BRICS India 2026; विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S. Jaishankar) ने मंगलवार को 'ब्रिक्स 2026' (BRICS 2026) के लिए आधिकारिक लोगो और वेबसाइट का अनावरण किया. इस वर्ष भारत इस प्रभावशाली बहुपक्षीय मंच की अध्यक्षता कर रहा है. यह वर्ष ब्रिक्स के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि 2006 में अपनी स्थापना के बाद यह समूह 2026 में अपनी 20वीं वर्षगांठ मना रहा है। लॉन्च के दौरान जयशंकर ने स्पष्ट किया कि भारत की अध्यक्षता का मुख्य केंद्र वैश्विक कल्याण और एक समावेशी भविष्य का निर्माण होगा.
नया लोगो: परंपरा और आधुनिकता का संगम
भारत द्वारा जारी किया गया नया लोगो कमल (Lotus) से प्रेरित है, जो भारतीय संस्कृति में लचीलेपन और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है. लोगो की पंखुड़ियों में ब्रिक्स के सभी सदस्य देशों के झंडों के रंगों को शामिल किया गया है, जो विविधता में एकता का संदेश देते हैं. यह भी पढ़े: PM Modi Returns to India: पीएम मोदी 5 देशों की यात्रा के बाद लौटे भारत, ब्राज़ील में 17वें BRICS शिखर सम्मेलन में हुए थे शामिल
BRICS India 2026 का लोगो और वेबसाइट लॉन्च
Speaking at the launch of BRICS India 2026 Website, Logo and Theme. https://t.co/LLZb16y9VA
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) January 13, 2026
लोगो के केंद्र में 'नमस्ते' (Namaste) की मुद्रा है, जो आपसी सम्मान और सहयोग की भारतीय भावना को दर्शाती है। इसके साथ ही एक सशक्त टैगलाइन भी दी गई है: "लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण" (Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability).
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत 'मानवता प्रथम' (Humanity-first) और लोगों पर केंद्रित दृष्टिकोण के साथ इस समूह का नेतृत्व करेगा। विदेश मंत्री ने कहा कि आज की दुनिया भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और आर्थिक चुनौतियों से जूझ रही है, ऐसे में ब्रिक्स एक मजबूत मंच के रूप में उभरा है.
वर्तमान में ब्रिक्स में कुल 11 पूर्ण सदस्य शामिल हैं:
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संस्थापक सदस्य: ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका.
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नए सदस्य: मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और इंडोनेशिया (2025 में शामिल).
वैश्विक अर्थव्यवस्था में ब्रिक्स का बढ़ता कद
आंकड़ों के अनुसार, अब यह समूह दुनिया की लगभग 49.5 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व करता है। वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में इसकी हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत है और वैश्विक व्यापार में यह करीब 26 प्रतिशत का योगदान देता है.
लॉन्च की गई आधिकारिक वेबसाइट अब सभी सदस्य देशों के लिए सूचना साझा करने, आगामी बैठकों के विवरण और आधिकारिक दस्तावेजों के लिए एक केंद्रीय मंच के रूप में कार्य करेगी।
नवाचार और स्थिरता पर रहेगा जोर
भारत की अध्यक्षता के दौरान चार मुख्य क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा: लचीलापन (Resilience), नवाचार (Innovation), सहयोग (Cooperation) और स्थिरता (Sustainability)। जयशंकर ने जोर देकर कहा कि उभरती प्रौद्योगिकियों और स्टार्टअप्स के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाकर विकासशील देशों की सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों का समाधान निकाला जा सकता है.











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