गोथेनबर्ग/ओस्लो, 18 मई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) स्वीडन (Sweden) का अपना दो दिवसीय सफल आधिकारिक दौरा संपन्न कर सोमवार को गोथेनबर्ग (Gothenburg) से नॉर्वे (Norway) की राजधानी ओस्लो (Oslo) के लिए रवाना हो गए हैं. उनके इस दौरे के दौरान भारत और स्वीडन (India and Sweden) के द्विपक्षीय संबंधों को ऐतिहासिक रूप से ऊपर उठाते हुए 'रणनीतिक साझेदारी' (Strategic Partnership) में बदल दिया गया है. पांच देशों की अपनी विदेश यात्रा के चौथे चरण के तहत पीएम मोदी अब नॉर्वे पहुंच रहे हैं, जो पिछले 43 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला नॉर्वे दौरा है. यह भी पढ़ें: PM Modi Netherlands Visit: नीदरलैंड के द हेग में पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय को किया संबोधित, 2014 के चुनावी नतीजों को किया याद; VIDEO
स्वीडन दौरे की प्रमुख उपलब्धियां
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन के साथ उनकी वार्ता बेहद सार्थक रही. इस यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण पहलों की शुरुआत की गई:
- जॉइंट इनोवेशन पार्टनरशिप 0: दोनों देशों के बीच तकनीकी सहयोग को बढ़ाने के लिए इसे लॉन्च किया गया.
- इंडिया-स्वीडन टेक्नोलॉजी एंड एआई कॉरिडोर: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और भविष्य की तकनीकों में अनुसंधान को गति देने के लिए इस कॉरिडोर की स्थापना की गई.
- व्यापार का लक्ष्य: दोनों देशों ने आगामी पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है.
गोथेनबर्ग में पीएम मोदी ने 'यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री' (ERT) को भी संबोधित किया, जहां उन्होंने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) से उभरते अवसरों और भारत की आर्थिक विकास यात्रा पर चर्चा की.
'रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार' से सम्मानित
भारत-स्वीडन संबंधों को प्रगाढ़ बनाने में उनके असाधारण नेतृत्व और योगदान के लिए प्रधानमंत्री मोदी को स्वीडन के प्रतिष्ठित सम्मान 'रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार, डिग्री कमांडर ग्रैंड क्रॉस' से नवाजा गया. इसके अतिरिक्त, दोनों प्रधानमंत्रियों ने गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की स्थायी विरासत को याद करते हुए विशेष स्मारक उपहारों का आदान-प्रदान किया, जो दोनों देशों के गहरे सांस्कृतिक जुड़ाव को दर्शाता है.
नॉर्वे दौरे पर टिकी नजरें: 3rd भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन
ओस्लो पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी तीसरे 'भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन' (India-Nordic Summit) में हिस्सा लेंगे. अपनी इस यात्रा के दौरान वे नॉर्वे के राजा हेराल्ड पंचम और रानी सोन्जा से शिष्टाचार भेंट करेंगे.
इसके बाद, वे नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और दोनों नेता संयुक्त रूप से 'भारत-नॉर्वे बिजनेस एंड रिसर्च समिट' को संबोधित करेंगे। इस ऐतिहासिक दौरे से भारत और नॉर्डिक देशों के बीच नीली अर्थव्यवस्था (Blue Economy), नवीकरणीय ऊर्जा और अनुसंधान के क्षेत्रों में सहयोग मजबूत होने की उम्मीद है.













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