तेलंगाना पर मंडराया बाढ़ का खतरा, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी- प्रशासन हाई अलर्ट पर
भारतीय मौसम विभाग ने तेलंगाना में भारी बारिश की संभावना जताई है. उत्तरी अंडमान सागर के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के और मजबूत होने से अगले 48 घंटों में तेलंगाना में भारी से बहुत भारी बारिश होने की उम्मीद है. जिसके चलते पूरा प्रशासन हाई अलर्ट पर है. जानमाल की हानि टालने के लिए राज्य सरकार हरसंभव कदम उठा रही है.
हैदराबाद: भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने तेलंगाना (Telangana) में भारी बारिश की संभावना जताई है. उत्तरी अंडमान सागर के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के और मजबूत होने से अगले 48 घंटों में तेलंगाना में भारी से बहुत भारी बारिश होने की उम्मीद है. जिसके चलते पूरा प्रशासन हाई अलर्ट पर है. जानमाल की हानि टालने के लिए राज्य सरकार हरसंभव कदम उठा रही है.
तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव (K Chandrasekhar Rao) ने लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा है. रविवार को भी राज्य के कई स्थानों से भारी बारिश की सूचना मिली है. आईएमडी ने सोमवार और मंगलवार को भी राज्य के तटीय इलाकों में भीषण बारिश की भविष्यवाणी की है. देश में चार महीने के मानसून के दौरान ‘‘सामान्य से ज्यादा’’ बारिश हुई: मौसम विभाग
CM K Chandrasekhar Rao instructed Chief Secretary Somesh Kumar to keep the entire official machinery on high alert. The CM also asked the people to be alert as the heavy rainfall may cause floods: Telangana Chief Minister's Office (CMO) https://t.co/dIs1YqIumH
— ANI (@ANI) October 11, 2020
तेलंगाना मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने बताया कि सीएम के चंद्रशेखर राव ने मुख्य सचिव सोमेश कुमार (Somesh Kumar) को पूरी आधिकारिक मशीनरी को हाई अलर्ट पर रखने के निर्देश दिए है. साथ ही मुख्यमंत्री ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है. दरअसल राज्य में भारी बारिश से बाढ़ (Flood) आने का खतरा मंडरा रहा है.
उत्तरी अंडमान सागर के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के और मजबूत होने और इसके पूर्वी तट की ओर बढ़ने से ओडिशा से लेकर आंध्र प्रदेश के तट तक और कर्नाटक एवं तेलंगाना में तेज बारिश हो रही है. आईएमडी ने चेतावनी देते हुए बताया कि इस इलाके में कम दबाव का क्षेत्र 9 अक्टूबर को बना जो आगे चलकर और मजबूत हो गया.
बता दें कि कम दबाव का क्षेत्र चक्रवात बनने का पहला चरण है लेकिन यह जरूरी नहीं है कि प्रत्येक कम दबाव का क्षेत्र चक्रवात में ही तब्दील हो. हालांकि, सामान्यत: अक्टूबर के महीने में बंगाल की खाड़ी में चक्रवात बनते हैं और पूर्वी तट से टकराते हैं.
आईएमडी ने ओडिशा, आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी और तमिलनाडु के अपतटीय क्षेत्र में मछुआरों को रविवार से सोमवार दोपहर तक पानी में नहीं जाने की सलाह दी है. जबकि बंगाल की खाड़ी में गए मछुआरों को भी तट पर लौटने के लिए कहा गया है. (एजेंसी इनपुट के साथ)
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 11, 2020 05:44 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

