VIDEO: फर्जी ज्वाइनिंग लेटर थमाए, मेडिकल टेस्ट के लिए जम्मू-कश्मीर से आगरा बुलाया; टेरेटोरियल आर्मी में नौकरी के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा
यूपी के आगरा में टेरेटोरियल आर्मी (टीए) में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है. लखनऊ मिलिट्री इंटेलिजेंस और यूपी एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में इस ठगी रैकेट का भंडाफोड़ हुआ.
Agra Shocker: यूपी के आगरा में टेरेटोरियल आर्मी (टीए) में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है. लखनऊ मिलिट्री इंटेलिजेंस और यूपी एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में इस ठगी रैकेट का भंडाफोड़ हुआ. तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो अभी फरार हैं. पकड़े गए आरोपियों की पहचान सुनील कुमार (निवासी सांबा, जम्मू-कश्मीर), बलवंत सिंह (निवासी कठुआ, जम्मू-कश्मीर) और अजय कुमार यादव (निवासी फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है. यह गिरोह खेरिया मोड़, आईएसबीटी के पास स्थित एक होटल में ठहरा हुआ था, जहां से इन्हें दबोचा गया.
प्रारंभिक पूछताछ में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है कि इन लोगों ने जम्मू-कश्मीर के अलग-अलग जिलों से करीब 24 युवाओं को नौकरी का लालच देकर आगरा बुलाया था.
आर्मी में नौकरी के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा
उत्तर प्रदेश – आगरा में मिलिट्री इंटेलिजेंस और STF ने सेना भर्ती के नाम पर ठगने वाला गैंग पकड़ा। दलाल सुनील कुमार, बलवंत सिंह, अजय यादव सहित 24 अभ्यर्थी गिरफ्तार। ये दलाल इन सभी को इंडियन टेरिटोरियल आर्मी में नौकरी दिलाने के नाम पर सांबा और कठुआ से आगरा लाए थे। फर्जी ज्वाइनिंग… pic.twitter.com/5DZhL5YnHh
— Sachin Gupta (@SachinGuptaUP) June 8, 2025
फर्जी ज्वाइनिंग लेटर थमाए
आरोपियों ने इन अभ्यर्थियों को फर्जी ज्वाइनिंग लेटर थमाए और मेडिकल के बहाने होटलों में ठहराया. हर अभ्यर्थी से सात से आठ लाख रुपये लिए गए थे. बताया जा रहा है कि उम्मीदवारों को विश्वास दिलाने के लिए नकली दस्तावेज, आर्मी यूनिफॉर्म और अन्य कागजातों का सहारा लिया गया था. गिरफ्तार आरोपियों के पास से भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज बरामद हुए हैं. इनमें टीए ज्वाइनिंग लेटर, मेडिकल टेस्ट स्लिप, यूनिफॉर्म संबंधित सामग्री और नकद रकम शामिल है.
पूछताछ में इस बात का भी खुलासा हुआ कि इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड जम्मू का रहने वाला एक शख्स है, जिसकी तलाश अभी जारी है.
बेरोजगार युवा बन रहे निशाना
जांच एजेंसियों का कहना है कि यह रैकेट पिछले कुछ वर्षों से सक्रिय था और बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाकर सेना में नौकरी का सपना दिखाता था. एसटीएफ अधिकारियों ने बताया कि जल्द ही अन्य अभ्यर्थियों और इस नेटवर्क से जुड़े बाकी लोगों की पहचान कर ली जाएगी. मामले की तह में जाने के लिए आरोपियों से लगातार पूछताछ जारी है.
फिलहाल 24 अभ्यर्थियों को पुलिस की निगरानी में रखा गया है और उनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 08, 2025 05:12 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

