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BRICS Summit 2026: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए इस सितंबर भारत आएंगे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, क्रेमलिन ने की आधिकारिक पुष्टि

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस साल सितंबर में नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit 2026) में भाग लेने के लिए भारत आएंगे. क्रेमलिन के एक शीर्ष अधिकारी ने पुष्टि की है कि पुतिन 12 और 13 सितंबर को होने वाले इस सम्मेलन में व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहेंगे.

BRICS Summit 2026: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए इस सितंबर भारत आएंगे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, क्रेमलिन ने की आधिकारिक पुष्टि
व्लादिमीर पुतिन और पीएम मोदी (Photo Credits: File Image)

मास्को/नई दिल्ली, 19 मई: रूस के राष्ट्रपति (President of Russia) व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) इस साल सितंबर में भारत की मेजबानी में नई दिल्ली में आयोजित होने वाले ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. क्रेमलिन (रूसी राष्ट्रपति कार्यालय) ने आधिकारिक तौर पर इस खबर की पुष्टि की है. दक्षिण अफ्रीका में स्थित रूसी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक पोस्ट साझा करते हुए पुतिन के शीर्ष सहयोगी यूरी उशाकोव के हवाले से बताया कि रूसी राष्ट्रपति 12 से 13 सितंबर, 2026 तक होने वाले इस शिखर सम्मेलन में व्यक्तिगत रूप से शामिल होने के लिए नई दिल्ली का दौरा करेंगे. यह भी पढ़ें: पीएम मोदी स्वीडन का सफल दौरा संपन्न कर नॉर्वे के लिए रवाना, द्विपक्षीय संबंध 'रणनीतिक साझेदारी' में बदले

एक साल के भीतर पुतिन का दूसरा भारत दौरा

रूसी राष्ट्रपति का यह दौरा पिछले एक साल के भीतर उनकी दूसरी भारत यात्रा होगी. इससे पहले व्लादिमीर पुतिन दिसंबर 2025 में आयोजित हुए 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन (India-Russia Annual Summit) में भाग लेने के लिए नई दिल्ली आए थे. पुतिन के इस आगामी दौरे की पुष्टि ऐसे समय में हुई है जब इसी महीने की शुरुआत में रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भारत का दौरा किया था और ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लिया था.

पीएम मोदी और विदेश मंत्री लावरोव के बीच हुई थी चर्चा

अपने भारत दौरे के दौरान रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने 14 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी. इस बैठक में लावरोव ने द्विपक्षीय सहयोग की प्रगति पर चर्चा की थी और यूक्रेन व पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) की स्थिति सहित साझा हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर प्रधानमंत्री को जानकारी दी थी.

बाद में राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए लावरोव ने बताया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस वर्ष द्विपक्षीय वार्ता के लिए रूसी संघ (रशिया) की यात्रा करने के अपने संकल्प को दोहराया है. मास्को भारत के साथ अपने "विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक गठबंधन" (Privileged Strategic Partnership) को सभी क्षेत्रों में विस्तारित करने के लिए प्रतिबद्ध है. यह भी पढ़ें: PM Modi Netherlands Visit: नीदरलैंड के द हेग में पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय को किया संबोधित, 2014 के चुनावी नतीजों को किया याद; VIDEO

ब्रिक्स (BRICS) संगठन का बढ़ता दायरा और महत्व

ब्रिक्स वर्तमान में दुनिया के ग्यारह प्रमुख उभरते बाजारों और विकासशील देशों को एक मंच पर लाता है. इस संगठन के सदस्य देशों में ब्राजील, चीन, मिस्र (इजिप्ट), इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) शामिल हैं. यह संगठन वैश्विक और क्षेत्रीय महत्व के समकालीन मुद्दों के साथ-साथ वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक शासन (Governance) के सुधारों पर परामर्श और सहयोग के लिए एक बेहद प्रभावी मंच के रूप में कार्य करता है.

2026 के सम्मेलन की थीम और दृष्टिकोण

वर्ष 2026 के लिए भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता (Chairship) को एक विशेष दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है. आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, इस साल के सम्मेलन की मुख्य थीम "बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी" (लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण) निर्धारित की गई है. यह थीम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2025 में ब्राजील के रियो शिखर सम्मेलन में व्यक्त किए गए 'जन-केंद्रित' (People-Centric) और 'मानवता-प्रथम' (Humanity-First) के दृष्टिकोण को दर्शाती है.

(The above story first appeared on LatestLY on May 19, 2026 06:52 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).