कोलकाता, 19 मई: पश्चिम बंगाल (West Bengal) की राजनीति में एक बार फिर टकराव की स्थिति तेज हो गई है. तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) के स्वामित्व या सह-स्वामित्व वाली कोलकाता की 17 संपत्तियों को कोलकाता नगर निगम (KMC) द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है. इस कार्रवाई पर मंगलवार को अपनी पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया देते हुए अभिषेक बनर्जी ने स्पष्ट किया कि राज्य की नई भारतीय जनता पार्टी (BJP) समर्थित सरकार चाहे जो भी कदम उठा ले, वे उनके सामने कभी आत्मसमर्पण नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि चाहे उनका घर ही क्यों न ढहा दिया जाए, वे अपनी राजनीतिक लड़ाई जारी रखेंगे. यह भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: नंदीग्राम से भवानीपुर तक, इन VIP सीटों पर टिकी हैं सबकी निगाहें
'घर भी गिरा दें, लेकिन मैं झुकूंगा नहीं'
अभिषेक बनर्जी ने यह कड़ा रुख कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस की सर्वोच्च नेता ममता बनर्जी की अध्यक्षता में आयोजित नवनिर्वाचित पार्टी विधायकों की एक उच्च स्तरीय बैठक में व्यक्त किया।
बैठक में उपस्थित नेताओं को संबोधित करते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा, 'उन्हें जो पसंद हो, वे करने के लिए स्वतंत्र हैं. वे मुझे कानूनी नोटिस भेज सकते हैं, यहाँ तक कि वे मेरा घर भी गिरा सकते हैं, लेकिन मैं कभी उनके सामने नहीं झुकूंगा. चाहे जो भी परिस्थितियां आएं, मैं भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ अपनी लड़ाई और तेज करूंगा.'
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी पर साधा निशाना
बैठक में मौजूद टीएमसी के एक मौजूदा विधायक के अनुसार, अभिषेक बनर्जी ने अपने संबोधन के दौरान राज्य के वर्तमान मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी पर बेहद तीखा और सीधा हमला बोला. उन्होंने दावा किया कि इन सभी नोटिसों और कार्रवाइयों के पीछे मुख्यमंत्री का ही दिमाग है और वे राजनीतिक प्रतिशोध के तहत ये साजिशें रच रहे हैं.
अभिषेक बनर्जी ने बैठक में कहा, 'मैंने वर्तमान मुख्यमंत्री जैसा नेता अपने पूरे राजनीतिक जीवन में कभी नहीं देखा. एक ऐसा व्यक्ति जो कभी कैमरे पर पैसे लेते हुए देखा गया था, वह आज राज्य का मुख्यमंत्री बना बैठा है.'
केएमसी (KMC) पर टीएमसी का नियंत्रण और विरोधाभास
इस पूरे घटनाक्रम में एक दिलचस्प प्रशासनिक विरोधाभास भी सामने आया है. दरअसल, जिस कोलकाता नगर निगम (KMC) ने अभिषेक बनर्जी की संपत्तियों को नोटिस थमाया है, उसका बोर्ड अभी भी तकनीकी और व्यावहारिक रूप से तृणमूल कांग्रेस के नियंत्रण में है. चार बार के टीएमसी विधायक और पूर्व शहरी विकास मंत्री फिरहाद हाकिम वर्तमान में भी कोलकाता के मेयर पद पर आसीन हैं. ऐसे में निगम की ओर से आई इस कार्रवाई को राज्य की नई प्रशासनिक व्यवस्था और दबाव से जोड़कर देखा जा रहा है.
21 मई को टीएमसी का महा-प्रदर्शन और पुनर्मतदान
इस बैठक में तृणमूल कांग्रेस ने सरकार की बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ सड़कों पर उतरने का एक बड़ा फैसला लिया है. पार्टी आगामी 21 मई को कोलकाता के प्रमुख रेलवे स्टेशनों—हावड़ा, सियालदह और बालीगंज के पास बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करेगी. यह प्रदर्शन शहर भर में कथित तौर पर अवैध निर्माणों और दुकानों को हटाने के लिए किए जा रहे बुलडोजर के इस्तेमाल के खिलाफ होगा.
गौरतलब है कि इसी दिन यानी 21 मई को दक्षिण 24 परगना जिले की हाई-प्रोफाइल फाल्टा विधानसभा सीट पर पुनर्मतदान (Re-polling) भी होना निर्धारित है, जिसके चलते इस दिन होने वाले राजनीतिक प्रदर्शनों पर पूरे राज्य की निगाहें टिकी रहेंगी.













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