Gemini Watermark, Wedding Card Photo: अवॉर्ड के लिए AI इमेज का किया इस्तेमाल? Gemini वॉटरमार्क और वेडिंग कार्ड फोटो पर बवाल, IAS टीना डाबी–रिया डाबी सवालों में घिरीं
जल शक्ति मंत्रालय ने 30 दिसंबर को इन आरोपों को खारिज कर दिया कि उद्घाटन जल संचय जन भागीदारी पुरस्कार एआई-जनित या धोखाधड़ी वाली छवियों के उपयोग के माध्यम से सुरक्षित किए गए थे. एक बयान में, मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इसकी मूल्यांकन प्रक्रिया बहु-स्तरीय जांच द्वारा संरक्षित है और सोशल मीडिया पर प्रसारित विवादास्पद छवियां पुरस्कार मूल्यांकन पोर्टल से संबंधित नहीं हैं.
नई दिल्ली, 31 दिसंबर 2025: सोशल मीडिया पर एक बड़े विवाद ने जनसंचार माध्यमों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर धूम मचा दी है, जिसमें आरोप लगाए जा रहे हैं कि कुछ आईएएस अधिकारियों ने राष्ट्रीय जल पुरस्कार- “जल संचय एवं जन भागीदारी अवॉर्ड”- जीतने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार फोटो तथा संदिग्ध दस्तावेज़ पेश किए. यह विवाद नवंबर में दिए गए छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार और जल संचय जन भागीदारी पुरस्कार 2025 पर केंद्रित है. यह आरोप खंडवा जिला कलेक्टर ऋषव गुप्ता (ऋषभ गुप्ता), जिला पंचायत सीईओ नागार्जुन बी गौड़ा, मंचेरियल जिला कलेक्टर कुमार दीपक, बाड़मेर जिला कलेक्टर टीना डाबी और उनकी बहन और उदयपुर जिला पंचायत सीईओ रिया डाबी पर लगे हैं. यह भी पढ़ें: Tina Dabi Marriage: दोबारा शादी कर रहीं IAS टीना डाबी, इस अधिकारी संग लेंगी सात फेरे, सगाई की तस्वीरे हुई वायरल
आरोप लगा हैं कि इन आईएएस अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज़ में फेक डेटा और जल संरचनाओं की एआई-जनित छवियां शामिल थीं जो जमीन पर मौजूद नहीं हैं. हालांकि, अधिकारियों के साथ-साथ जल शक्ति मंत्रालय ने भी आरोपों का खंडन किया है.
ऋषव गुप्ता (ऋषभ गुप्ता) और नागार्जुन बी गौड़ा
केंद्र सरकार द्वारा 11 नवंबर को घोषित छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार के तहत मध्य प्रदेश के खंडवा जिले को जल संरचनाओं के निर्माण और संरक्षण के लिए राष्ट्रीय विजेता घोषित किया गया था. ऋषव गुप्ता और नागार्जुन गौड़ा ने 18 नवंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से पुरस्कार प्राप्त किया. हालांकि, दैनिक भास्कर की एक जांच से पता चला कि जिला प्रशासन ने 11 तालाबों और 150 बत्तख कुओं के निर्माण का झूठा दावा किया था, जो कथित तौर पर जमीन पर मौजूद नहीं हैं.
दैनिक भास्कर के मुताबिक, डाक्यूमेंट्स में जल संरक्षण संरचनाओं की सिंथेटिक तस्वीरें थीं जो जमीन पर मौजूद नहीं हैं. इनमें से कुछ छवियों में कथित तौर पर दृश्यमान "Google जेमिनी" वॉटरमार्क दिखाई दे रहे हैं.
कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने आरोपों को लेकर मध्य प्रदेश सरकार की आलोचना की:
जहाँ भाजपा सरकार को हमारे बच्चों को AI का सदुपयोग सिखाना चाहिए, वहीं वह खुद AI से भ्रष्टाचार कर रही है।
खंडवा में भाजपा सरकार के अधिकारियों ने जल संरक्षण के नाम पर दो फीट के गड्ढों को AI से कुआँ बना दिया और पूरे क्षेत्र में तरह तरह के विकास कार्यों की AI से बनाई गई तस्वीरें… pic.twitter.com/ya4gLLTUmf
— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) December 29, 2025
खंडवा प्रशासन ने आरोपों का खंडन किया
जिला प्रशासन ने आरोपों को खारिज कर दिया और दो अलग-अलग डिजिटल प्लेटफार्मों के उपयोग पर केंद्रित एक तकनीकी बचाव की पेशकश की. 30 दिसंबर को एक संवाददाता सम्मेलन में, गौड़ा ने स्पष्ट किया कि यह पुरस्कार जल संचय जन भागीदारी पोर्टल पर अपलोड की गई 1.29 लाख सत्यापित तस्वीरों के आधार पर जीता गया था, जिनका केंद्रीय टीमों द्वारा भौतिक ऑडिट किया गया था.
उन्होंने स्वीकार किया कि कैच द रेन पोर्टल पर 21 एआई-जनित छवियां पाई गईं, लेकिन दावा किया कि यह एक शैक्षिक मंच था और पुरस्कार चयन प्रक्रिया में इसकी कोई भूमिका नहीं थी. समाचार एजेंसी पीटीआई ने गौड़ा के हवाले से कहा, "जिला प्रशासन ने पाया है कि एआई के माध्यम से उत्पन्न 21 छवियां कैच द रेन पोर्टल पर अपलोड की गई थीं. यह संभवतः दुर्भावनापूर्ण इरादे से किया गया था. जिला प्रशासन इन छवियों को अपलोड करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है."
टीना डाबी और रिया डाबी पर लगाए गए आरोप
कुछ सोशल मीडिया पोस्टों में आरोप लगाया गया कि टीना डाबी और रिया डाबी, जिन्हें छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार और जल संचय जन भागीदारी पुरस्कार 2025 में भी सम्मानित किया गया था, ने अपने संबंधित जिलों के लिए पुरस्कार सुरक्षित करने के लिए गलत तस्वीरें अपलोड कीं. आरोप है कि टीना ने एक ही फोटो को कई बार अपलोड किया और रिया के दस्तावेजों में एक शादी के निमंत्रण कार्ड की फोटो थी.
टीना डाबी ने आरोपों को किया खारिज
बीते 30 दिसंबर को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, टीना डाबी ने जिले के जल संरक्षण प्रयासों में अनियमितताओं के आरोपों का जोरदार खंडन किया, और सोशल मीडिया पोस्ट को "निराधार, भ्रामक और भ्रमपूर्ण" करार दिया. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विवादास्पद स्क्रीनशॉट पुराने जल शक्ति अभियान पोर्टल से उत्पन्न हुए हैं, जो जिले में सूचना, शिक्षा और संचार (आईईसी) गतिविधियों का दस्तावेजीकरण करता है. हालाँकि, बाड़मेर को जो पुरस्कार मिला वह विशेष रूप से जल संचय जनभागीदारी कार्यक्रम के लिए था.
टीना डाबी ने जनता से अलग-अलग पोर्टलों पर कहा कि ये पोस्ट बिना किसी आधार के जल शक्ति अभियान पोर्टल से असंबंधित डेटा को हमारे जेएसजेबी पुरस्कार से जोड़ रहे हैं. उन्होंने आश्वासन दिया कि पोर्टल पर किसी भी गलत अपलोड की जांच की जाएगी, गलत पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सुधारात्मक कार्रवाई और संभावित अनुशासनात्मक उपाय किए जाएंगे.
कलेक्टर ने सुझाव दिया कि गलत सूचना अभियान का उद्देश्य प्रशासन की प्रतिष्ठा को धूमिल करना और जल संरक्षण में बाड़मेर की उपलब्धियों को कमजोर करना है. उन्होंने कहा कि हम भाग्यशाली हैं कि हमें माननीय राष्ट्रपति से यह सम्मान मिला और इस तरह के प्रयास हमारे जिले के गौरव को कम करना चाहते हैं.
