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Mumbai Bread Price Hike: मुंबई में महंगाई का डबल झटका, दूध के बाद अब ब्रेड की कीमतों में उछाल; पैकेट पर ₹2 से ₹5 तक बढ़े दाम

महाराष्ट्र में प्रमुख डेयरी ब्रांडों द्वारा दूध की कीमतों में की गई वृद्धि के बाद अब मुंबई में ब्रेड और अन्य बेकरी उत्पादों के दाम बढ़ गए हैं. कच्चे माल और कमर्शियल एलपीजी की बढ़ती लागत के कारण ब्रेड के विभिन्न पैकेटों पर ₹2 से ₹5 तक की बढ़ोतरी की गई है.

Mumbai Bread Price Hike: मुंबई में महंगाई का डबल झटका, दूध के बाद अब ब्रेड की कीमतों में उछाल; पैकेट पर ₹2 से ₹5 तक बढ़े दाम
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: File Image)

मुंबई, 19 मई: मुंबई (Mumbai) और उसके आसपास के महानगरीय क्षेत्रों में रहने वाले आम नागरिकों के घरेलू बजट (Household Budget) पर महंगाई (Inflation) की दोहरी मार पड़ी है. महाराष्ट्र (Maharashtra) में प्रमुख डेयरी सहकारी समितियों और ब्रांडों द्वारा हाल ही में दूध के खुदरा दामों में की गई वृद्धि के ठीक बाद अब स्थानीय बेकरियों और ब्रेड निर्माताओं ने भी स्लाइस्ड ब्रेड (Sliced Bread) और संबंधित बेकरी उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी की घोषणा कर दी है. इस सप्ताह से प्रभावी हुई नई दरों के तहत उपभोक्ताओं को ब्रेड के प्रति पैकेट पर उसकी साइज और वेरिएंट के आधार पर ₹2 से ₹5 तक अतिरिक्त खर्च करने होंगे. यह भी पढ़ें: Vegetable-Fruit Prices Hike in Mumbai: ईंधन के दाम बढ़ते ही मुंबई में बढ़े फल और सब्जियों के दाम, विक्रेता समेत आम जनता परेशान; जानें लोगों ने क्या कहा

लागत बढ़ने से बेकरी मालिक मजबूर

'मुंबई ब्रेड मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन' (Mumbai Bread Manufacturers' Association) ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि आवश्यक कच्चे माल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के बाद ब्रेड के दाम बढ़ाना अपरिहार्य हो गया था. स्लाइस्ड ब्रेड के निर्माण में उसका टेक्सचर और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए स्किम्ड मिल्क पाउडर, मिल्क सॉलिड्स और कमर्शियल डेयरी फैट्स का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है.

प्रमुख दूध आपूर्तिकर्ताओं द्वारा हाल ही में की गई ₹2 प्रति लीटर की वृद्धि के बाद बेकरियों के लिए इन सामग्रियों की खरीद लागत काफी बढ़ गई है. इसके साथ ही, कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर, पैकेजिंग सामग्री और परिवहन लॉजिस्टिक्स (ईंधन खर्च) में लगातार हो रहे इजाफे के कारण बेकरी संचालकों का कहना है कि वे अब उत्पाद की गुणवत्ता से समझौता किए बिना इस वित्तीय घाटे को खुद बर्दाश्त नहीं कर सकते.

ब्रेड की नई और संशोधित दरें

कीमतों में यह संशोधन स्थानीय और क्षेत्रीय ब्रांडों की मानक सफेद ब्रेड, ब्राउन ब्रेड और सैंडविच लोफ पर लागू हो गया है. मुंबई के उपनगरीय इलाकों में किराना दुकानों को नए प्राइस चार्ट भेज दिए गए हैं:

  • मानक सफेद ब्रेड (400 ग्राम): इसकी कीमत ₹32 से बढ़ाकर अब ₹34 कर दी गई है (₹2 की वृद्धि).
  • बड़ी सैंडविच ब्रेड (800 ग्राम): इसके पैकेट में ₹4 का उछाल आया है, जिससे इसके दाम ₹60 से बढ़कर ₹64 हो गए हैं.
  • प्रीमियम वेरिएंट्स: ब्राउन ब्रेड, मल्टी-ग्रेन ब्रेड और मिल्क-ब्रेड के पैकेटों पर निर्माताओं के अनुसार ₹3 से ₹5 तक की एकसमान बढ़ोतरी देखी जा रही है.

स्थानीय फूड स्टालों पर 'डोमिनो इफेक्ट' की आशंका

दूध और ब्रेड की कीमतों में एक साथ हुई इस वृद्धि का असर मुंबई के असंगठित खाद्य क्षेत्र (स्ट्रीट फूड) पर भी पड़ने की आशंका है. शहर के सबसे लोकप्रिय स्थानीय स्नैक्स—जैसे वड़ा पाव, मस्का बन और सैंडविच बेचने वाले रेहड़ी-पटरी वाले इस बदलाव से सीधे प्रभावित हो रहे हैं.

हालांकि, पारंपरिक 'पाव' (ब्रेड बन) की कीमत को फिलहाल अस्थाई रूप से स्थिर रखा गया है, लेकिन बेकर्स ने चेतावनी दी है कि यदि मैदा (Refined Wheat Flour) और डेयरी उत्पादों की खरीद कीमतें जल्द ही नियंत्रित नहीं हुईं, तो अगले महीने से बन और पाव के दामों में भी संशोधन किया जाएगा. स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि उनका दैनिक मुनाफा (मार्जिन) लगातार घट रहा है, जिससे आने वाले हफ्तों में वे स्नैक्स के दाम बढ़ाने पर विचार कर सकते हैं.

बढ़ता जीवनयापन खर्च और उपभोक्ता चिंता

औसत मुंबईकर के लिए यह बढ़ोतरी सीधे उनके सुबह के नाश्ते की मुख्य सामग्रियों को प्रभावित करती है. सब्जियों की कीमतों में होने वाले मौसमी उतार-चढ़ाव के बीच, मध्यम वर्ग और कम आय वाले परिवारों ने जीवनयापन की इस बढ़ती लागत पर गहरी चिंता व्यक्त की है.

उद्योग विश्लेषकों का कहना है कि शहरी केंद्रों में खाद्य मुद्रास्फीति (Food Inflation) की स्थिति ईंधन और डेयरी की मूल्य संरचनाओं के प्रति बेहद संवेदनशील होती है. दूसरी ओर, डेयरी सहकारी समितियों ने मवेशियों के चारे की बढ़ती लागत और दूध की कम खरीद का हवाला देते हुए अपनी मूल्य वृद्धि का बचाव किया है, जिसके कारण बेकरियों जैसे डाउनस्ट्रीम खाद्य प्रसंस्करणकर्ताओं के पास इस बोझ को सीधे खुदरा उपभोक्ताओं पर डालने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है.

(The above story first appeared on LatestLY on May 19, 2026 06:17 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).