वृंदावन, 19 मई: देश-विदेश में करोड़ों भक्तों की आस्था के केंद्र और वृंदावन (Vrindavan) के सुप्रसिद्ध संत श्रद्धेय श्री प्रेमानंद महाराज जी (Shri Premanand Maharaj Ji) का स्वास्थ्य अचानक बिगड़ गया है. इसके चलते उनकी दैनिक अलसुबह होने वाली 'पदयात्रा' और निजी 'एकांतिक दर्शन' कार्यक्रम को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है. यह घोषणा रविवार, 17 मई की सुबह उस वक्त की गई जब हजारों की संख्या में श्रद्धालु महाराज जी की एक झलक पाने और उनके दर्शन करने के लिए केली कुंज आश्रम के बाहर एकत्रित हुए थे. यह भी पढ़ें: VIDEO: अब कैसी है Premanand Ji Maharaj की तबीयत? अफवाहों के बीच भक्तों ने ली राहत की सांस, जानें लेटेस्ट अपडेट
लाउडस्पीकर से की गई यात्रा रद्द होने की घोषणा
डिजिटल प्लेटफॉर्म और वास्तविक जीवन में एक विशाल अनुयायी वर्ग रखने वाले प्रेमानंद महाराज जी रोजाना सुबह करीब 3:00 बजे केली कुंज आश्रम से अपनी आध्यात्मिक पदयात्रा शुरू करते हैं. हालांकि, रविवार तड़के महाराज जी अपनी इस दिनचर्या के लिए बाहर नहीं आए.
इसके बजाय, उनके शिष्यों ने लाउडस्पीकर के माध्यम से मार्ग पर खड़े भक्तों को सूचित किया कि महाराज जी के अस्वस्थ होने के कारण आज से यह यात्रा रद्द की जा रही है. सेवादारों ने घोषणा में कहा, 'हम सभी से अनुरोध करते हैं कि महाराज जी के खराब स्वास्थ्य के कारण आज से पदयात्रा रद्द की जा रही है. कृपया कोई भी सड़क के किनारे खड़े होकर भीड़ न लगाएं.'
दर्शन न होने से मायूस हुए हजारों श्रद्धालु
स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वीकेंड (सप्ताहांत) होने के कारण रविवार तड़के केली कुंज आश्रम से सौभरी वन तक के करीब 1.5 किलोमीटर के मार्ग पर भक्तों का हुजूम उमड़ा हुआ था. आम दिनों में इस पदयात्रा में लगभग 20,000 श्रद्धालु शामिल होते हैं, जबकि शनिवार और रविवार को यह संख्या लाखों में पहुंच जाती है.
अचानक दर्शन बंद होने की सूचना से कई भक्त मायूस हो गए, हालांकि सभी ने महाराज जी के स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करना शुरू कर दिया है. बाराबंकी से सपरिवार आए श्रद्धालु राजू गुप्ता ने कहा, "हमें बताया गया कि महाराज जी की तबीयत ठीक नहीं है, इसलिए दर्शन नहीं हो पाएंगे। हम राधारानी से प्रार्थना करते हैं कि वे जल्द स्वस्थ हों." वहीं, अन्य श्रद्धालुओं ने भी महाराज जी के दीर्घायु होने की कामना की है.
21 वर्षों से किडनी की गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं महाराज
केली कुंज आश्रम के प्रतिनिधियों के अनुसार, प्रेमानंद महाराज जी पिछले लगभग 21 वर्षों से किडनी (वृक्क) से जुड़ी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं और उनकी दोनों किडनियां लंबे समय से फेल हैं. हाल के दिनों में उनका शारीरिक स्वास्थ्य अधिक संवेदनशील हो गया है, जिसके कारण डॉक्टरों की सलाह पर सार्वजनिक कार्यक्रमों और 'एकांतिक वार्तालाप' को अस्थाई रूप से पूरी तरह रोक दिया गया है.
आश्रम प्रबंधन ने हालांकि कोई विस्तृत मेडिकल बुलेटिन जारी नहीं किया है, लेकिन उन्होंने सोशल मीडिया पर नेटिजन्स और भक्तों से महाराज जी के स्वास्थ्य को लेकर किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी या अफवाहें न फैलाने की सख्त अपील की है. आश्रम ने कहा है कि आधिकारिक चैनलों के माध्यम से ही भविष्य की सूचनाएं साझा की जाएंगी. यह भी पढ़ें: How to Meet Premanand Maharaj: प्रेमानंद महाराज से कैसे मिले? यहां जानें आश्रम का पता और बुकिंग से जुड़ी सभी जानकारी
आध्यात्मिक सफर और देशव्यापी प्रभाव
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के अखरी गांव में अनिरुद्ध कुमार पांडेय के रूप में जन्मे महाराज जी ने महज 13 वर्ष की अल्पायु में ही आध्यात्मिक जीवन की खोज में अपना घर छोड़ दिया था. उन्होंने सन्यास की दीक्षा लेने के बाद गुरु गौरी शरण जी महाराज से राधावल्लभ संप्रदाय में दीक्षा प्राप्त की और वृंदावन को अपनी कर्मस्थली बनाया.
राधा-कृष्ण की अनन्य भक्ति और उनके सरल, मर्मस्पर्शी उपदेशों के कारण आज वे वैश्विक स्तर पर जाने जाते हैं. उनकी दैनिक पदयात्रा केवल एक शारीरिक गतिविधि नहीं, बल्कि हजारों भक्तों के लिए दिन की शुरुआत का मुख्य आध्यात्मिक आधार बन चुकी थी.













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