mAadhaar ऐप जल्द होगा बंद: UIDAI की नागरिकों से नए वर्जन को डाउनलोड करने की अपील, मिलेंगे फेस ऑथेंटिकेशन और क्यूआर शेयरिंग जैसे फीचर्स
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नई दिल्ली, 18 मई: भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (Unique Identification Authority of India) (UIDAI) ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि मौजूदा 'mAadhaar' ऐप को जल्द ही बंद (Retire) कर दिया जाएगा. इस फैसले के बाद देश भर के करोड़ों स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं के लिए नए प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट होना अनिवार्य हो गया है. प्राधिकरण ने बताया कि डिजिटल पहचान की सुरक्षा को मजबूत करने और बेहतर यूजर अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से पुराने ऐप को चरणबद्ध तरीके से हटाकर उसकी जगह बिल्कुल नए और उन्नत आधार एप्लिकेशन को लाया जा रहा है. यह भी पढ़ें: Aadhaar Card New Application: घर बैठे नए आधार कार्ड के लिए कैसे करें आवेदन? जानें 2026 की लेटेस्ट प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज

ऐप को बंद करने के पीछे तकनीकी कारण

पुराने mAadhaar ऐप को बंद करने का मुख्य कारण इसका पुराना इंफ्रास्ट्रक्चर है. कई साल पहले तैयार किए गए इस ढांचे के कारण ऐप आधुनिक सुरक्षा मानकों के साथ तालमेल बिठाने में असमर्थ साबित हो रहा था, जिससे डिजिटल पहचान से जुड़ी धोखाधड़ी का जोखिम बढ़ गया था. UIDAI का नया ऐप पूरी तरह से एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन (End-to-End Encryption) और तेज बायोमेट्रिक कॉल्स को संभालने में सक्षम है. इससे पुराना ऐप इस्तेमाल करते समय आने वाली डेटा सिंकिंग और स्लो लोडिंग जैसी समस्याओं से भी निजात मिलेगी.

एमआधार ऐप जल्द ही बंद होगा, यूआईडीएआई ने घोषणा की

नए ऐप में क्या हैं खास फीचर्स?

नया एप्लिकेशन पुराने संस्करण की तुलना में तकनीकी रूप से बहुत अधिक उन्नत है। इसमें सुरक्षा के लिहाज से कई अहम बदलाव किए गए हैं:

  • फेस ऑथेंटिकेशन: उपयोगकर्ता अब केवल चेहरे के स्कैन के जरिए अपनी पहचान सत्यापित कर सकेंगे.
  • बायोमेट्रिक लॉक: अपनी उंगलियों के निशान (Fingerprint) और पुतलियों (Iris) के विवरण को सीधे कंसोल में सुरक्षित किया जा सकता है, जिससे अनधिकृत उपयोग को रोका जा सकेगा.
  • सिलेक्टिव शेयर (Selective Share): पुराने ऐप की तरह अब सत्यापन के दौरान पूरा विवरण साझा करने की जरूरत नहीं होगी. उपयोगकर्ता अपनी संवेदनशीलता के आधार पर कुछ हिस्सों (जैसे केवल फोटो, नाम या उम्र) को छिपाकर एक सुरक्षित क्यूआर (QR) कोड जनरेट कर सकेंगे. यह भी पढ़ें: Google Wallet में अब आधार सपोर्ट: भारत में डिजिटल पहचान हुई और भी आसान; जानें इसके फायदे और इस्तेमाल का तरीका

ऑटोमैटिक ट्रांसफर नहीं होगा डेटा, करना होगा मैनुअल सेटअप

UIDAI ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा नियमों और पूरी तरह से नए आर्किटेक्चर के कारण पुराने mAadhaar ऐप का डेटा नए प्लेटफॉर्म पर अपने आप ट्रांसफर (Migrate) नहीं होगा. इसलिए, वर्तमान में पुराने ऐप का उपयोग कर रहे नागरिकों को नया आधिकारिक ऐप डाउनलोड करके अपनी प्रोफाइल को शुरू से दोबारा बनाना होगा.

इस प्रक्रिया के लिए उपयोगकर्ताओं को अपनी पहचान का विवरण दर्ज करना होगा, पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी (OTP) से सत्यापन करना होगा और पहली बार अपना फेस स्कैन पूरा करना होगा. यह नया ऐप 13 भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करता है और इसके जरिए एक ही स्मार्टफोन में परिवार के अधिकतम पांच सदस्यों की प्रोफाइल को जोड़ा जा सकता है.