भारत-अमेरिका संबंधों में नई गर्माहट: S Jaishankar ने अमेरिकी सीनेटर Steve Daines से की मुलाकात, ट्रेड और न्यूक्लियर डील पर चर्चा तेज
अमेरिकी सीनेटर स्टीव डेन्स, विदेश मंत्री एस जयशंकर (Photo Credits: X/@DrSJaishankar)

नई दिल्ली: भारत और अमेरिका (India And America) के बीच रणनीतिक साझेदारी को नया आयाम देने के लिए कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है. रविवार, 18 जनवरी 2026 को विदेश मंत्री (External Affairs Minister) एस. जयशंकर ने नई दिल्ली में अमेरिकी सीनेटर (US Senator) स्टीव डैन्स (Steve Daines) से मुलाकात की. इस बैठक में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के रणनीतिक महत्व और भविष्य की चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की.

जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर इस मुलाकात को 'खुली और व्यापक चर्चा' बताते हुए रणनीतिक सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम करार दिया. यह भी पढ़ें: VIDEO: भारत की अध्यक्षता में BRICS India 2026 का लोगो और वेबसाइट लॉन्च, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताईं वैश्विक प्राथमिकताएं

मार्को रुबियो के साथ फोन पर बातचीत: व्यापार और खनिज पर फोकस

सीनेटर डैन्स से मुलाकात से पहले, मंगलवार को विदेश मंत्री ने अमेरिकी विदेश मंत्री (Secretary of State) मार्को रुबियो के साथ फोन पर लंबी बातचीत की थी. इस बातचीत के मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे:

  • व्यापार वार्ता (Trade Talks): दोनों देशों के बीच लंबे समय से लंबित व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया.
  • महत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals): आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को सुरक्षित करने के लिए आपसी सहयोग.
  • रक्षा और ऊर्जा: इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा और नागरिक परमाणु सहयोग को आगे बढ़ाना.

अमेरिकी सीनेटर स्टीव डेन्स और विदेश मंत्री एस जयशंकर दिल्ली में मिले

परमाणु विधेयक 'शांति' (SHANTI Bill) की सराहना

अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, मार्को रुबियो ने भारत में हाल ही में पारित हुए सस्टेनेबल हार्नेसिंग एंड एडवांसमेंट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया (SHANTI) विधेयक की सराहना की है. अमेरिका ने इस नए कानून के माध्यम से नागरिक परमाणु सहयोग को मजबूत करने और अमेरिकी कंपनियों के लिए भारतीय बाजार में नए अवसर तलाशने की इच्छा जताई है. यह कानून भारत के 2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य का समर्थन करता है. यह भी पढ़ें: विदेश मंत्री जयशंकर ने डबलिन में जनरल पोस्ट ऑफिस संग्रहालय का दौरा किया, पूर्व प्रधानमंत्री लियो वराडकर से बातचीत की

नए राजदूत सर्जियो गोर का स्वागत

इस बीच, भारत में अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर ने 14 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपना परिचय पत्र (Credentials) सौंप दिया है. गोर ने कार्यभार संभालते ही भारत को अमेरिका का 'सबसे महत्वपूर्ण साझेदार' बताया. उन्होंने संकेत दिया कि अगले महीने दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय बैठकें हो सकती हैं, जिसमें भारत को 'पैक्स सिलिका' (Pax Silica) गठबंधन में शामिल होने का निमंत्रण दिया जा सकता है. यह गठबंधन वैश्विक सेमीकंडक्टर और AI तकनीक की सुरक्षित आपूर्ति श्रृंखला बनाने पर केंद्रित है.

निष्कर्ष और आगामी कदम

भारत और अमेरिका के बीच हालिया बातचीत यह स्पष्ट करती है कि दोनों देश व्यापारिक मतभेदों को सुलझाते हुए एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी की ओर बढ़ रहे हैं. अगले महीने प्रस्तावित जयशंकर-रुबियो बैठक से एक बड़े व्यापारिक समझौते की उम्मीद की जा रही है, जो 21वीं सदी की वैश्विक अर्थव्यवस्था की दिशा तय कर सकता है.