Beijing Summit: 'पुतिन को यूक्रेन पर हमले का हो सकता है पछतावा', डोनाल्ड ट्रंप से बैठक में बोले शी जिनपिंग; रिपोर्ट में दावा
डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग (Photo Credits: File Image)

बीजिंग/वाशिंगटन, 19 मई: वैश्विक महाशक्तियों के बीच जारी कूटनीतिक हलचलों के बीच एक बेहद चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है. 'फाइनेंशियल टाइम्स' (FT) की एक रिपोर्ट के अनुसार, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Chinese President Xi Jinping) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) के साथ बीजिंग (Beijing) में हुई अपनी हालिया बैठक के दौरान कहा है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Russian President Vladimir Putin) को अंततः यूक्रेन (Ukraine) पर पूर्ण पैमाने पर आक्रमण (Invasion) करने के अपने फैसले पर पछतावा हो सकता है. अमेरिकी अधिकारियों द्वारा इस शिखर सम्मेलन के किए गए मूल्यांकन से वाकिफ सूत्रों के हवाले से यह दावा किया गया है.  हालांकि, ट्रंप प्रशासन ने इस बातचीत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. यह भी पढ़ें: Iran-US Conflict: डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के जवाब को बताया 'पूरी तरह अस्वीकार्य', खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर

यूक्रेन युद्ध पर शी जिनपिंग का बदला रुख?

राजनयिक गलियारों में इस संभावित बातचीत को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि शी जिनपिंग ने ऐतिहासिक रूप से रूसी राष्ट्रपति पुतिन या यूक्रेन युद्ध पर सीधे तौर पर अपनी व्यक्तिगत राय व्यक्त करने से हमेशा परहेज किया है.

रिपोर्ट बताती है कि बीजिंग बैठक के दौरान जिनपिंग की यह कथित टिप्पणी उनके पिछले रुख की तुलना में कहीं अधिक स्पष्ट और सीधी थी. इससे पहले पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ हुईं बैठकों में भी चीन ने हमेशा खुद को यूक्रेन संघर्ष में एक तटस्थ (Neutral) पक्ष के रूप में पेश किया है, भले ही उसने रूस के साथ अपने करीबी रणनीतिक संबंधों को बनाए रखा हो.

ICC के खिलाफ ट्रंप का तीन देशों की त्रिमूर्ति का प्रस्ताव

इस द्विपक्षीय बैठक के दौरान न केवल यूक्रेन युद्ध, बल्कि व्यापक भू-राजनीतिक समन्वय पर भी विस्तृत चर्चा हुई. रिपोर्ट में एक और बड़ा दावा किया गया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) के खिलाफ अमेरिका, चीन और रूस के बीच एक विशेष सहयोग का प्रस्ताव रखा है.

ट्रंप का तर्क है कि इस मुद्दे पर इन तीनों महाशक्तियों के रणनीतिक हित आपस में मेल खाते हैं. गौरतलब है कि ट्रंप प्रशासन पहले भी आईसीसी (ICC) की तीखी आलोचना कर चुका है और उस पर अंतरराष्ट्रीय कानूनी मामलों में पक्षपात व अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर काम करने का आरोप लगाता रहा है. हालांकि, बीजिंग शिखर सम्मेलन के बाद ट्रंप प्रशासन द्वारा जारी किए गए आधिकारिक फैक्ट शीट में यूक्रेन युद्ध या आईसीसी से जुड़ी इस चर्चा का कोई जिक्र नहीं किया गया था.

पुतिन के चीन दौरे और संधि की 25वीं वर्षगांठ के बीच चर्चा

शी जिनपिंग और डोनाल्ड ट्रंप के बीच यह कथित बातचीत ऐसे समय में सामने आई है जब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जल्द ही चीन के आधिकारिक दौरे पर जाने वाले हैं. रूस और चीन ने साल 2022 में यूक्रेन पर हुए हमले से ठीक पहले अपने संबंधों को "नो-लिमिट्स पार्टनरशिप" (बिना सीमाओं वाली साझेदारी) के रूप में घोषित किया था.

पुतिन का यह आगामी दौरा पूर्व चीनी राष्ट्रपति जियांग जेमिन के कार्यकाल के दौरान हस्ताक्षरित 'रूस-चीन मित्रता संधि' की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर हो रहा है. यह भी पढ़ें: India-Pakistan War: चीन ने दावा, पिछले साल भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान पाकिस्तान को दिया था तकनीकी समर्थन

चार साल बाद भी सैन्य गतिरोध और ड्रोन युद्ध

यह कूटनीतिक सरगर्मी ऐसे समय में हो रही है जब रूस-यूक्रेन युद्ध चार साल से अधिक समय की भीषण लड़ाई के बाद भी एक लंबे सैन्य गतिरोध (Military Stalemate) में फंसा हुआ है. वर्तमान में यूक्रेनी सेनाओं द्वारा ड्रोन युद्ध (Drone Warfare) पर निर्भरता अत्यधिक बढ़ गई है. अमेरिकी कांग्रेस सदस्य ब्रेंडन बॉयल ने हाल ही में यूक्रेन के इस युद्ध कौशल की सराहना करते हुए कहा था, 'बहादुर यूक्रेनियनों ने युद्ध के तौर-तरीकों को उसी तरह बदल दिया है जैसे प्रथम विश्व युद्ध ने 21वीं सदी के लिए युद्ध को नए सिरे से परिभाषित किया था.'

यूक्रेन लगातार रूसी क्षेत्र और मॉस्को के करीबी इलाकों पर ड्रोन हमले कर रहा है, जिसे यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने कीव पर हुए रूसी हमलों के जवाब में "पूरी तरह से तर्कसंगत" बताया है. हालांकि, पुतिन ने हाल ही में संकेत दिया था कि यह संघर्ष "समाप्ति की ओर" बढ़ सकता है, लेकिन जमीन पर फिलहाल किसी औपचारिक शांति समझौते की रूपरेखा तैयार नहीं हो सकी है.