आखिरकार बाड़मेर जिला कलेक्टर टीना डाबी ने चुप्पी तोड़ते हुए सोशल मीडिया पर चल रही भ्रामक बातों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है ।@BarmerDm pic.twitter.com/XgXhZFTIOH
— Ashok Shera (@ashokshera94) December 30, 2025
रिया डाबी पर लगे आरोपों पर उदयपुर कलेक्टर ने दिया जवाब
सोशल मीडिया पर आरोप लगाया गया है कि रिया के दस्तावेज़ों में एक शादी के निमंत्रण कार्ड की तस्वीर थी, उदयपुर कलेक्टर के आधिकारिक एक्स अकाउंट ने पोस्ट किया कि सीईओ (रिया डाबी) द्वारा हाल ही में प्राप्त पुरस्कार के संबंध में इस पोर्टल (जल शक्ति अभियान) पर अपलोड किए गए फोटो-डेटा का कोई संबंध नहीं है. पोस्ट पूरी तरह से भ्रामक है.
हालाँकि, कलेक्टर ने स्वीकार किया कि "कर्मचारियों की गलती के कारण" जल संरचना के बजाय कैच द रेन (सीटीआर) पोर्टल पर एक शादी के निमंत्रण कार्ड की तस्वीर अपलोड की गई थी. रिया पर लगे आरोपों को खारिज करने के लिए जल संरचना की मूल तस्वीरें भी साझा की गईं.
JSA CTR पोर्टल पर उदयपुर के गोगुंदा के कूकड़ा खेड़ा पंचायत कार्मिक की गलती से पानी के स्ट्रक्चर की जगह शादी के कार्ड की फोटो अपलोड हो गई थी। हाल ही में सीईओ को मिले अवार्ड का इस पोर्टल पर अपलोड फोटो–डाटा से कोई संबंध नहीं है।पोस्ट पूरी तरह भ्रामक है।@PMOIndia@RajCMO@khurpenchh pic.twitter.com/WSb1jF5AIY
— Udaipur District Collector & Magistrate (@UdaipurDm) December 30, 2025
जल शक्ति मंत्रालय ने विवाद पर जारी किया स्पष्टीकरण
जल शक्ति मंत्रालय ने 30 दिसंबर को इन आरोपों को खारिज कर दिया कि उद्घाटन जल संचय जन भागीदारी पुरस्कार एआई-जनित या धोखाधड़ी वाली छवियों के उपयोग के माध्यम से सुरक्षित किए गए थे. एक बयान में, मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इसकी मूल्यांकन प्रक्रिया बहु-स्तरीय जांच द्वारा संरक्षित है और सोशल मीडिया पर प्रसारित विवादास्पद छवियां पुरस्कार मूल्यांकन पोर्टल से संबंधित नहीं हैं.
एआई-जनित दृश्यों के संबंध में विशिष्ट दावों को संबोधित करते हुए- जिनमें से कुछ में कथित तौर पर जेमिनी वॉटरमार्क शामिल थे. मंत्रालय ने बताया कि ये छवियां कैच द रेन (सीटीआर) पोर्टल पर पाई गईं, न कि जल संचय जन भागीदारी पुरस्कार डैशबोर्ड पर.
सीटीआर पोर्टल सार्वजनिक जागरूकता और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए बनाया गया एक अलग मंच है. जबकि मंत्रालय ने स्वीकार किया कि सीटीआर पोर्टल पर कम संख्या में डुप्लिकेट या सिंथेटिक छवियों का पता चला था, उसने कहा कि इन प्रविष्टियों का पुरस्कार प्रक्रिया पर "कोई असर नहीं" था. स्थानीय जिला प्रशासन ने आंतरिक लक्ष्यों को पूरा करने के लिए इन छवियों को अपलोड करने वाले फील्ड कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करना शुरू कर दिया है.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 31, 2025 01:46 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

