ी टेक कंपनियों के जटिल वेतन ढांचे और आंतरिक नीतियों पर सवाल उठाए जा रहे हैं. यह भी पढ़ें: Infosys Bonus Cut: इन्फोसिस ने परफॉर्मेंस बोनस में की कटौती: पिछली तिमाही के 85% के मुकाबले इस बार मिलेगा केवल 70% वेरिएबल पे

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ कर्मचारियों का दर्द

यह मुद्दा तब गरमाया जब एक्स (X) और लिंक्डइन जैसे प्लेटफॉर्म्स पर टीसीएस कर्मचारियों के कुछ पोस्ट तेजी से वायरल होने लगे। एक वायरल पोस्ट में लिखा था, 'टीसीएस के सालाना इंक्रीमेंट आ चुके हैं और दुर्भाग्य से कई लोगों की सैलरी बढ़ने के बजाय घट गई है. हंसी इसलिए आ रही है क्योंकि मैनेजमेंट को मिलने वाले हाइक का तो आपको पता भी नहीं चलेगा, जो हर साल केवल बढ़ता ही है. शेयरधारक भी काफी खुश दिख रहे हैं, बस इन्हें कर्मचारियों की कोई परवाह नहीं है.'

इस पोस्ट के सामने आने के बाद मौजूदा और पूर्व आईटी प्रोफेशनल्स के बीच तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं. जहां कई लोगों ने कंपनी की नीतियों की आलोचना की, वहीं कुछ नेटिजन्स ने तर्क दिया कि मंदी के इस दौर में नौकरी जाने से बेहतर है कि कम सैलरी में ही काम चला लिया जाए.

'कोई नई बात नहीं'

वेरिएबल पे और इंटरनल रेटिंग का गणित

इस बहस के बीच कई पूर्व कर्मचारियों ने आईटी क्षेत्र के वेतन ढांचे (Compensation Structure) की हकीकत को स्पष्ट किया. उद्योग के जानकारों के अनुसार, टीसीएस जैसी बड़ी कंपनियों में कुल वेतन दो मुख्य हिस्सों—फिक्स्ड सैलरी (Fixed Pay) और वेरिएबल पे (Variable Pay)—में बंटा होता है.

एक पूर्व कर्मचारी ने उदाहरण देते हुए समझाया कि यदि किसी का कुल वेतन 100 रुपये है, जिसमें 60 रुपये फिक्स्ड और 40 रुपये वेरिएबल हैं, तो अप्रेजल के बाद फिक्स्ड हिस्सा बढ़कर 70 रुपये तो हो सकता है, लेकिन यदि कंपनी का प्रदर्शन या कर्मचारी की व्यक्तिगत इंटरनल रेटिंग खराब रही, तो वेरिएबल हिस्सा घटकर 20 रुपये पर आ सकता है. ऐसी स्थिति में, कुल इन-हैंड सैलरी पिछले साल के मुकाबले कम हो जाती है.

'यह कोई नई बात नहीं, दशकों पुराना है तरीका'

एक अन्य पूर्व कर्मचारी ने एक्स (X) पर दावा किया कि यह प्रक्रिया टीसीएस के लिए कोई नई नहीं है, बल्कि दशकों से चली आ रही एक सोची-समझी रणनीति है. उन्होंने आरोप लगाया कि टीसीएस अपने बजट या बैलेंस शीट पर अतिरिक्त बोझ डाले बिना आंतरिक रूप से ही वेतन को पुनर्वितरित (Redistribute) करती है.

उन्होंने लिखा, "एक साल जब किसी कर्मचारी को अच्छी रेटिंग मिलती है, तो उसे हाइक दे दिया जाता है. अगले साल यदि वह उस रेटिंग को बरकरार नहीं रख पाता, तो उसकी सैलरी कम कर दी जाती है और वह कटौती किसी दूसरे अच्छा प्रदर्शन करने वाले कर्मचारी को दे दी जाती है. इस तरह कंपनी बैलेंस शीट से पैसा खर्च किए बिना वेतन को मैनेज करती है." उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि साल 2010 में जब उन्होंने टाउन हॉल मीटिंग में इस मुद्दे को उठाया था, तो एक आंतरिक सर्वे कराया गया था, लेकिन उसके परिणाम कॉर्पोरेट नौकरशाही की भेंट चढ़ गए.

बढ़ती अनिश्चितता के बीच टीसीएस की चुप्पी

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब भारतीय आईटी क्षेत्र के कर्मचारी पहले से ही नौकरी की सुरक्षा, वेरिएबल पे में कटौती और परफॉर्मेंस-लिंक्ड अप्रेजल सिस्टम के कारण मानसिक दबाव से गुजर रहे हैं. चूंकि वेतन का एक बड़ा हिस्सा प्रदर्शन से जुड़े प्रोत्साहनों पर निर्भर करता है, इसलिए रेटिंग में जरा सा बदलाव भी कर्मचारियों के मासिक बजट को बिगाड़ देता है। सोशल मीडिया पर चल रहे इन दावों और विवाद पर टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक या सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है.

(The above story first appeared on LatestLY on May 19, 2026 06:52 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).