Piyush Goyal Auto Ride Video: दक्षिण मुंबई के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में से एक, चर्नी रोड स्टेशन के बाहर पैदल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर स्थिति पैदा हो गई है. स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 4 से बाहर निकलने वाले यात्रियों को फुटपाथों पर भारी अतिक्रमण और रुकावटों के कारण जान जोखिम में डालकर चलने पर मजबूर होना पड़ रहा है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर साझा की गई तस्वीरों और वीडियो के अनुसार, यात्रियों के चलने के लिए बनाए गए फुटपाथ पूरी तरह से निर्माण सामग्री, मलबे, खंभों और अवैध पार्किंग की चपेट में हैं. इसके चलते पीक ऑवर्स (व्यस्त समय) में स्टेशन से बाहर आने वाले हजारों रेल यात्रियों को सुरक्षित रास्ता नहीं मिल पा रहा है.
फुटपाथों से गायब हुई जगह
चर्नी रोड स्टेशन के निकास द्वार के बाहर की स्थिति मुंबई में पैदल यात्रियों के दैनिक संघर्ष को साफ बयां करती है. स्टेशन से बाहर निकलते ही फुटपाथ कई जगहों पर पूरी तरह से गायब दिखाई देते हैं. फ्लाईओवर के नीचे और निकास मार्ग के साथ वाले हिस्से में लोहे की छड़ें, टूटे हुए कंक्रीट के स्लैब, कचरा और अन्य अस्थायी निर्माण सामग्री बिखरी पड़ी है. नागरिक प्रशासन की इस अनदेखी के कारण पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ पर पैर रखने तक की जगह नहीं बची है. यह भी पढ़े: VIDEO: पीएम मोदी के अपील का असर, राजस्थान की डिप्टी सीएम दीया कुमारी ट्रेन से यात्रा कर पहुंचीं अजमे
पीयूष गोयल की ऑटो की सवारी
उत्तर मुंबई में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत
📍शताब्दी अस्पताल, कांदिवली pic.twitter.com/YOqQ4iVzEi
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) May 16, 2026
अवैध पार्किंग ने बढ़ाई यात्रियों की मुसीबत
फुटपाथों पर अतिक्रमण के अलावा स्टेशन के ठीक बाहर सड़कों के किनारे हो रही अवैध पार्किंग ने समस्या को और अधिक जटिल बना दिया है. दोपहिया और अन्य वाहनों के अवैध रूप से खड़े होने के कारण सड़क की चौड़ाई कम हो गई है. पहले से ही सीमित पैदल मार्ग होने और अब वाहनों के जमावड़े के कारण यात्रियों के पास चलते हुए वाहनों के ठीक बगल से गुजरने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचता है.
व्यस्त समय में दुर्घटनाओं का बना रहता है डर
चर्नी रोड स्टेशन से रोजाना हजारों की संख्या में कामकाजी लोग और छात्र आवागमन करते हैं. सुबह और शाम के व्यस्त समय के दौरान जब यात्रियों की भीड़ अचानक बाहर निकलती है, तो स्पष्ट पैदल मार्ग न होने से भगदड़ जैसी स्थिति और सड़क हादसों का खतरा हमेशा बना रहता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि पैदल यात्रियों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा की इस तरह अनदेखी करना बेहद चिंताजनक है.
यह स्थिति सीधे तौर पर स्थानीय नागरिक निकाय (BMC) और यातायात पुलिस के प्रबंधन पर सवाल खड़े करती है. व्यस्त सार्वजनिक परिवहन क्षेत्रों में पैदल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता होनी चाहिए. स्थानीय प्रवासियों और यात्रियों ने मांग की है कि स्टेशन के आसपास से तुरंत मलबे और अतिक्रमण को हटाया जाए, अवैध पार्किंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और फुटपाथों को दोबारा चलने योग्य बनाया जाए ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके.













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